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General Science — Free MCQ Questions & Mock Test

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General Science ki taiyari ke liye 1368+ free MCQ questions, explanation ke saath — practice karein aur apni tayyari mazboot banayein.

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रासायनिक बंधन, अम्ल, क्षार और लवण (Acids, Bases and Salts) की अवधारणाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. लुईस अम्ल संकल्पना के अनुसार, वे सभी रासायनिक स्पीशीज लुईस अम्ल (Lewis acids) के रूप में कार्य करती हैं जो इलेक्ट्रॉन युग्म ग्रहण करने की प्रवृत्ति रखती हैं, जबकि लुईस क्षार वे होते हैं जो एकाकी इलेक्ट्रॉन युग्म (Lone pair of electrons) दान कर सकते हैं। 2. कठोर-मृदु अम्ल-क्षार (HSAB) सिद्धांत के अनुसार, 'कठोर अम्ल' सामान्यतः बड़े आकार, निम्न धनात्मक आवेश और उच्च ध्रुवणनीयता वाले धनायन होते हैं, जो मृदु क्षारों के साथ अत्यधिक स्थिर और मजबूत सहसंयोजक संकुल का निर्माण करते हैं। 3. ब्रॉन्स्टेड-लॉरी संकल्पना के अनुसार, एक प्रबल अम्ल का संयुग्म क्षार (Conjugate base) अत्यंत दुर्बल होता है, तथा जल का स्वतः आयनन स्थिरांक ($K_w$) तापमान में वृद्धि के साथ बढ़ता है। 4. फजान के नियमों (Fajans' rules) के अनुसार, किसी आयनिक यौगिक में सहसंयोजक लक्षण (Covalent character) तब बढ़ जाते हैं जब धनायन का आकार छोटा हो, ऋणायन का आकार बड़ा हो और धनायन पर आवेश का घनत्व उच्च हो। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

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विद्युत धारा, प्रतिरोध और परिपथ से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. किसी चालक तार का प्रतिरोध ($R$) उसकी लंबाई ($l$) के सीधे आनुपातिक और उसके अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल ($A$) के व्युत्क्रमानुपाती होता है, तथा विशिष्ट प्रतिरोध या प्रतिरोधकता ($ ho$) का मान चालक के आयामों पर निर्भर न करके केवल पदार्थ की प्रकृति और तापमान पर निर्भर करता है। 2. किर्चॉफ का प्रथम नियम (संधि नियम या KCL) ऊर्जा संरक्षण के सिद्धांत पर आधारित है, जिसके अनुसार किसी बंद लूप में कुल विद्युत वाहक बल (EMF) का बीजगणितीय योग उस लूप के विभिन्न भागों में उत्पन्न विभवांतरों के योग के बराबर होता है। 3. श्रेणीक्रम (Series combination) में जुड़े प्रतिरोधकों का तुल्य प्रतिरोध परिपथ के प्रत्येक व्यक्तिगत प्रतिरोध से कम होता है, और इस संयोजन में प्रत्येक प्रतिरोधक से प्रवाहित होने वाली विद्युत धारा का मान भिन्न-भिन्न होता है। 4. व्हीटस्टोन सेतु (Wheatstone bridge) का उपयोग अज्ञात प्रतिरोध को मापने के लिए किया जाता है, और यह सेतु तब संतुलित (Balanced) कहा जाता है जब गैल्वेनोमीटर में कोई विक्षेप नहीं होता है, जिससे $P/Q = S/R$ का संबंध प्राप्त होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

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केपलर के ग्रहों की गति के नियमों और उपग्रहों की कक्षीय गति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. केपलर का द्वितीय नियम (क्षेत्रीय चाल का नियम) इस वैज्ञानिक तथ्य पर आधारित है कि केंद्रीय बलों के अंतर्गत गति करते हुए किसी ग्रह का कोणीय संवेग संरक्षित रहता है, जिससे ग्रह सूर्य के समीप होने पर अधिक चाल से गति करता है। 2. दीर्घवृत्ताकार कक्षा में पृथ्वी की परिक्रमा कर रहे उपग्रह की कुल यांत्रिक ऊर्जा ऋणात्मक होती है, जो यह दर्शाती है कि उपग्रह पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र से बंधा हुआ है। 3. भू-स्थिर उपग्रह (Geostationary Satellite) की पृथ्वी की सतह से ऊँचाई लगभग 36,000 किमी होती है, और यह उपग्रह पृथ्वी की घूर्णन दिशा के विपरीत पूर्व से पश्चिम की ओर अपनी कक्षा में परिक्रमण करता है। 4. किसी उपग्रह के भीतर स्थित अंतरिक्ष यात्री को भारहीनता का अनुभव इसलिए होता है क्योंकि उपग्रह और उसमें स्थित यात्री दोनों पृथ्वी के केंद्र की ओर समान त्वरण से मुक्त पतन की स्थिति में होते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

