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General Science — Free MCQ Questions & Mock Test

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General Science ki taiyari ke liye 1368+ free MCQ questions, explanation ke saath — practice karein aur apni tayyari mazboot banayein.

🎯 136 Mock Tests Khelein

तरंग गति और ध्वनि तरंगों (Wave Motion and Sound) के भौतिक सिद्धांतों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. किसी गैस में ध्वनि की चाल गैस के दाब पर निर्भर करती है, और यदि तापमान को स्थिर रखते हुए गैस का दाब दोगुना कर दिया जाए, तो ध्वनि की चाल भी दोगुनी हो जाती है। 2. अनुदैर्ध्य तरंगों (Longitudinal waves) के संचरण के दौरान माध्यम में संपीडन (Compression) वाले स्थानों पर दाब और घनत्व दोनों का मान अधिकतम होता है, जबकि विरलन (Rarefaction) वाले स्थानों पर न्यूनतम होता है। 3. डॉप्लर प्रभाव (Doppler effect) के अनुसार, जब ध्वनि स्रोत और श्रोता के बीच की दूरी कम होती है, तो श्रोता को सुनाई देने वाली ध्वनि की आवृत्ति वास्तविक आवृत्ति से अधिक प्रतीत होती है, और यह प्रभाव प्रकाश तरंगों के लिए भी मान्य है। 4. अनुप्रस्थ तरंगें (Transverse waves) केवल ठोस और द्रवों की सतह पर ही उत्पन्न की जा सकती हैं, क्योंकि गैसों में अपरूपण प्रत्यास्थता (Shear elasticity) का अभाव होता है, जिसके कारण गैसों के भीतर अनुप्रस्थ तरंगों का संचरण संभव नहीं है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

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पादप जगत के वर्गीकरण, प्रकाश संश्लेषण और पादप हार्मोन्स के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ब्रायोफाइट्स को पादप जगत का 'उभयचर' (Amphibians) कहा जाता है क्योंकि ये पौधे मृदा में उगते हैं किंतु लैंगिक जनन के लिए जल पर निर्भर होते हैं, और इनमें संवहनी ऊतक (जाइलम और फ्लोएम) पूरी तरह अनुपस्थित होते हैं। 2. C4 पौधों में प्रकाश संश्लेषण की कार्यक्षमता C3 पौधों की तुलना में अधिक होती है क्योंकि इनमें प्रकाश श्वसन (Photorespiration) की दर नगण्य होती है, और कार्बन डाइऑक्साइड का प्राथमिक स्थिरीकरण मेसोफिल कोशिकाओं में फॉस्फोएनोलपाइरुवेट (PEP) कार्बोक्सिलेज एंजाइम द्वारा होता है। 3. जिब्रेलिन (Gibberellin) एक ऐसा पादप हार्मोन है जो आनुवंशिक रूप से बौने पौधों में पर्व संधियों (Internodes) के दीर्घीकरण को प्रेरित करके लंबाई बढ़ाता है, और यह बीजों में अल्फा-एमिलाइज एंजाइम के संश्लेषण को उत्तेजित कर सुषुप्तावस्था को भंग करता है। 4. एब्सिसिक एसिड (ABA) को 'तनाव हार्मोन' (Stress hormone) कहा जाता है, क्योंकि यह सूखे की स्थिति में रंध्रों (Stomata) को बंद करने को प्रेरित करता है, जबकि साइटोकैनीन हार्मोन कोशिका विभाजन को रोकता है और पत्तियों में जीर्णता (Senescence) को त्वरित करता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

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विद्युत धारा, प्रतिरोध और परिपथ के सिद्धांतों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. किसी धात्विक चालक का प्रतिरोध उसके ताप में वृद्धि के साथ बढ़ता है, क्योंकि ताप बढ़ने पर मुक्त इलेक्ट्रॉनों का औसत विश्रांतिक काल (Relaxation time) घट जाता है, जिससे इलेक्ट्रॉनों की आयनों के साथ संघट्टों की आवृत्ति बढ़ जाती है। 2. किर्चॉफ का प्रथम नियम (धारा नियम या KCL) आवेश संरक्षण के नियम पर आधारित है, जिसके अनुसार किसी संधि पर मिलने वाली समस्त धाराओं का बीजगणितीय योग शून्य होता है। 3. किर्चॉफ का द्वितीय नियम (वोल्टेज नियम या KVL) ऊर्जा संरक्षण के नियम पर आधारित है, जो केवल बन्द परिपथों पर लागू होता है और इसके अनुसार किसी बन्द पाथ में कुल विद्युत वाहक बलों का बीजगणितीय योग उस पाथ के विभिन्न भागों में उत्पन्न विभवांतरों के बीजीय योग के बराबर होता है। 4. यदि एकसमान अनुप्रस्थ काट वाले तांबे के तार को खींचकर उसकी लंबाई को दोगुना कर दिया जाए, तो उसका प्रतिरोध चार गुना हो जाता है और उसकी विशिष्ट प्रतिरोधकता (Resistivity) भी दोगुनी हो जाती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

