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General Science — Free MCQ Questions & Mock Test
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🎯 136 Mock Tests Khelein
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धातुओं, अधातुओं और उनके प्रमुख यौगिकों के रासायनिक गुणों तथा निष्कर्षण प्रक्रमों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. एल्युमिनियम के निष्कर्षण के लिए 'हॉल-हెరoult प्रक्रम' (Hall-Heroult process) का उपयोग किया जाता है, जिसमें शुद्ध एलुमिना ($Al_2O_3$) को पिघले हुए क्रायोलाइट ($Na_3AlF_6$) और फ्लूरोस्पार ($CaF_2$) के मिश्रण में घोलकर विद्युत अपघटन किया जाता है, जहाँ क्रायोलाइट मुख्य रूप से एलुमिना के गलनांक को कम करने और उसकी विद्युत चालकता को बढ़ाने का कार्य करता है। 2. 'सफेद फॉस्फोरस' ($P_4$) अत्यधिक प्रतिक्रियाशील और वाष्पशील ठोस है जो अंधेरे में चमकता है (केमिलुमिनिसेंस) और इसे जल के भीतर संग्रहित किया जाता है, जबकि 'लाल फॉस्फोरस' बहुलकीय संरचना के कारण कम क्रियाशील होता है और सामान्य ताप पर वायु में स्वतः आग नहीं पकड़ता। 3. 'जिंक ब्लेंड' ($ZnS$) अयस्क के सांद्रण के लिए 'फेन प्लवन विधि' (Froth Floatation Method) का उपयोग किया जाता है, जिसके पश्चात धातु ऑक्साइड प्राप्त करने के लिए 'विगलन' (Smelting) या भर्जन (Roasting) की प्रक्रिया अपनाई जाती है। 4. संक्रमण धातुओं के यौगिकों द्वारा रंगीन आयनों का निर्माण मुख्य रूप से d-d संक्रमण ($d-d$ transition) के कारण होता है, किंतु जिंक ($Zn^{2+}$) और स्कैंडियम ($Sc^{3+}$) आयन अपने पूर्णतः भरे हुए या रिक्त d-कक्षक के कारण रंगहीन (Colorless) होते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पदार्थ के सामान्य गुण, पृष्ठ तनाव, श्यानता और आर्किमिडीज के सिद्धांत के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. किसी द्रव की स्वतंत्र सतह न्यूनतम क्षेत्रफल प्राप्त करने का प्रयास करती है, जिसका मुख्य कारण संसंजक बल (Cohesive force) है, और तापमान में वृद्धि होने पर अधिकांश द्रवों का पृष्ठ तनाव घट जाता है, जबकि क्रांतिक ताप पर यह शून्य हो जाता है। 2. द्रवों में श्यानता (Viscosity) की उत्पत्ति का प्रमुख कारण अणुओं के बीच लगने वाले आंतरिक घर्षण बल या ससंजन बल हैं, तथा गैसों की श्यानता ताप में वृद्धि के साथ घटती है जबकि द्रवों की श्यानता ताप बढ़ने पर बढ़ती है। 3. आर्किमिडीज के सिद्धांत के अनुसार, जब किसी वस्तु को किसी तरल में आंशिक या पूर्ण रूप से डुबोया जाता है, तो वह अपने द्वारा विस्थापित तरल के भार के बराबर ऊपर की ओर एक आभासी उत्प्लावन बल (Buoyant force) का अनुभव करती है, जिसका केंद्र विस्थापित तरल के द्रव्यमान केंद्र पर कार्य करता है। 4. यदि कोई वस्तु किसी द्रव में तैर रही है, तो उसके स्थिर संतुलन के लिए वस्तु का गुरुत्व केंद्र (Center of gravity) हमेशा उत्प्लावन केंद्र (Center of buoyancy) के ठीक नीचे होना चाहिए। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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यूकेरियोटिक कोशिका चक्र (Cell Cycle) के नियमन और सूत्री विभाजन (Mitosis) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. कोशिका चक्र के 'G1/S चेकपॉइंट' पर मुख्य रूप से साइक्लिन-डिपेंडेंट किनेज (CDK) और साइक्लिन का परिसर कार्य करता है, तथा इस बिंदु पर डीएनए क्षति की जाँच 'p53' प्रोटीन द्वारा की जाती है जो चक्र को रोक सकता है या एपोप्टोसिस को प्रेरित कर सकता है। 2. सूत्री विभाजन की मध्यावस्था (Metaphase) के दौरान गुणसूत्र कोशिका की भूमध्य रेखा (Metaphase plate) पर व्यवस्थित होते हैं, और इस चरण में 'स्पिंडल चेकपॉइंट' यह सुनिश्चित करता है कि सभी किनेटोकोर से तर्कु तंतु सही ढंग से जुड़े हैं या नहीं, जिसके बिना एनाफेज में संक्रमण रुक जाता है। 3. 