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पादप जगत के वर्गीकरण, प्रकाश संश्लेषण और पादप हार्मोन्स के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. टेरिडोफाइट्स (Pteridophytes) प्रथम ऐसे स्थलीय पौधे हैं जिनमें संवहन ऊतक (जाइलम और फ्लोएम) पाए जाते हैं, और इनके जीवन चक्र में बीजाणुद्भिद् (Sporophyte) मुख्य स्वतंत्र अवस्था होती है, जबकि युग्मकोद्भिद् (Prothallus) छोटा और अल्पजीवी होता है। 2. C₃ पौधों में प्रकाश श्वसन (Photorespiration) की प्रक्रिया के दौरान रुबिस्को (RuBisCO) एंजाइम कार्बोक्सिलेज के रूप में कार्य न करके ऑक्सीजेनज के रूप में कार्य करता है, जिसके परिणामस्वरूप किसी भी एटीपी (ATP) का संश्लेषण नहीं होता बल्कि ऊर्जा का क्षय होता है। 3. ऑक्सिन (Auxin) पादप हार्मोन मुख्य रूप से शीर्ष प्रमुखता (Apical dominance) के लिए उत्तरदायी है, जबकि साइटोकाइनिन ($Cytokinin$) पार्श्व कलियों की वृद्धि को प्रेरित करता है और ऑक्सिन के इस प्रभाव का विरोध करता है। 4. जिबरेलिन ($GA_3$) पौधों में आनुवंशिक बौनेपन को दूर करने और धान्य फसलों में पर्वसंधियों (Internodes) की लंबाई में उल्लेखनीय वृद्धि करने के लिए प्रेरित करता है, तथा यह बीजों में अल्फा-एमिलेस एंजाइम के संश्लेषण को रोकता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

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मानव पोषण और जैव-अणुओं (विटामिन, कार्बोहाइड्रेट एवं प्रोटीन) की रासायनिक संरचना और उनके कार्यों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. जल-विलेय विटामिनों में विटामिन B-कॉम्प्लेक्स और विटामिन C आते हैं, जिन्हें शरीर में संग्रहित नहीं किया जा सकता है (सिવાય विटामिन $B_{12}$ के, जो यकृत में संचित होता है), इसलिए इन्हें आहार के माध्यम से निरंतर ग्रहण करना आवश्यक होता है। 2. ग्लाइकोजन एक शाखित बहुलक (Branched polymer) है जो डी-ग्लूकोज इकाइयों से मिलकर बनता है, और इसकी संरचना एमाइलोपेक्टिन के समान होती है किंतु इसमें शाखाओं का घनत्व एमाइलोपेक्टिन की तुलना में बहुत अधिक होता है। 3. प्रोटीनों की द्वितीयक संरचना (Secondary structure) में पाई जाने वाली 'α-हेलिक्स' संरचना का स्थायित्व पॉलीपेप्टाइड श्रृंखला के विभिन्न एमीनो अम्लों के बीच बनने वाले अंतरा-आणविक हाइड्रोजन आबंधों (Intermolecular hydrogen bonds) के कारण होता है। 4. विटामिन A (रेटिनॉल) एक वसा-विलेय विटामिन है, जिसकी कमी से रोडोप्सिन (Visual purple) का संश्लेषण बाधित होता है, जिससे दृष्टिबाधता और 'जीरोफथैल्मिया' (Xerophthalmia) जैसी स्थितियाँ उत्पन्न हो सकती हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

