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Civil services — Free MCQ Questions & Mock Test

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Civil services ki taiyari ke liye 2576+ free MCQ questions, explanation ke saath — practice karein aur apni tayyari mazboot banayein.

🎯 257 Mock Tests Khelein

भारतीय और विश्व भूगोल के संदर्भ में, 'जेट स्ट्रीम' (Jet Streams) और ऊपरी क्षोभमंडलीय परिसंचरण (Upper Tropospheric Circulation) के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. जेट स्ट्रीम क्षोभमंडल की ऊपरी परतों में अत्यधिक तीव्र गति से बहने वाली भू-विक्षेपी (Geostrophic) हवाएँ हैं, जो सामान्यतः पश्चिम से पूर्व की ओर प्रवाहित होती हैं और इनकी गति सर्दियों में ग्रीष्मकाल की तुलना में अधिक होती है क्योंकि इस दौरान तापमान का क्षैतिज प्रवणता (Horizontal Temperature Gradient) बढ़ जाती है। 2. 'ध्रुवीय वाताग्र जेट स्ट्रीम' (Polar Front Jet Stream) और 'उपोषणीय पश्चिमी जेट स्ट्रीम' (Subtropical Westerly Jet Stream) दोनों ही उत्तरी गोलार्ध में तिब्बत के पठार की विशाल स्थलाकृति से अप्रभावित रहती हैं और वर्षभर भूमध्य रेखा के समांतर सीधी रेखा में बहती हैं। 3. भारत में ग्रीष्मकालीन मानसून के अचानक आगमन और उसकी सक्रियता में 'उष्णकटिबंधीय पूर्वी जेट स्ट्रीम' (Tropical Easterly Jet Stream) की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, जो गर्मियों के महीनों में ऊपरी क्षोभमंडल में भारतीय उपमहाद्वीप के ऊपर पूर्व से पश्चिम की ओर प्रवाहित होती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

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भारतीय इतिहास और स्वतंत्रता आंदोलन के संदर्भ में, वर्ष 1930 के 'सविनय अवज्ञा आंदोलन' (Civil Disobedience Movement) और उससे जुड़े घटनाक्रमों के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. सविनय अवज्ञा आंदोलन की शुरुआत महात्मा गांधी द्वारा अपने 78 चुने हुए अनुयायियों के साथ साबरमती आश्रम से दांडी तक की 240 मील की ऐतिहासिक पदयात्रा (दांडी मार्च) के साथ 12 मार्च 1930 को की गई थी, और गांधीजी ने 6 अप्रैल 1930 को दांडी में नमक कानून तोड़कर औपचारिक रूप से इस आंदोलन का शुभारंभ किया था। 2. उत्तर-पश्चिम सीमांत प्रांत में इस आंदोलन का नेतृत्व खान अब्दुल गफ्फार खान (जिन्हें 'सीमांत गांधी' भी कहा जाता है) द्वारा किया गया था, जिन्होंने 'खुदाई खिदमतगार' (Red Shirts) नामक संगठन की स्थापना की थी, जिसने अंग्रेजों के विरुद्ध अहिंसक संघर्ष का मार्ग अपनाया था। 3. धरसाणा (गुजरात) में नमक कारखाने पर सत्याग्रहियों के शांतिपूर्ण मार्च का नेतृत्व सरोजिनी नायडू और इमाम साहब ने किया था, जिस पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज और बर्बरता का प्रत्यक्ष आँखों देखा हाल अमेरिकी पत्रकार वेस्ली फ्रॉस्ट (Wesley Frost) ने अपनी रिपोर्टिंग में दुनिया के सामने रखा था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