'कोलचिसिन' (Colchicine) रसायन तर्कु तंतुओं (Spindle fibers) के निर्माण को बाधित करता है, जिससे कोशिका विभाजन एनाफेज अवस्था में ही रुक जाता है और बहुगुणित (Polyploidy) अवस्था उत्पन्न हो सकती है। 4. मियोसिस (अर्धसूत्री विभाजन) के दौरान क्रॉसिंग ओवर की प्रक्रिया 'पैक्टीन्यू' (Pachytene) उप-अवस्था में होती है, जो नॉन-सिस्टर क्रोमैटिड्स के बीच आनुवंशिक सामग्री के आदान-प्रदान को सुगम बनाती है और इसके लिए 'रेकॉम्बिनेज' एंजाइम आवश्यक है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भौतिक राशियों और उनके मापन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. पार्सैक (Parsec) खगोलीय दूरियों को मापने की सबसे बड़ी व्यावहारिक इकाई है, जो कि एक ऐसी चाप की दूरी है जिसके द्वारा पृथ्वी की कक्षा की औसत त्रिज्या (1 खगोलीय मात्रक) पर 1 आर्कसेकंड का कोण अंतरित होता है। 2. श्यानता गुणांक (Coefficient of Viscosity) का विमीय सूत्र $[ML^{-1}T^{-1}]$ होता है, तथा सीजीएस (CGS) पद्धति में इसका मात्रक 'पॉइज़' (Poise) है। 3. प्रकाश वर्ष (Light-year) समय की एक इकाई है जिसका उपयोग ब्रह्मांडीय दूरियों को मापने के लिए किया जाता है, तथा एक प्रकाश वर्ष लगभग $9.46 imes 10^{15}$ मीटर के तुल्य होता है। 4. किसी भौतिक राशि के मापन में होने वाली आपेक्षिक त्रुटि (Relative Error) का मान, माध्य निरपेक्ष त्रुटि और मापित मान के वास्तविक औसत के अनुपात द्वारा व्यक्त किया जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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यूकेरियोटिक कोशिका के कोशिका विभाजन (Cell Division) के दौरान अर्धसूत्री विभाजन (Meiosis) और समसूत्री विभाजन (Mitosis) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अर्धसूत्री विभाजन-I की प्रोफेज-I अवस्था के 'डाइकाइनेसिस' (Diakinesis) उपचरण में टर्मिनलाइजेशन (Terminalization) की प्रक्रिया पूरी होती है, जिसमें chiasmata सिरों की ओर खिसक जाते हैं और केंद्रिका लुप्त हो जाती है। 2. 'माइटोटिक स्पिंडल' (Mitotic spindle) का निर्माण माइक्रोट्यूब्यूल्स (सूक्ष्म नलिकाओं) द्वारा होता है, और 'निकोडेमाइल' या 'कोलचिसिन' जैसे रसायन ट्यूबुलीन बहुलीकरण को रोककर सेल डिवीजन को मेटाफेज अवस्था में ही रोक देते हैं। 3. जंतु कोशिकाओं में कोशिका द्रव्य विभाजन (Cytokinesis) 'कोशिका खांच' (Cell furrow) विधि द्वारा होता है, जिसमें एक्टिन और मयोसिन फिलामेंट्स से बने संकुचई वलय (Contractile ring) का अभिकेंद्रकीय संकुचन होता है, जबकि पादप कोशिकाओं में यह 'सेल प्लेट' (Cell plate) के निर्माण द्वारा केंद्र से परिधि की ओर होता है। 4. मियोसिस के दौरान होमोलोगous क्रोमोसोम का पृथक्करण हमेशा एनाफेज-II के दौरान होता है, जबकि सिस्टर क्रोमैटिड्स एनाफेज-I में अलग होते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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रासायनिक बंधन और अम्लीय-क्षारीय प्रणालियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. लुईस अम्ल वे रासायनिक स्पीशीज हैं जो इलेक्ट्रॉन युग्म ग्रहण करने की प्रवृत्ति रखती हैं (अर्थात इलेक्ट्रॉन-न्यून), जबकि लुईस क्षार वे रासायनिक स्पीशीज हैं जो इलेक्ट्रॉन युग्म प्रदान कर सकती हैं। 2. कठोर-मृदु अम्ल-क्षार (HSAB) सिद्धांत के अनुसार, कठोर अम्ल छोटे आकार, उच्च धनात्मक आवेश और कम ध्रुवणनीयता वाले होते हैं, जो प्राथमिकता से कठोर क्षारों के साथ मजबूत और स्थिर यौगिक बनाते हैं। 3. जब किसी दुर्बल अम्ल ($CH_3COOH$) का उसके प्रबल क्षार ($NaOH$) के साथ उदासीनीकरण होता है, तो प्राप्त लवण का जलीय विलयन जलीय जल-अपघटन के कारण क्षारीय प्रकृति का होता है, क्योंकि इसमें ऋणायन का जल-अपघटन होता है जिससे हाइड्रॉक्साइड आयन ($OH^-$) मुक्त होते हैं। 