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मानव रोगों और उनके रोगजनकों, संचरण तंत्र तथा नैदानिक लक्षणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'मलेरिया' (Malaria) प्लाज्मोडियम प्रजाति के प्रोटोजोआ के कारण होता है, जिसका संचरण मादा एनोफिलीज मच्छर के काटने से होता है, और इसके गंभीर रूप (प्लाज्मोडियम फैल्ciparum) में रोगी को 'ब्लैकवाटर फीवर' हो सकता है जिसमें हीमोग्लोबिनयूरिया (मूत्र के साथ हीमोग्लोबिन का आना) की स्थिति उत्पन्न होती है। 2. 'डिफ्थीरिया' (Diphtheria) कॉर्नेबैक्टीरियम डिफ्थिरियाई (Corynebacterium diphtheriae) नामक ग्राम-पॉजिटिव जीवाणु के कारण होता है, जो श्वसन नली में एक स्रावी धूसर रंग की 'झिल्ली' (Pseudomembrane) का निर्माण करता है और इसके एक्सोटॉक्सिन से हृदय तथा तंत्रिका तंत्र को गंभीर क्षति पहुँचती है। 3. 'ट्रैकोमा' (Trachoma) क्लैमाइडिया ट्रैकोमैटिस (Chlamydia trachomatis) नामक अंतःकोशिकी जीवाणु के कारण होने वाला नेत्र संक्रमण है, जो कार्निया और कंजंक्टिवा को प्रभावित करता है और लंबे समय तक संक्रमण रहने से पलकें अंदर की ओर मुड़ जाती हैं (ट्रिकियासिस)। 4. 'लेप्रॉसी' (कुष्ठ रोग) माइकोबैक्टीरियम लेप्रे के कारण होता है, जो मुख्य रूप से केंद्रीय तंत्रिका तंत्र और मस्तिष्क के न्यूरॉन्स को गंभीर रूप से क्षति पहुँचाता है, जबकि इसकी परिधीय तंत्रिकाओं और त्वचा पर कोई संवेदनशीलता प्रभावित नहीं होती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

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मानव अंतःस्रावी तंत्र और विभिन्न हॉर्मोनों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. हाइपोथैलेमस से स्रावित होने वाला 'सोमाटोसटेटिन' (Somatostatin) हॉर्मोन अग्र पीयूष ग्रंथि से 'ग्रोथ हॉर्मोन' (GH) के स्राव को रोकता है, जबकि थायरोट्रोपिन-रिलीजिंग हॉर्मोन (TRH) प्रोलैक्टिन के स्राव को भी प्रेरित करता है। 2. अधिवृक्क ग्रंथि (Adrenal Gland) के एड्रिनल मेडुला द्वारा स्रावित 'एपिनेफ्रिन' और 'नॉरएपिनेफ्रिन' कैटेकोलामीन हॉर्मोन हैं, जो आपातकालीन परिस्थितियों में ग्लाइकोजेनोलिसिस को प्रेरित करके रक्त में ग्लूकोज की मात्रा को बढ़ाते हैं। 3. अग्न्याशय (Pancreas) की लैंगरहैंस की द्वीपिकाओं की 'अल्फा कोशिकाएँ' इंसुलिन का स्राव करती हैं, जो यकृत कोशिकाओं में ग्लूकोज को ग्लाइकोजन में बदलने (ग्लाइकोजेनेसिस) को प्रेरित करता है, जिससे रुधिर शर्करा का स्तर घटता है। 4. पैराथाइरॉइड ग्रंथि से स्रावित होने वाला 'पैराथर्मोन' (PTH) एक हाइपरकैल्सेमिक हॉर्मोन है, जो रक्त में कैल्सियम आयनों के स्तर को बढ़ाने के लिए हड्डियों के अवशोषण (Bone resorption) और वृक्कों द्वारा कैल्सियम के पुनרוत्शोषण को प्रेरित करता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

