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General Science — Free MCQ Questions & Mock Test
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🎯 136 Mock Tests Khelein
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हार्डी-वीनबर्ग संतुलन (Hardy-Weinberg equilibrium) और उसके विघटन को प्रभावित करने वाले आनुवंशिक कारकों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. हार्डी-वीनबर्ग नियम के अनुसार, एक बड़ी यादृच्छिक रूप से संप्रजनन करने वाली समष्टि (Randomly mating population) में एलील आवृत्तियाँ (Allelic frequencies) पीढ़ी-दर-पीढ़ी स्थिर रहती हैं, बशर्ते समष्टि पर कोई विकासवादी बल जैसे उत्परिवर्तन, प्राकृतिक चयन या आनुवंशिक अपवाह (Genetic drift) प्रभावी न हो। 2. 'फाउंडर प्रभाव' (Founder effect) और 'बॉटलनेक प्रभाव' (Bottleneck effect) दोनों ही आनुवंशिक अपवाह के विशिष्ट उदाहरण हैं, जो समष्टि के आकार में अचानक कमी आने या नए भौगोलिक क्षेत्र में कुछ जीवों के प्रवास के कारण एलील आवृत्तियों में तीव्र परिवर्तन उत्पन्न करते हैं। 3. प्राकृतिक चयन (Natural selection) के 'दिशात्मक चयन' (Directional selection) प्रारूप में, चरम फिनोटाइप वाले जीवों को प्राथमिकता मिलती है और औसत फिनोटाइप वाले जीवों का संदमन होता है, जिससे समष्टि की माध्यिका (Mean) एक विशिष्ट दिशा में विस्थापित हो जाती है। 4. आनुवंशिक पुनर्संयोजन (Genetic recombination) और जीन प्रवाह (Gene flow / Migration) समष्टि की एलील आवृत्तियों में परिवर्तन लाकर जैव विकास की प्रक्रिया को प्रत्यक्ष रूप से गति प्रदान करते हैं, भले ही यादृच्छिक संभोग शत-प्रतिशत रूप से लागू हो। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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रासायनिक बंधन और अम्ल-क्षार अवधारणाओं (Acid-Base Theories) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. फजान के नियम (Fajans' rules) के अनुसार, किसी आयनिक यौगिक में सहसंयोजक लक्षण (Covalent character) तब बढ़ जाते हैं जब धनायन का आकार छोटा, उस पर आवेश उच्च होता है तथा ऋणायन का आकार बड़ा होता है। 2. ब्रॉन्स्टेड-लॉरी संकल्पना (Bronsted-Lowry concept) के अनुसार, अम्ल वे स्पीशीज हैं जो प्रोटॉनों (H⁺) का त्याग करते हैं, और इसके संयुग्म अम्ल-क्षार युग्म (Conjugate acid-base pair) में एक प्रबल अम्ल का संयुग्म क्षार हमेशा एक दुर्बल क्षार होता है। 3. लुईस अम्ल-क्षार सिद्धांत के अंतर्गत, वे सभी धनायन और इलेक्ट्रॉन-न्यून यौगिक (जैसे $BF_3$) लुईस क्षार की भाँति व्यवहार करते हैं, जो इलेक्ट्रॉन युग्म ग्रहण करने की क्षमता रखते हैं। 4. जल-अपघटन (Hydrolysis) के दौरान, जब किसी प्रबल अम्ल और दुर्बल क्षार से बने लवण (जैसे $NH_4Cl$) को जल में घोला जाता है, तो उसका जलीय विलयन ऋणायन जल-अपघटन के कारण क्षारीय प्रकृति का हो जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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आधुनिक आवर्त सारणी और तत्वों के आवर्ती गुणों (Periodic Properties) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. किसी आवर्त में बाएं से दाएं जाने पर परमाणु त्रिज्या (Atomic Radius) में सामान्यतः कमी आती है, जिसका मुख्य कारण प्रभावी नाभिकीय आवेश (Effective Nuclear Charge) में क्रमिक वृद्धि होना है, किंतु उत्कृष्ट गैसों (Noble Gases) की वांडर वॉल त्रिज्या उनके सहसंयोजक त्रिज्या की तुलना में अचानक काफी अधिक हो जाती है। 2. इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी (Electron Gain Enthalpy) का मान हमेशा ऋणात्मक होता है, और आवर्त सारणी के किसी भी वर्ग में ऊपर से नीचे जाने पर इसका ऋणात्मक मान लगातार बढ़ता जाता है (अर्थात इलेक्ट्रॉन ग्रहण करने की प्रवृत्ति अधिक सुगम हो जाती है)। 3. पोलिंग के विद्युतऋणात्मकता (Electronegativity) पैमाने के अनुसार, आवर्त सारणी में फ्लोरीन की विद्युतऋणात्मकता सबसे अधिक होती है, जबकि सीसियम (Cesium) या फ्रांसियम की विद्युतऋणात्मकता न्यूनतम होती है। 4. लैंथेनाइड संकुचन (Lanthanide Contraction) के प्रभावस्वरूप 5d संक्रमण श्रेणी के तत्वों (जैसे हाफनियम, Hf) की परमाणु और आयनिक त्रिज्याएँ अपने ठीक ऊपर स्थित 4d श्रेणी के तत्वों (जैसे जिरकोनियम, Zr) की लगभग समान हो जाती हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मानव शरीर में जैविक अणुओं और पोषण (Nutrition and Vitamins) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. थायमिन (विटामिन $B_1$) का सक्रिय रूप 'थायमिन पाइरोफास्फेट' (TPP) है, जो कार्बोहाइड्रेट उपापचय के दौरान पाइरुवेट डीहाइड्रोजनेज और अल्फा-कीटोसुग्लेरेट डीहाइड्रोजनेज एंजाइमों के लिए एक आवश्यक सह-एंजाइम (Coenzyme) के रूप में कार्य करता है। 2. नियासिन (विटामिन $B_3$) का संश्लेषण मानव शरीर में ट्रिप्टोफैन अमीनो अम्ल से भी हो सकता है, और इसके व्युत्पन्न 'निकोटिनएमाइड एडेनिन डाइन्यूक्लियोटाइड' (NAD⁺) तथा 'NADPH' ऑक्सीडेटिव फॉस्फोरिलीकरण और अपचयी मार्गों में इलेक्ट्रॉन वाहक की भूमिका निभाते हैं। 3. टोकोफेरॉल (विटामिन $E$) एक जल-विलेय विटामिन है जो कोशिका झिल्ली में मौजूद पॉलीअनसेचुरेटेड फैटी एसिड को लिपिड पेराक्सिडेशन से बचाता है तथा एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट के रूप में कार्य करता है। 4. विटामिन $K$ (फिलोक्विनोन) यकृत में प्रोथ्रोम्बिन और अन्य रक्त स्कंदन कारकों (Clotting factors II, VII, IX, X) के गामा-कार्बोक्सिलेशन के लिए एक आवश्यक को-फैक्टर है, जो रक्त का थक्का जमने की प्रक्रिया को सुगम बनाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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यूकेरियोटिक कोशिका के विभिन्न अंगकों और उनके विशिष्ट कार्यों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अंतर्द्रव्यी जालिका (Endoplasmic Reticulum) का खुरदरा भाग (RER) प्रोटीन संश्लेषण और उनके वलन (Folding) में सक्रिय रूप से भाग लेता है, जबकि चिकना भाग (SER) लिपिड, फॉस्फोलिपिड और स्टेरॉयड हार्मोन के संश्लेषण का मुख्य स्थल होता है। 2. गॉल्जी उपकरण (Golgi Apparatus) का 'सिस' (Cis) सिस्टर्नी भाग आमतौर पर प्लाज्मा झिल्ली की ओर होता है जहाँ से स्रावी पुटिकाएं (Secretory vesicles) परिपक्व होकर बाहर निकलती हैं, जबकि 'ट्रांस' (Trans) भाग न्यूक्लियर एनवेलप की ओर स्थित होता है। 