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General Science — Free MCQ Questions & Mock Test
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🎯 136 Mock Tests Khelein
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आनुवंशिकी और जैव विकास (Genetics and Evolution) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. हार्डी-वीनबर्ग संतुलन (Hardy-Weinberg equilibrium) के अनुसार, एक बड़े यादृच्छिक रूप से संगमित होने वाली आबादी में एलील आवृत्तियां (Allele frequencies) पीढ़ी-दर-पीढ़ी स्थिर रहती हैं, बशर्ते आबादी में उत्परिवर्तन, प्राकृतिक चयन, जीन प्रवाह और आनुवंशिक विचलन (Genetic drift) का प्रभाव न हो। 2. 'अनुवंशिक अपवाह' (Genetic drift) विशेष रूप से छोटी आबादी में होने वाली एक यादृच्छिक घटना है, जो 'फाउंडर इफेक्ट' (Founder effect) और 'बॉटलनेक इफेक्ट' (Bottleneck effect) के माध्यम से आबादी में आनुवंशिक विविधता को कम कर सकती है। 3. लैमार्कवाद (Lamarckism) के अनुसार, जीवों द्वारा जीवनकाल में अर्जित किए जाने वाले लक्षण (Acquired characters) अगली पीढ़ी को वंशागत नहीं होते हैं, क्योंकि वीजद्रव्य (Germplasm) की निरंतरता का सिद्धांत वीजद्रव्य और कायिक द्रव्य को पृथक् मानता है। 4. समजात अंग (Homologous organs) वे अंग होते हैं जिनकी उत्पत्ति और मूल संरचना समान होती है किंतु उनके कार्य भिन्न हो सकते हैं, और यह अभिसारी विकास (Convergent evolution) का एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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यूकेरियोटिक कोशिका के केंद्रक, नाभिकीय आवरण और क्रोमैटिन संगठन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. केंद्रक झिल्ली (Nuclear membrane) एक द्वि-स्तरीय संरचना है, जिसका बाह्य आवरण अक्सर अंतर्द्रव्यी जालिका (ER) की झिल्ली के साथ निरंतर जुड़ा होता है और इस पर राइबोसोम संलग्न हो सकते हैं, जबकि दोनों झिल्लियों के बीच का परिनिम्नलिखित अवकाश (Perinuclear space) साइटोप्लाज्म से जुड़ा होता है। 2. नाभिकीय छिद्र परिसर (Nuclear pore complex) बड़े प्रोटीन युक्त मार्ग हैं जो केंद्रक और कोशिका द्रव्य के बीच मैक्रोमोलेक्यूल्स (जैसे आरएनए और प्रोटीन) के द्विदिशात्मक परिवहन को नियंत्रित करते हैं, जिसमें सक्रिय परिवहन के लिए 'कारго' (Cargo) प्रोटीन पर 'न्यूक्लियर लोकलाइजेशिन सिग्नल' (NLS) का होना अनिवार्य है। 3. क्रोमैटिन (Chromatin) में डीएनए और हिस्टोन प्रोटीनों का संगठन होता है, जहाँ 'H1 हिस्टोन' प्रोटीन कोर ऑक्टेमर (H2A, H2B, H3 और H4 के दो सेट) के चारों ओर डीएनए को लपेटने से बनने वाले न्यूक्लियोसोम को आपस में जोड़ने और 'सोलेनोइड मॉडल' के तहत क्रोमैटिन फाइबर को संघनित करने में सहायक होता है। 4. केंद्रिका (Nucleolus) केंद्रक के भीतर एक झिल्ली-रहित सघन क्षेत्र है, जो राइबोसोमल आरएनए (rRNA) के अनुलेखन, प्रसंस्करण और राइबोसोमल उप-इकाइयों के संयोजन का प्रमुख स्थल है, और इसका निर्माण क्रोमोसोम पर स्थित 'न्यूक्लियोलस ऑर्गेनाइज़र रीजन्स' (NOR) द्वारा होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पदार्थ की अवस्थाओं और परमाणु संरचना (Atomic Structure) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. द्रव्य की 'बोस-आइंस्टीन संघनन' (Bose-Einstein Condensate - BEC) अवस्था अत्यंत कम घनत्व वाली गैस को परम शून्य (Absolute Zero) के अतिनिकट तापमान तक ठंडा करके प्राप्त की जाती है, जिसमें क्वांटम प्रभाव स्थूल स्तर पर दिखाई देने लगते हैं। 2. रदरफोर्ड के अल्फा-कण प्रकीर्णन प्रयोग में अधिकांश अल्फा कण सोने की पन्नी से बिना किसी विक्षेपण के सीधे निकल गए, जिससे यह सिद्ध हुआ कि परमाणु का अधिकांश भाग खोखला होता है और संपूर्ण धन आवेश तथा द्रव्यमान उसके अत्यंत सूक्ष्म केंद्रीय भाग (नाभिक) में केंद्रित होता है। 