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भारतीय इतिहास और स्वतंत्रता आंदोलन के संदर्भ में, वर्ष 1942 के 'भारत छोड़ो आंदोलन' (Quit India Movement) और उससे जुड़े समानांतर सरकारों (Parallel Governments) के गठन के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों में अंग्रेजों के विरुद्ध सशस्त्र और प्रशासनिक विद्रोह के रूप में कई 'समानांतर सरकारों' (Parallel Governments) की स्थापना की गई थी, जिनमें बलिया (उत्तर प्रदेश) में चित्तू पांडेय के नेतृत्व में, तामलुक (बंगाल) में 'जातीय सरकार' के रूप में और सतारा (महाराष्ट्र) में 'प्रति सरकार' के रूप में सबसे दीर्घकालिक सरकार स्थापित हुई थी। 2. तामलुक की 'जातीय सरकार' के अंतर्गत सशस्त्र स्वयंसेवकों की एक वाहिनी का गठन किया गया था जिसे 'विद्या वाहिनी' कहा जाता था, और इस सरकार ने चक्रवात पीड़ितों के लिए राहत कार्य करने के साथ-साथ अपनी स्वयं की न्यायपालिका और प्रशासनिक व्यवस्था भी संचालित की थी। 3. सतारा की 'प्रति सरकार' (Prati Sarkar) का नेतृत्व नाना पाटिल और चव्हाण बंधुओं द्वारा किया गया था, और यह इस आंदोलन के दौरान स्थापित होने वाली सभी समानांतर सरकारों में सबसे अधिक समय तक (वर्ष 1945 के मध्य तक) सक्रिय रही, जिसने भूमिगत पत्रिकाओं और 'न्यायदान मंडलों' के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वशासन स्थापित किया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग XI' के अंतर्गत 'विधायन शक्तियों के वितरण' (Distribution of Legislative Powers - अनुच्छेद 245 से 255) तथा इससे जुड़े प्रावधानों के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 249 के अनुसार यदि राज्य सभा उपस्थित और मतदान करने वाले कम से कम दो-तिहाई सदस्यों के समर्थन से कोई संकल्प पारित कर देती है कि राष्ट्रीय हित में यह आवश्यक या समीचीन है कि संसद राज्य सूची में शामिल किसी विषय पर कानून बनाए, तो संसद को पूरे भारत या उसके किसी भाग के लिए उस विषय पर विधि बनाने की शक्ति प्राप्त हो जाती है, और ऐसा संकल्प अधिकतम दो वर्ष की अवधि के लिए प्रवृत्त रहता है। 2. संविधान के अनुच्छेद 252 के प्रावधानों के तहत यदि दो या अधिक राज्यों के विधानमंडल इस आशय के संकल्प पारित कर दें कि राज्य सूची के किसी विषय पर संसद द्वारा विधि बनाई जानी चाहिए, तो संसद उस विषय पर उन राज्यों के लिए कानून बना सकती है, और ऐसा अधिनियमित कानून किसी अन्य ऐसे राज्य पर भी स्वतः लागू हो जाता है जो बाद में अपनी विधानसभा में बिना किसी संकल्प के इसमें शामिल होना चाहे। 3. भारत में अपशिष्ट विधायी शक्तियाँ (Residuary Powers) अमेरिकी संविधान की तर्ज पर राज्यों को प्रदान की गई हैं, जिसका अर्थ है कि वे सभी विषय जो संघ सूची, राज्य सूची या समवर्ती सूची में स्पष्ट रूप से शामिल नहीं हैं, उन पर कानून बनाने का अंतिम अधिकार संबंधित राज्य विधानमंडलों के पास होता है, और इस पर सर्वोच्च न्यायालय का क्षेत्राधिकार केवल न्यायिक समीक्षा तक सीमित है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

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सामान्य विज्ञान एवं पर्यावरण के संदर्भ में, 'प्रवाल भित्तियाँ' (Coral Reefs) और उनके विरंजन (Coral Bleaching) तथा इससे जुड़ी पारिस्थितिकीय प्रक्रियाओं के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. प्रवाल (Corals) मुख्य रूप से समुद्री जीव हैं जो फाइलम 'सिनेडेरिया' (Cnidaria) से संबंधित हैं, और रीफ-निर्माण करने वाले (Hermatypic) प्रवालों के ऊतकों में 'जूजैन्थेली' (Zooxanthellae) नामक सूक्ष्म शैवाल सहजीवी रूप से निवास करते हैं, जो प्रवालों को उनका विशिष्ट रंग प्रदान करने के साथ-साथ उनके कुल पोषण का अधिकांश हिस्सा प्रकाश संश्लेषण के माध्यम से प्रदान करते हैं। 2. जब महासागरीय जल का तापमान सामान्य से अधिक हो जाता है या समुद्र में अम्लीकरण (Ocean Acidification) की समस्या बढ़ती है, तो प्रवाल तनावग्रस्त होकर अपने ऊतकों में रहने वाले जूजैन्थेली शैवाल को निष्कासित कर देते हैं, जिससे प्रवालों का रंग सफेद हो जाता है और इस स्थिति को प्रवाल विरंजन (Coral Bleaching) कहा जाता है, तथा यदि यह तनाव लंबे समय तक रहे तो प्रवाल की मृत्यु भी हो सकती है। 3. 'अल नीनो' (El Niño) दक्षिणी दोलन की घटना का प्रवाल विरंजन से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है, क्योंकि अल नीनो केवल वायुमंडलीय परिसंचरण और मानसूनी वर्षा को प्रभावित करता है, जबकि समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र और प्रवाल स्वास्थ्य पूरी तरह से स्थानीय प्रदूषण और लवणता के स्तर पर निर्भर करते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