4. बफर विलयन (Buffer Solution) वे विलयन होते हैं जो बाहरी मात्रा में प्रबल अम्ल या प्रबल क्षार मिलाने पर भी अपने pH मान में परिवर्तन का प्रभावी विरोध करते हैं, और अम्लीय बफर का उदाहरण अमोनियम क्लोराइड एवं अमोनियम हाइड्रोक्साइड का मिश्रण है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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आधुनिक आवर्त सारणी और तत्वों के आवर्ती गुणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. किसी आवर्त में बाएं से दाएं जाने पर प्रभावी नाभिकीय आवेश (Effective Nuclear Charge) में क्रमिक वृद्धि होती है, जिसके फलस्वरूप परमाणु त्रिज्या में निरंतर कमी आती है, किंतु समूह-18 के उत्कृष्ट गैसों की परमाणु त्रिज्या (वांडरवाल्स त्रिज्या) उनके ठीक पहले आने वाले हैलोजन तत्वों की सहसंयोजक त्रिज्या की तुलना में बड़ी होती है। 2. ऑक्सीजन की तुलना में नाइट्रोजन की प्रथम आयनन एन्थैल्पी (First Ionization Enthalpy) का मान कम होता है, जिसका मुख्य कारण नाइट्रोजन के 2p कक्षकों का अर्ध-पूर्ण (Half-filled) होना है जो अधिक स्थिरता प्रदान करती है। 3. आवर्त सारणी में फ्लोरीन की इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी (Electron Gain Enthalpy) का ऋणात्मक मान क्लोरीन की तुलना में कम होता है, क्योंकि फ्लोरीन का आकार अत्यंत छोटा होने के कारण आने वाला नया इलेक्ट्रॉन पहले से उपस्थित 2p इलेक्ट्रונים से अधिक प्रतिकर्षण अनुभव करता है। 4. लैंथेनाइड संकुचन (Lanthanide Contraction) के कारण 4d और 5d संक्रमण श्रेणी के तत्वों (जैसे जिरकोनियम और हाफ़िज़ियम) की परमाणु और आयनिक त्रिज्याएँ लगभग समान हो जाती हैं, जिसका मुख्य कारण 4f कक्षकों का दुर्बल आवरण प्रभाव (Shielding effect) है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मानव शरीर के परिसंचरण और श्वसन तंत्र के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मानव हृदय में दाएं अलिंद और दाएं निलय के बीच 'त्रिवलनी कपाट' (Tricuspid valve) उपस्थित होता है, जो अशुद्ध रक्त को केवल अलिंद से निलय की ओर प्रवाहित होने देता है और इसके विपरीत प्रवाह को रोकता है। 2. फेफड़ों में गैसीय विनिमय (O₂ और CO₂) की प्रक्रिया मुख्य रूप से 'कूपिकाओं' (Alveoli) की पतली उपकला और रक्त केशिकाओं की झिल्ली के बीच सरल विसरण (Simple diffusion) के माध्यम से होती है, जो आंशिक दाब प्रवणता पर निर्भर करती है। 3. रुधिर में कार्बन डाइऑक्साइड का परिवहन मुख्य रूप से प्लाज्मा में घुलित अवस्था (लगभग 70%) में होता है, जबकि ऑक्सीजन का अधिकांश भाग (लगभग 97%) हीमोग्लोबिन के साथ 'ऑक्सीहीमोग्लोबिन' के रूप में वाहक बनता है। 4. फुफ्फुस धमनी (Pulmonary artery) एक ऐसी अपवादस्वरूप धमनी है जो शरीर के विभिन्न अंगों से डीऑक्सीजनेटेड (अशुद्ध) रक्त को हृदय से फेफड़ों तक ले जाती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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विद्युत परिपथों और उससे संबंधित नियमों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. किसी चालक का विशिष्ट प्रतिरोध (Resistivity) या प्रतिरोधकता उसके पदार्थ की प्रकृति और तापमान पर निर्भर करती है, किंतु चालक की लंबाई और अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल पर निर्भर नहीं करती है। 2. किर्चॉफ का संधि नियम (Current Law - KCL) इस बात का प्रतिनिधित्व करता है कि एक बंद लूप में कुल ऊर्जा संरक्षित रहती है, जबकि लूप नियम (Voltage Law - KVL) आवेश संरक्षण के सिद्धांत पर आधारित है। 3. व्हीटस्टोन सेतु (Wheatstone Bridge) एक ऐसा उपकरण है जिसका उपयोग अज्ञात प्रतिरोध को मापने के लिए किया जाता है, और यह संतुलन की अवस्था में '$P/Q = R/S$' के सिद्धांत पर कार्य करता है। 4. घरेलू विद्युत परिपथों में सभी उपकरणों को समानांतर क्रम (Parallel Combination) में जोड़ा जाता है ताकि प्रत्येक उपकरण को समान विभवांतर मिल सके और एक उपकरण के खराब होने पर अन्य उपकरणों के कार्य पर कोई प्रभाव न पड़े। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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