3. बोर के परमाणु मॉडल के अनुसार, इलेक्ट्रॉन नाभिक के चारों ओर केवल उन्हीं वृत्ताकार कक्षाओं में चक्कर लगा सकते हैं जिनमें उनका कोणीय संवेग (Angular Momentum) $h/2\pi$ का पूर्ण गुणज (Integral multiple) होता है, और इन कक्षाओं में घूमते समय इलेक्ट्रॉन ऊर्जा का विकिरण करते हैं। 4. पाऊलिका अपवर्जन नियम (Pauli's Exclusion Principle) के अनुसार, एक ही परमाणु में उपस्थित किन्हीं भी दो इलेक्ट्रॉनों के लिए चारों क्वांटम संख्याओं ($n, l, m_s, s$) के मान कभी भी सर्वसम (Identical) नहीं हो सकते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मानव पोषण और जैव अणुओं (विटामिन, कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. विटामिन B12 (सायनोकोबलामिन) एकमात्र ऐसा जल-विलेय विटामिन है जिसमें कोबाल्ट धातु आयन उपस्थित होता है, और इसका यकृत में कई वर्षों तक भंडारण हो सकता है, जबकि अन्य अधिकांश जल-विलेय विटामिन शरीर में संचित नहीं होते हैं। 2. ग्लाइकोजन एक अत्यधिक शाखित पॉलिसैराइड है जो मुख्य रूप से जंतुओं और कवक में ऊर्जा संचय का कार्य करता है, तथा इसकी संरचना पादप स्टार्च के 'एमिलापैक्टिन' के समान होती है किंतु इसमें शाखाओं का घनत्व बहुत अधिक होता है। 3. आवश्यक अमीनो अम्ल (Essential amino acids) वे अमीनो अम्ल हैं जिनका संश्लेषण मानव शरीर की कोशिकाओं में आनुवंशिक रूप से हो सकता है, इसलिए इन्हें आहार से लेना अनिवार्य नहीं होता। 4. सेलूलोज एक रैखिक पॉलिसैराइड है जो बीटा-डी-ग्लूकोज इकाइयों के C1-C4 ग्लाइकोसिडिक बंधों द्वारा जुड़ने से बनता है, और मानव पाचन तंत्र में इसे पचाने वाले एंजाइम की अनुपस्थिति के कारण यह ऊर्जा का स्रोत नहीं बन पाता। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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उपग्रहों की गति और गुरुत्वाकर्षण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. किसी दीर्घवृत्ताकार कक्षा में पृथ्वी की परिक्रमा कर रहे उपग्रह की कुल ऊर्जा (यांत्रिक ऊर्जा) ऋणात्मक होती है, जो उसकी गतिज ऊर्जा और स्थितिज ऊर्जा का योग होती है, और यह ऋणात्मक मान इस बात का प्रतीक है कि उपग्रह पृथ्वी से गुरुत्वाकर्षण रूप से बंधा हुआ है। 2. भू-स्थिर उपग्रह (Geostationary Satellite) की कक्षीय चाल ध्रुवीय उपग्रहों की तुलना में अधिक होती है, क्योंकि भू-स्थिर उपग्रह को पृथ्वी की भूमध्य रेखा के ठीक ऊपर लगभग 36,000 किमी की ऊँचाई पर स्थापित किया जाता है और इसका परिक्रमण काल ठीक 24 घंटे होता है। 3. भारहीनता (Weightlessness) की स्थिति में अंतरिक्ष यान के भीतर किसी वस्तु का आभासी भार शून्य होता है, क्योंकि अंतरिक्ष यान और उसमें स्थित वस्तु दोनों ही पृथ्वी के गुरुत्वीय क्षेत्र के अधीन समान त्वरण से मुक्त पतन (Free fall) की स्थिति में होते हैं। 4. पलायन वेग ($v_e$) का मान पिंड के द्रव्यमान पर निर्भर करता है, अर्थात अधिक द्रव्यमान वाले उपग्रह को पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र से बाहर भेजने के लिए कम पलायन वेग की आवश्यकता होती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मानव शरीर में वृहद पोषक तत्वों और विटामिनों के उपापचय तथा जैव-रासायनिक कार्यों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. पाइरिडॉक्सिन (विटामिन $B_6$) अपने सक्रिय सह-एंजाइम रूप 'पाइरिडॉक्सल फॉस्फेट' (PLP) के माध्यम से अमीनो अम्लों के ट्रांसमिनेशन, डीकार्बोक्सिलेशन और ग्लाइकोजन फॉस्फोरिलेज की सक्रियता में एक महत्वपूर्ण उत्प्रेरक के रूप में कार्य करता है। 2. नियासिन (विटामिन $B_3$) सह-एंजाइम NAD+ और NADP+ का आवश्यक घटक है, तथा इसकी गंभीर कमी से 'डर्मेटाइटिस', 'डायरियों' और 'डिमेंशिया' (3D's) लक्षणों वाला रोग उत्पन्न होता है जिसे पेलॅग्रा कहा जाता है। 3. बायोटिन (विटामिन $B_7$) कार्बोक्सीलेशन अभिक्रियाओं (जैसे एसिटाइल-CoA का मैलोनिल-CoA में रूपांतरण) के लिए $CO_2$ वाहक के रूप में कार्य करता है, और अंडे के सफेद भाग में पाए जाने वाले 'एविडिन' (Avidin) प्रोटीन के साथ इसका अत्यधिक मजबूत गैर-सहसंयोजक बंधन बनता है जो इसके अवशोषण को रोकता है। 