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भारतीय अर्थव्यवस्था एवं सतत विकास के संदर्भ में, 'मुस्फीति' (Inflation), 'मुद्रास्फीति जनित मंदी' (Stagflation) तथा केंद्रीय बैंकों द्वारा उपयोग किए जाने वाले मौद्रिक नीति उपकरणों के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मुद्रास्फीति जनित मंदी (Stagflation) एक ऐसी आर्थिक स्थिति है जहाँ अर्थव्यवस्था में उच्च मुद्रास्फीति (High Inflation) के साथ-साथ आर्थिक विकास की गति धीमी (Stagnant Economic Growth) हो जाती है और बेरोजगारी का स्तर भी उच्च बना रहता है। 2. जब केंद्रीय बैंक अर्थव्यवस्था में बढ़ती मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए 'मात्रात्मक मौद्रिक नीति उपकरणों' (Quantitative Monetary Policy Tools) के तहत बैंक दर और रेपो रेट में वृद्धि करते हैं, तो वाणिज्यिक बैंकों के लिए ऋण लेना महंगा हो जाता है, जिससे समग्र माँग में कमी आती है और इसे मौद्रिक नीति का 'संकोचकारी रुख' (Contractionary Stance) कहा जाता है। 3. भारत में खुदरा मुद्रास्फीति (Retail Inflation) का आकलन मुख्य रूप से 'थोक मूल्य सूचकांक' (WPI) के आधार पर किया जाता है, जिसका संकलन और प्रकाशन आर्थिक सलाहकार कार्यालय, उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) द्वारा मासिक आधार पर किया जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