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ऊष्मागतिकी के प्रथम नियम, ऊष्मा धारिता और विशिष्ट ऊष्मा के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ऊष्मागतिकी का प्रथम नियम ऊर्जा संरक्षण के सिद्धांत का ही एक व्यापक रूप है, जिसके अनुसार किसी निकाय को दी गई ऊष्मा ($dQ$) निकाय की आंतरिक ऊर्जा में परिवर्तन ($dU$) और निकाय द्वारा किए गए कार्य ($dW$) के योग के बराबर होती है। 2. समदाबीय प्रक्रम (Isobaric process) में दी गई ऊष्मा की गणना करते समय मोलर ऊष्मा धारिता का उपयोग किया जाता है, और किसी गैस के लिए स्थिर दाब पर मोलर ऊष्मा धारिता ($C_p$) का मान स्थिर आयतन पर मोलर ऊष्मा धारिता ($C_v$) से हमेशा कम होता है ($C_p < C_v$)। 3. रुद्धोष्म प्रक्रम (Adiabatic process) के दौरान निकाय और परिवेश के बीच ऊष्मा का कोई आदान-प्रदान नहीं होता है ($dQ = 0$), जिसके फलस्वरूप गैस के प्रसार में निकाय द्वारा किया गया कार्य उसकी आंतरिक ऊर्जा के ह्रास के कारण होता है और तापमान में गिरावट आती है। 4. जल की विशिष्ट ऊष्मा धारिता सभी पदार्थों में अधिकतम होती है, जिसके कारण जल का उपयोग ताप नियंत्रক (Coolant) के रूप में और ठंडे प्रदेशों में सेकने वाली बोतलों में किया जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

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वंशागति के गुणसूत्र सिद्धांत (Chromosomal theory of inheritance) और सहलग्नता (Linkage) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. वंशागति का गुणसूत्र सिद्धांत वाल्टर सटन और थियोडोर बोवेरी द्वारा स्वतंत्र रूप से प्रतिपादित किया गया था, जो इस वैज्ञानिक तथ्य पर आधारित है कि जीन और गुणसूत्र दोनों जोड़े में होते हैं और युग्मक निर्माण के दौरान समजात गुणसूत्रों का अलगाव उनके परस्थित जीनों के पृथक्करण का कारण बनता है। 2. थॉमस हंट मॉर्गन द्वारा ड्रोसोफिला मेलानोगास्टर पर किए गए प्रयोगों के दौरान यह देखा गया कि कुछ जीन एक ही गुणसूत्र पर अत्यधिक निकट स्थित होने के कारण स्वतंत्र अपव्यूहन (Independent assortment) के नियम का पालन नहीं करते हैं, जिसे उन्होंने 'सहलग्नता' (Linkage) नाम दिया। 3. मॉर्गन के प्रयोगों में यह भी पाया गया कि सहलग्न जीनों के बीच जीन विनिमय (Crossing over) की आवृत्ति दो जीनों के बीच की दूरी के व्युत्क्रमानुपाती होती है, अर्थात् जितने अधिक दूरी पर जीन स्थित होंगे, उनके बीच पुनर्संयोजन (Recombination) की संभावना उतनी ही कम होगी। 4. मॉर्गन और उनके सहकर्मियों ने सहलग्न जीनों की आवृत्ति का उपयोग करके पहली बार आनुवंशिक मानचित्र (Genetic map) तैयार किया, जिसमें एक प्रतिशत पुनर्संयोजन आवृत्ति को 'सेंटीमॉर्गन' (cM) या मानचित्र इकाई के रूप में परिभाषित किया गया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

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मानव रोगों और उनके संचरण या उपचार के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'प्लेग' (Plague) एक तीव्र जीवाणु जनित संक्रमण है जो 'येर्सिनिया पेस्टिस' (Yersinia pestis) के कारण होता है, और यह मुख्य रूप से संक्रमित पिस्सुओं (Fleas) के काटने से या श्वसन बूंदों के माध्यम से मनुष्यों में फैलता है। 2. 'रैबीज' (Rabies) एक विषाणु जनित संक्रामक रोग है जो केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है, और इसके उपचार के लिए 'पाश्चर' द्वारा विकसित एंटी-रैबीज टीके के साथ-साथ 'रैबीज इम्युनोग्लोबुलिन' (RIG) का उपयोग किया जाता है। 3. 'एड्स' (AIDS) के लिए उत्तरदायी HIV एक रेट्रोवायरस है जो शरीर की 'CD4+ T-सहायक कोशिकाओं' को नष्ट करता है, और इसके निदान के लिए 'वेस्टर्न ब्लोट' परीक्षण और 'एलिसा' (ELISA) परीक्षण किए जाते हैं। 4. 'मलेरिया' प्लासमोडियम प्रजाति के परजीवी के कारण होता है, जिसके संचरण के लिए मादा 'क्युलेक्स' मच्छर प्राथमिक संवाहक के रूप में कार्य करती है और इसके उपचार में क्लोरिनक्विइन प्रभावी औषधि है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