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रासायनिक बंधन और अम्लीय-क्षारीय प्रणालियों (Acids, Bases and Salts) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. लुईस अम्ल वे रासायनिक स्पीशीज (परमाणु, आयन या अणु) हैं जो इलेक्ट्रॉन युग्म प्रदान करने की क्षमता रखते हैं, जबकि लुईस क्षार इलेक्ट्रॉन युग्म ग्रहण करते हैं। 2. आर्हेनियस अवधारणा के अनुसार, वे पदार्थ जो जलीय विलयन में हाइड्रोजन आयन ($H^+$ या $H_3O^+$) उत्पन्न करते हैं, अम्ल कहलाते हैं, किंतु यह सिद्धांत अमोनिया ($NH_3$) जैसे गैर-जलीय विलायकों में क्षारीय व्यवहार की व्याख्या करने में असमर्थ है। 3. पॉलीप्रोटिक अम्लों (जैसे फॉस्फोरस अम्ल $H_3PO_3$) के विभिन्न आयनन चरणों के वियोजन स्थिरांकों का मान घटता जाता है, अर्थात प्रथम वियोजन स्थिरांक ($K_{a1}$) द्वितीय वियोजन स्थिरांक ($K_{a2}$) से अधिक होता है। 4. किसी लवण के जल-अपघटन (Hydrolysis) के दौरान, दुर्बल अम्ल और प्रबल क्षार से बने लवण का जलीय विलयन क्षारीय प्रकृति का होता है क्योंकि इसमेंऋणायन का जल-अपघटन होता है, जिससे हाइड्रॉक्साइड आयन ($OH^-$) मुक्त होते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

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मानव पोषण और जैव अणुओं (विटामिन, कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. विटामिन B12 (सायनोकोबलामिन) एकमात्र ऐसा जल-विलेय विटामिन है जिसमें कोबाल्ट धातु आयन उपस्थित होता है, और इसका भंडारण यकृत में कई वर्षों तक हो सकता है, जबकि अन्य अधिकांश जल-विलेय विटामिन शरीर में संचित नहीं होते और मूत्र के साथ उत्सर्जित हो जाते हैं। 2. ग्लाइकोजन एक अत्यधिक शाखित पॉलिसैराइड है जो मुख्य रूप से जंतुओं और कवक में ऊर्जा संचय का कार्य करता है, तथा इसकी संरचना पादप स्टार्च के 'एमिलापैक्टिन' के समान होती है किंतु इसमें शाखाओं का घनत्व बहुत अधिक होता है। 3. आवश्यक अमीनो अम्ल वे अमीनो अम्ल हैं जिनका संश्लेषण मानव शरीर की कोशिकाओं में आनुवंशिक रूप से हो सकता है, जबकि अनावश्यक अमीनो अम्ल वे हैं जिन्हें शरीर में संश्लेषित नहीं किया जा सकता और उन्हें आहार के माध्यम से लेना अनिवार्य होता है। 4. सेलूलोज एक रैखिक पॉलिसैराइड है जो बीटा-डी-ग्लूकोज इकाइयों के C1-C4 ग्लाइकोसिडिक बंधों द्वारा जुड़ने से बनता है, और मानव पाचन तंत्र में इसे पचाने वाले एंजाइम की अनुपस्थिति के कारण यह ऊर्जा का स्रोत नहीं बन पाता। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

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यूकेरियोटिक कोशिका चक्र (Eukaryotic Cell Cycle) और कोशिका विभाजन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. कोशिका चक्र की 'G0 अवस्था' (शंत अवस्था) में कोशिकाएं उपापचय रूप से सक्रिय रहती हैं किंतु वे कोशिका चक्र से बाहर निकलकर बिना विभाजित हुए लंबी अवधि तक जीवित रह सकती हैं, जैसे कि मानव शरीर की हृदय पेशी कोशिकाएं (Cardiac muscle cells)। 2. सूत्री विभाजन (Mitosis) की 'मेटाफेज' (Metaphase) अवस्था के दौरान गुणसूत्र कोशिका के मध्य रेखा (Equator) पर संरेखित हो जाते हैं, और इस अवस्था में तर्कु तंतु (Spindle fibers) गुणसूत्रों के सेंट्रोमियर पर स्थित 'काइनेटोकोर' (Kinetochore) प्रोटीन संरचना से जुड़ते हैं। 3. अर्धसूत्री विभाजन-I (Meiosis-I) की 'पैकितीन' (Pachytene) उप-अवस्था में समझात गुणसूत्रों के नॉन-सिस्टर क्रोमैटिड्स के बीच आनुवंशिक सामग्री का विनिमय होता है, जिसे 'क्रॉसिंग ओवर' कहा जाता है, और यह प्रक्रिया 'रेकॉम्बीनेज' एंजाइम द्वारा उत्प्रेरित होती है। 4. अर्धसूत्री विभाजन (Meiosis) के दौरान गुणसूत्रों की संख्या आधी हो जाती है, जो हमेशा युग्मक जनन (Gametogenesis) के समय ही होती है और यह प्रक्रिया सभी पादप एवं जंतु कोशिकाओं में द्विगुणित से अगुणित अवस्था में परिवर्तन के लिए अनिवार्य है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