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भारतीय राजव्यवस्था के संदर्भ में, भारतीय संविधान की 'सातवीं अनुसूची' (Seventh Schedule) के अंतर्गत संघ, राज्य और समवर्ती सूचियों (Union, State, and Concurrent Lists) तथा विधायी शक्तियों के वितरण के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान की सातवीं अनुसूची के अनुच्छेद 246 के तहत विधायी विषयों का त्रिविध वितरण किया गया है, जिसमें 'संघ सूची' (List I) में मूल रूप से 97 विषय थे जो वर्तमान में बढ़कर 100 हो गए हैं, 'राज्य सूची' (List II) में मूल रूप से 66 विषय थे जिन्हें घटाकर वर्तमान में 61 कर दिया गया है, और 'समवर्ती सूची' (List III) में मूल रूप से 47 विषय थे जिन्हें 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा बढ़ाकर 52 कर दिया गया है। 2. 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा राज्य सूची के पाँच महत्वपूर्ण विषयों—शिक्षा, वन, वन्यजीवों और पक्षियों का संरक्षण, नाप-तोल, तथा न्याय का प्रशासन (उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालयों के गठन को छोड़कर)—को समवर्ती सूची में स्थानांतरित कर दिया गया था। 3. यदि संघ सूची या समवर्ती सूची के किसी विषय पर संसद द्वारा बनाई गई विधि और राज्य सूची के किसी विषय पर राज्य विधानमंडल द्वारा बनाई गई विधि के बीच कोई असंगति या विरोधाभास उत्पन्न होता है, तो हमेशा राज्य विधानमंडल की विधि को सर्वोच्चता प्राप्त होगी, भले ही वह समवर्ती सूची का मामला क्यों न हो। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान की 'सातवीं अनुसूची' के अंतर्गत 'अवशिष्ट विधायी शक्तियों' (Residuary Legislative Powers - अनुच्छेद 248) तथा विधायी शक्तियों के वितरण से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 248 के अनुसार संसद को किसी भी ऐसे विषय के संबंध में विधि बनाने की अनन्य (Exclusive) शक्ति प्राप्त है जो समवर्ती सूची या राज्य सूची में शामिल नहीं है, और इस अवशिष्ट शक्ति के अंतर्गत कर लगाने (Taxation) की शक्ति भी संसद में ही निहित है। 2. भारत की संघीय प्रणाली में अवशिष्ट विधायी शक्तियाँ संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) और ऑस्ट्रेलिया के संविधान के मॉडल पर आधारित हैं, जहाँ ये शक्तियाँ स्पष्ट रूप से संघ सरकार के बजाय राज्यों या प्रांतों को प्रदान की गई हैं। 3. यदि कोई नया विषय उत्पन्न होता है जो संघ, राज्य या समवर्ती किसी भी सूची में प्रत्यक्ष रूप से प्रगणित (Enumerated) नहीं है, तो इस बात का अंतिम निर्णय लेने की शक्ति सर्वोच्च न्यायालय के पास है कि वह विषय किस सूची के अंतर्गत आएगा, और सर्वोच्च न्यायालय की व्याख्या के पश्चात ही संसद या राज्य विधानमंडल उस पर कानून बना सकते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग XI' के अंतर्गत 'केंद्र-राज्य प्रशासनिक संबंध' (Administrative Relations - अनुच्छेद 256 से 263) के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 256 के अनुसार प्रत्येक राज्य की कार्यकारी शक्ति का प्रयोग इस प्रकार किया जाएगा कि संसद द्वारा बनाई गई विधियों और उस राज्य में लागू किसी पूर्ववर्ती केंद्रीय विधि का अनुपालन सुनिश्चित हो सके, और संघ की कार्यकारी शक्ति राज्य को ऐसे निर्देश देने तक विस्तारित है जो इस प्रयोजन के लिए आवश्यक प्रतीत हों। 2. संविधान के अनुच्छेद 263 के तहत राष्ट्रपति को यह शक्ति प्राप्त है कि वह अंतर-राज्य परिषद (Inter-State Council) की स्थापना कर सके, जिसका मुख्य कार्य राज्यों के बीच विवादों की जाँच करना, ऐसे विषयों पर सलाह देना जिनमें राज्यों के सामान्य हित हों, तथा बेहतर नीति समन्वय के लिए संस्तुतियां करना है। 3. राज्यपाल की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है और वह अपने पद पर राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत (During the pleasure of the President) बने रहते हैं, जिसका अर्थ यह है कि राज्यपाल को हटाने के संबंध में संविधान में एक निश्चित महाभ impeachment प्रक्रिया और विस्तृत आधारों का स्पष्ट उल्लेख किया गया है, ताकि केंद्र सरकार द्वारा उनके स्वविवेकपूर्ण निष्कासन को रोका जा सके। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग XV' (निर्वाचन - अनुच्छेद 324 से 329A) तथा 'निर्वाचन आयोग' (Election Commission) के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 324 के अनुसार संसद, राज्य के विधानमंडलों, राष्ट्रपति और उप-राष्ट्रपति के पदों के निर्वाचनों के अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण की शक्ति निर्वाचन आयोग में निहित है, जिसमें मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य निर्वाचन आयुक्त शामिल होते हैं, जिनकी नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा संसद की एक उच्च-स्तरीय चयन समिति की संस्तुति के आधार पर की जाती है। 2. मुख्य निर्वाचन आयुक्त को उसके पद से उसी रीति से और उन्हीं आधारों पर हटाया जा सकता है जिस रीति से और जिन आधारों पर उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश को हटाया जाता है, जबकि अन्य निर्वाचन आयुक्तों या क्षेत्रीय आयुक्तों को मुख्य निर्वाचन आयुक्त की सिफारिश के बिना राष्ट्रपति द्वारा उनके पद से नहीं हटाया जा सकता। 3. संविधान के अनुच्छेद 329 के तहत चुनाव मामलों में न्यायालयों के हस्तक्षेप पर रोक (Bar to interference by courts in electoral matters) का प्रावधान किया गया है, जिसके अनुसार संसद या राज्य विधानमंडल के लिए निर्वाचन से संबंधित किसी भी कानून की वैधता को केवल नियमित चुनाव याचिका (Election Petition) के माध्यम से ही उच्च न्यायालय में चुनौती दी जा सकती है, और चुनाव प्रक्रिया के बीच में किसी भी न्यायालय द्वारा कोई अंतरिम आदेश या रोक नहीं लगाई जा सकती। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

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