3. लिसोसोम (Lysosomes) में अम्लीय हाइड्रोलिसेस (जैसे लाइपेज, प्रोटीज, कार्बोहाइड्रेटेज) प्रचुर मात्रा में होते हैं जो pH 4.5 से 5.0 के बीच सर्वाधिक सक्रिय होते हैं, और इस अम्लीय वातावरण को बनाए रखने के लिए लिसोसोम झिल्ली पर प्रोटॉन पंप (H⁺-ATPases) सक्रिय रूप से कार्य करते हैं। 4. माइटोकॉन्ड्रिया के मैट्रिक्स में साइट्रिक एसिड चक्र के एंजाइम उपस्थित होते हैं, तथा इसके आंतरिक झिल्ली पर ऑक्सीडेटिव फॉस्फोरिलीकरण के माध्यम से एटीपी का उत्पादन होता है, जिसमें झिल्ली के बीच का अवकाश (Intermembrane space) प्रोटॉन प्रवणता के भंडारण का कार्य करता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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आधुनिक आवर्त सारणी और तत्वों के आवर्ती गुणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. किसी वर्ग में ऊपर से नीचे जाने पर परमाणु त्रिज्या में लगातार वृद्धि होती है, किंतु उत्कृष्ट गैसों (Noble Gases) की वांडर वॉल त्रिज्या उनके सहसंयोजक त्रिज्या की तुलना में बहुत अधिक होती है, जिससे उनका आकार अपने आवर्त के अन्य तत्वों की तुलना में सबसे बड़ा प्रतीत होता है। 2. इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी (Electron Gain Enthalpy) का मान हमेशा ऋणात्मक होता है, और आवर्त सारणी के किसी भी वर्ग में ऊपर से नीचे जाने पर इसका ऋणात्मक मान लगातार बढ़ता जाता है (अर्थात इलेक्ट्रॉन ग्रहण करने की प्रवृत्ति अधिक सुगम हो जाती है)। 3. पोलिंग के विद्युतऋणात्मकता पैमाने के अनुसार, आवर्त सारणी में फ्लोरीन की विद्युतऋणात्मकता सबसे अधिक होती है, जबकि ऑक्सीजन की विद्युतऋणात्मकता नाइट्रोजन से कम होती है। 4. लैंथेनाइड संकुचन (Lanthanide Contraction) के प्रभावस्वरूप 5d संक्रमण श्रेणी के तत्वों (जैसे हाफनियम, Hf) की परमाणु और आयनिक त्रिज्याएँ अपने ठीक ऊपर स्थित 4d श्रेणी के तत्वों (जैसे जिरकोनियम, Zr) की लगभग समान हो जाती हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मानव रक्त परिसंचरण तंत्र और रक्त समूहों (Blood Groups) के जैव-रासायनिक एवं immunotoxicolgical संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. एंटीबॉडी 'एग्लूटीनिन' (Agglutinin) प्लाज्मा में प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले प्रोटीन हैं, और एंटी-A तथा एंटी-B एंटीबॉडी मुख्य रूप से IgM प्रकार के होते हैं, जो आकार में बड़े होने के कारण प्लेसेंटा को पार करके गर्भ में पल रहे शिशु तक नहीं पहुँच पाते हैं। 2. 'बॉम्बे रक्त समूह' (Bombay Blood group या $O_h$) से ग्रसित व्यक्तियों की लाल रक्त कोशिकाओं पर H-एंटीजन का पूर्णतः अभाव होता है क्योंकि उनमें FUT1 (Fucosyltransferase 1) जीन का म्यूटेशन होता है, जिससे वे किसी भी सामान्य ABO रक्त समूह (A, B, AB, O) के व्यक्ति से रक्त ले सकते हैं। 3. एरिथ्रोब्लास्टोसिस फिटलिस (Erythroblastosis fetalis) की स्थिति तब उत्पन्न होती है जब एक Rh-धनात्मक (Rh⁺) पिता और एक Rh-ऋणात्मक (Rh⁻) माता से उत्पन्न होने वाला पहला Rh-धनात्मक शिशु प्रसव के दौरान माँ के संपर्क में आता है, जिससे माँ के शरीर में एंटी-Rh एंटीबॉडी का निर्माण होता है जो अगले गर्भस्थ शिशु को प्रभावित करता है। 