4. विटामिन K एक वसा-विलेय विटामिन है जो प्रोथ्रोम्बिन और रक्त स्कंदन कारकों (कारक II, VII, IX और X) के यकृत में गामा-कार्बोक्सिलेशन के लिए आवश्यक है, और इसकी कमी से रक्त का थक्का जमने का समय कम हो जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मानव शरीर में होने वाले विभिन्न संक्रामक रोगों, उनके रोगजनकों और संचरण तंत्र के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ट्रिपैनोसोमा ब्रूसी (Trypanosoma brucei) एक प्रोटोजोआ परजीवी है जो 'त्सेत्से मक्खी' (Tsetse fly) के काटने से मनुष्यों में फैलता है और इसके कारण 'African sleeping sickness' (अफ़्रीकी निद्रा रोग) उत्पन्न होता है। 2. रैबीज एक विषाणु जनित रोग है जो मुख्य रूप से लाइज़ावायरस (Lyssavirus) के कारण होता है, और यह संक्रमित पशुओं (जैसे कुत्ते, चमगादड़) की लार से तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करते हुए केंद्रीय तंत्रिका तंत्र तक पहुंचता है। 3. विब्रियो कॉलेरा (Vibrio cholerae) एक ग्राम-नेगेटिव, कॉमा-आकार का जीवाणु है जो दूषित जल और भोजन के माध्यम से फैलता है, तथा इसके द्वारा उत्पादित एक्सोटॉक्सिन आंतों की उपकला कोशिकाओं से अत्यधिक मात्रा में जल और इलेक्ट्रोलाइट्स के स्राव को प्रेरित करता है। 4. एलिसा (ELISA) परीक्षण मुख्य रूप से प्राथमिक रूप से 'बैक्टीरियल मेनिंजाइटिस' की पुष्टि के लिए किया जाने वाला एक मानक नैदानिक परीक्षण है, जबकि एचआईवी संक्रमण के लिए 'वेस्टर्न ब्लॉट' को केवल प्रारंभिक स्क्रीनिंग टेस्ट माना जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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विद्युत धारा, प्रतिरोध और परिपथ (Circuit) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. किसी चालक तार का वैद्युत प्रतिरोध (Resistance) उसके ताप पर निर्भर करता है, तथा अधिकांश धात्विक चालकों के लिए ताप में वृद्धि होने पर उनका प्रतिरोध बढ़ता है क्योंकि तापीय विस्थापन के कारण इलेक्ट्रॉनों का कोलिजन (संघट्ट) बढ़ जाता है। 2. किर्चॉफ का प्रथम नियम (धारा का नियम - KCL) आवेश संरक्षण के नियम पर आधारित है, जिसके अनुसार किसी संधि पर मिलने वाली समस्त धाराओं का बीजगणितीय योग शून्य होता है। 3. किर्चॉफ का द्वितीय नियम (वोल्टेज का नियम - KVL) ऊर्जा संरक्षण के नियम पर आधारित है, जिसके अनुसार किसी बंद लूप में कुल विभवांतरों का बीजगणितीय योग शून्य होता है। 4. अतिचालकता (Superconductivity) की स्थिति में किसी पदार्थ का प्रतिरोध शून्य हो जाता है, और यह घटना केवल उच्च तापमान पर ही सभी धातुओं में एक साथ देखी जाती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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विद्युत धारा, प्रतिरोध और परिपथ के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. किसी धात्विक चालक का विद्युत प्रतिरोध (Electrical Resistance) उसके तापमान पर निर्भर करता है और ताप बढ़ने पर चालकों का प्रतिरोध बढ़ता है, जिसका मुख्य कारण मुक्त इलेक्ट्रॉनों के तापीय वेग में वृद्धि के कारण आयनों के साथ उनका संघट्ट काल (Relaxation time) घटना है। 2. व्हीटस्टोन ब्रिज (Wheatstone Bridge) एक ऐसा विद्युत परिपथ है जिसका उपयोग अज्ञात प्रतिरोध को अत्यंत उच्च सटीकता से मापने के लिए किया जाता है, और यह संतुलन की स्थिति में शून्य विक्षेपण के सिद्धांत पर कार्य करता है। 3. आंतरिक प्रतिरोध (Internal Resistance) के कारण किसी विद्युत सेल का टर्मिनल विभवांतर (Terminal Voltage), उसके विद्युत वाहक बल (EMF) से हमेशा अधिक होता है, चाहे परिपथ में धारा प्रवाहित हो रही हो या नहीं। 4. घरेलू विद्युत वायरिंग में सभी विद्युत उपकरणों को समानांतर क्रम (Parallel Combination) में जोड़ा जाता है ताकि प्रत्येक उपकरण को समान विभवांतर प्राप्त हो सके और एक उपकरण खराब होने पर अन्य उपकरणों पर कोई प्रभाव न पड़े। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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