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मानव शरीर में वृहत् पोषक तत्वों (Macronutrients) और सूक्ष्म पोषक तत्वों (Micronutrients) के उपापचय तथा जैव-रासायनिक कार्यों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. एस्कॉर्बिक एसिड (विटामिन C) एक जल-विलेय विटामिन है जो कोलेजन (Collagen) प्रोटीन के हाइड्रॉक्सीलेशन के लिए एक आवश्यक सह-एंजाइम के रूप में कार्य करता है, और इसकी कमी से संयोजी ऊतकों की कमजोरी तथा स्कर्वी रोग उत्पन्न होता है। 2. ट्रिप्टोफैन एक आवश्यक अमीनो अम्ल है, जिससे मानव शरीर में 'नियासिन' (विटामिन B3) और 'सेरोटोनिन' न्यूरोट्रांसमीटर का जैव-संश्леषण होता है, तथा इसकी पूर्ण कमी से 'पेलॅग्रा' (Pellagra) रोग हो सकता है। 3. वसा-विलेय विटामिन 'टोकॉफेरॉल' (विटामिन E) एक शक्तिशाली अंतःकोशिकी एंटीऑक्सीडेंट है जो कोशिका झिल्ली में पॉलीअनसेचुरेटेड फैटी एसिड्स को पेरोक्सीडेशन से बचाता है, और इसकी कमी से पुरुषों में बंध्यापन तथा महिलाओं में गर्भपात की प्रवृत्ति बढ़ सकती है। 4. कार्बोहाइड्रेट उपापचय के दौरान 'थायमिन' (विटामिन B1) अपने सक्रिय सह-एंजाइम रूप यानी थायमिन पाइरोफॉस्फेट के रूप में पादप और जंतु कोशिकाओं में पाइरुवेट के एसिटाइल-कोएंजाइम-A में ऑक्सीडेटिव डीकार्बोक्सिलेशन को उत्प्रेरित नहीं करता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

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आधुनिक आवर्त सारणी और तत्वों के आवर्ती गुणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. किसी आवर्त में बाएं से दाएं जाने पर प्रभावी नाभिकीय आवेश (Effective Nuclear Charge) में क्रमिक वृद्धि होती है, जिसके फलस्वरूप परमाणु त्रिज्या में निरंतर कमी आती है, किंतु समूह-18 के उत्कृष्ट गैसों की परमाणु त्रिज्या (वांडरवाल्स त्रिज्या) उनके ठीक पहले आने वाले हैलोजन तत्वों की सहसंयोजक त्रिज्या की तुलना में बड़ी होती है। 2. ऑक्सीजन की तुलना में नाइट्रोजन की प्रथम आयनन एन्थैल्पी (First Ionization Enthalpy) का मान अधिक होता है, जिसका मुख्य कारण नाइट्रोजन के 2p कक्षकों का अर्ध-पूर्ण (Half-filled) होना है। 3. आवर्त सारणी में फ्लोरीन की इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी (Electron Gain Enthalpy) का ऋणात्मक मान क्लोरीन की तुलना में अधिक होता है, क्योंकि फ्लोरीन का आकार अत्यंत छोटा होने के कारण आने वाला नया इलेक्ट्रॉन पहले से उपस्थित 2p इलेक्ट्रונים से अधिक प्रतिकर्षण अनुभव करता है। 4. लैंथेनाइड संकुचन (Lanthanide Contraction) के कारण 4d और 5d संक्रमण श्रेणी के तत्वों (जैसे जिरकोनियम और हाफ़िज़ियम) की परमाणु और आयनिक त्रिज्याएँ लगभग समान हो जाती हैं, जिसका मुख्य कारण 4f कक्षकों का दुर्बल आवरण प्रभाव (Shielding effect) है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

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