4. रक्त का थक्का जमने (Blood Coagulation) की प्रक्रिया में 'प्रोथ्रोम्बिन एक्टीवेटर' (Prothrombin activator) का निर्माण आंतरिक और बाह्य दोनों मार्गों का अंतिम साक्षात् बिंदु है, जो कैल्शियम आयनों ($Ca^{2+}$) की उपस्थिति में निष्क्रिय प्रोथ्रोम्बिन को सक्रिय थ्रॉम्बिन में रूपांतरित करता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मानव रक्त परिसंचरण तंत्र और रक्त समूहों (Blood Groups) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. आरएच (Rh) रक्त समूह प्रणाली में, यदि एक Rh-धनात्मक (Rh⁺) भ्रूण का गर्भ धारण करने वाली Rh-ऋणात्मक (Rh⁻) माता को संवेदीकृत (Sensitized) होने से रोकने के लिए प्रसव के तुरंत बाद एंटी-D गामा ग्लोबुलिन (Rh-इम्यून ग्लोबुलिन) नहीं दिया जाता है, तो यह गर्भस्थ शिशु में एरिथ्रोब्लास्टोसिस फिटलिस का कारण बन सकता है। 2. 'बॉम्बे रक्त समूह' ($O_h$) से पीड़ित व्यक्तियों के प्लाज्मा में सामान्य एंटी-A और एंटी-B एंटीबॉडी के साथ-साथ एक शक्तिशाली 'एंटी-H' एंटीबॉडी भी प्राकृतिक रूप से उपस्थित होती है, जिसके कारण वे केवल बॉम्बे रक्त समूह वाले व्यक्ति से ही रक्त प्राप्त कर सकते हैं। 3. एरिथ्रोसाइट्स (RBCs) की सतह पर पाए जाने वाले 'A' और 'B' एंटीजन ग्लाइकोलिपिड या ग्लाइकोप्रोटीन प्रकृति के होते हैं, जिनका संश्लेषण विशिष्ट ग्लाइकोसिलट्रांसफेरेज एंजाइमों द्वारा होता है, जिन्हें 'ABO' जीन लोसस द्वारा कूटबद्ध (Code) किया जाता है। 4. रुधिर स्कंदन (Blood coagulation) की आंतरिक प्रणाली (Intrinsic pathway) की शुरुआत तब होती है जब रक्त वाहिका की क्षति के कारण उपकला के नीचे स्थित ऊतक कारक (Tissue factor या Factor III) रक्त के संपर्क में आता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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आधुनिक आवर्त सारणी और तत्वों के आवर्ती गुणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. किसी वर्ग में ऊपर से नीचे जाने पर परमाणु त्रिज्या में लगातार वृद्धि होती है, किंतु उत्कृष्ट गैसों (Noble Gases) की वांडर वॉल त्रिज्या उनके सहसंयोजक त्रिज्या की तुलना में बहुत अधिक होती है, जिससे उनका आकार अपने आवर्त के अन्य तत्वों की तुलना में सबसे बड़ा प्रतीत होता है। 2. इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी (Electron Gain Enthalpy) का मान हमेशा ऋणात्मक होता है, और आवर्त सारणी के सभी तत्वों में फ्लोरीन की इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी का ऋणात्मक मान सर्वाधिक होता है। 3. पोलिंग के विद्युतऋणात्मकता पैमाने के अनुसार, आवर्त सारणी में फ्लोरीन की विद्युतऋणात्मकता सबसे अधिक होती है, जबकि ऑक्सीजन की विद्युतऋणात्मकता नाइट्रोजन से अधिक होती है। 4. लैंथेनाइड संकुचन (Lanthanide Contraction) के प्रभावस्वरूप 5d संक्रमण श्रेणी के तत्वों की परमाणु और आयनिक त्रिज्याएँ अपने ठीक ऊपर स्थित 4d श्रेणी के तत्वों के लगभग समान हो जाती हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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