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धातुओं, अधातुओं और उनके प्रमुख यौगिकों के रासायनिक गुणों तथा निष्कर्षण प्रक्रमों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. एल्युमिनियम के निष्कर्षण के लिए हॉल-हरोल्ट प्रक्रम (Hall-Héroult process) में शुद्ध एल्युमिनियम ऑक्साइड ($Al_2O_3$) को पिघले हुए क्रायोलाइट ($Na_3AlF_6$) और फ्लूएस्पर ($CaF_2$) के मिश्रण में घोला जाता है, जहाँ क्रायोलाइट विलायक का कार्य करते हुए मिश्रण के गलनांक को कम करता है और उसकी विद्युत चालकता को बढ़ाता है। 2. कॉपर मैटे (Copper matte), जो प्रगलन (Smelting) प्रक्रिया के दौरान परावर्ती भट्टी (Refractory furnace) में प्राप्त होता है, मुख्य रूप से क्यूप्रस सल्फाइड ($Cu_2S$) और फेरस सल्फाइड ($FeS$) का मिश्रण होता है, और इससे तांबे के निष्कर्षण (बेसेमरलीकरण) के दौरान फेरस सल्फाइड को हटाने के लिए सिलिका ($SiO_2$) का उपयोग गालक (Flux) के रूप में किया जाता है। 3. सफेद फॉस्फोरस ($P_4$) एक अत्यधिक अभिक्रियाशील, प्रतिक्रियाशील और दीप्तशील (Phosphorescent) अणु है जो कमरे के तापमान पर वायु में स्वतः जल उठता है, जबकि लाल फॉस्फोरस पॉलीमरिक संरचना होने के कारण कम अभिक्रियाशील होता है और विषैला नहीं होता है। 4. संक्रमण धातुओं के यौगिकों में 'लैंथेनाइड संकुचन' के कारण 4d और 5d संक्रमण श्रेणियों के तत्वों (जैसे जिरकोनियम और हाफ्नियम) की परमाणु त्रिज्याएँ और रासायनिक गुण लगभग समान हो जाते हैं, जिससे उन्हें अयस्कों से पृथक्करण करना अत्यंत कठिन हो जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

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मानव रोगों और उनके संचरण या उपचार के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. एड्स (AIDS) उत्पन्न करने वाला विषाणु एचआईवी (HIV) एक रेट्रोवाइवायरस है, जो मुख्य रूप से शरीर की सहायक टी-लिम्फोसाइट्स ($CD_4^+$ T cells) को संक्रमित करता है और इसकी पुष्टि के लिए 'वेस्टर्न ब्लॉट' (Western Blot) परीक्षण किया जाता है। 2. मलेरिया परजीवी प्लाज्मोडियम की संक्रामक अवस्था 'स्पोरोज़ोइट' (Sporozoite) होती है, जो मादा एनोफेलीज मच्छर के काटने से मानव शरीर में प्रवेश करती है, और इसके उपचार के लिए कुनैन (Quinine) का उपयोग किया जाता है जो सिनकोना वृक्ष की छाल से प्राप्त होती है। 3. क्षय रोग (Tuberculosis) एक जीवाणु जनित संक्रमण है जो माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस के कारण होता है, और इसके उपचार के लिए डॉट्स (DOTS) प्रणाली के तहत 'मल्टी-ड्रग थेरेपी' दी जाती है जिसमें बीसीजी (BCG) का टीका निवारक के रूप में कार्य करता है। 4. हेपेटाइटिस बी एक विषाणु जनित रोग है जो केवल दूषित जल और भोजन के माध्यम से फैलता है, और यह यकृत को गंभीर रूप से प्रभावित करके सिरोसिस का कारण बनता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

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