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Civil services — Free MCQ Questions & Mock Test

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Civil services ki taiyari ke liye 2576+ free MCQ questions, explanation ke saath — practice karein aur apni tayyari mazboot banayein.

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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग XI' (केंद्र-राज्य विधायी संबंध) तथा 'भारतीय संसद एवं राज्य विधानमंडलों की विधायी शक्तियों' के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 245 के अंतर्गत संसद को पूरे भारत या उसके किसी भी भाग के लिए कानून बनाने की शक्ति प्राप्त है, और किसी राज्य के विधानमंडल को उस राज्य के पूरे क्षेत्र या उसके किसी भाग के लिए कानून बनाने की शक्ति है, किंतु संसद द्वारा बनाया गया कोई भी कानून इस आधार पर अवैध घोषित नहीं किया जा सकता कि उसका अतिरिक्त-क्षेत्रीय प्रभाव (Extra-territorial operation) है। 2. संविधान की सातवीं अनुसूची की 'समवर्ती सूची' (Concurrent List) के किसी विषय पर यदि राज्य विधानमंडल द्वारा बनाया गया कानून संसद द्वारा बनाए गए पहले के कानून के प्रतिकूल या असंगत है, तो संसद का कानून मान्य होगा और राज्य का कानून उस सीमा तक शून्य हो जाएगा जहाँ तक वह संसद के कानून के विरुद्ध है, भले ही राज्य के कानून को संविधान के अनुच्छेद 254(2) के तहत राष्ट्रपति की अनुमति (Assent) प्राप्त हुई हो या नहीं। 3. संविधान के अनुच्छेद 250 के अनुसार यदि राष्ट्रीय आपातकाल (National Emergency) प्रवृत्त है, तो संसद को राज्य सूची (List II) में शामिल किसी भी विषय पर पूरे देश या उसके किसी भाग के लिए कानून बनाने की विधायी शक्ति प्राप्त हो जाती है, किंतु ऐसे आपातकाल की समाप्ति के पश्चात संसद द्वारा बनाए गए वे कानून ठीक छह महीने की अवधि समाप्त होने पर निष्प्रभावी हो जाते हैं, सिवाय उन बातों के जिन्हें उस अवधि से पहले किया गया है या करने का लोप किया गया है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

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सामान्य विज्ञान, पर्यावरण और पारिस्थितिकी के संदर्भ में, 'जैविक ऑक्सीजन मांग' (Biological Oxygen Demand - BOD) और 'रासायनिक ऑक्सीजन मांग' (Chemical Oxygen Demand - COD) के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. BOD किसी जल निकाय में उपस्थित सूक्ष्मजीवों (जैसे बैक्टीरिया) द्वारा कार्बनिक पदार्थों के जैव-रासायनिक ऑक्सीकरण के लिए उपभोग की जाने वाली घुली हुई ऑक्सीजन की मात्रा है, और यह आमतौर पर 20°C तापमान पर 5 दिनों की अवधि में मापी जाती है। 2. COD जल निकाय में उपस्थित केवल जैव-निम्नीकरणीय (Biodegradable) कार्बनिक प्रदूषकों के रासायनिक ऑक्सीकरण के लिए आवश्यक ऑक्सीजन की कुल मात्रा को मापता है, जबकि अजैव-निम्नीकरणीय प्रदूषक इसके दायरे से बाहर होते हैं। 3. किसी जल निकाय का BOD और COD स्तर जितना उच्च होगा, उस जल में घुली हुई ऑक्सीजन (Dissolved Oxygen - DO) की उपलब्धता उतनी ही अधिक होगी, जो जलीय जीवों के पनपने के लिए अत्यंत अनुकूल पर्यावरण को दर्शाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग XVII' (राजभाषा - अनुच्छेद 343 से 351) तथा 'अष्टम अनुसूची' (Eighth Schedule) के प्रावधानों के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 343 के अनुसार संघ की राजभाषा हिंदी और लिपि देवनागरी होगी, तथा संघ के राजकीय प्रयोजनों के लिए प्रयोग होने वाले अंकों का रूप भारतीय अंकों का अंतरराष्ट्रीय रूप (International form of Indian numerals) होगा, किंतु संसद को विधि द्वारा यह शक्ति दी गई है कि वह 15 वर्ष की प्रारंभिक अवधि के बाद भी अंग्रेजी भाषा के निरंतर प्रयोग के लिए उपबंध कर सके। 2. संविधान की अष्टम अनुसूची में मूल रूप से 14 भाषाएँ शामिल थीं, जिन्हें समय-समय पर विभिन्न संविधान संशोधनों (जैसे 21वें, 71वें, 92वें और 96वें संशोधन) के माध्यम से बढ़ाकर वर्तमान में 22 कर दिया गया है, और किसी भी भाषा को इस अनुसूची में शामिल करने के लिए संविधान में एक निश्चित न्यूनतम साक्षरता या बोलने वाले आबादी का प्रतिशत वैधानिक रूप से अनिवार्य किया गया है। 3. संविधान के अनुच्छेद 351 के अंतर्गत यह निर्देश दिया गया है कि संघ का यह कर्तव्य होगा कि वह हिंदी भाषा का प्रसार बढ़ाए, उसका विकास करे ताकि वह भारत की सामासिक संस्कृति (Composite culture) के सभी तत्वों की अभिव्यक्ति का माध्यम बन सके, और इसके विकास के लिए मुख्य रूप से संस्कृत शब्दावली तथा देश की अन्य भाषाओं की शब्दावली से ही शब्द ग्रहण करे। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग V' (संघ - अनुच्छेद 52 से 151) तथा 'भारत के महान्यायवादी' (Attorney General for India - अनुच्छेद 76) के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. महान्यायवादी की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा ऐसे व्यक्ति को की जाती है जो उच्चतम न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त होने के लिए अर्हित (Qualified) है, तथा संविधान में महान्यायवादी के लिए कोई निश्चित कार्यकाल निर्धारित नहीं किया गया है और वह राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत (During the pleasure of the President) पद धारण करता है। 2. भारत के महान्यायवादी को देश के सभी न्यायालयों में सुनवाई का अधिकार प्राप्त है, तथा उसे संसद के दोनों सदनों या उनकी संयुक्त बैठकों और संसद की किसी भी समिति (जिसका वह सदस्य नामित किया गया हो) में बोलने और भाग लेने का अधिकार तो है, किंतु उसे मतदान करने का कोई संवैधानिक अधिकार प्राप्त नहीं है। 3. महान्यायवादी भारत सरकार का पूर्णकालिक विधि अधिकारी (Full-time legal officer) होता है, और संविधान के नियमों के अनुसार वह किसी भी निजी कानूनी प्रैक्टिस या मुक़दमे में सरकार के विरुद्ध पैरवी नहीं कर सकता है, क्योंकि यह उसके पेशेवर आचरण के विरुद्ध एक सांविधिक प्रतिबंध है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग V' के अंतर्गत 'संसद' (अनुच्छेद 79 से 122) तथा 'संसदीय विशेषाधिकारों' (Parliamentary Privileges - अनुच्छेद 105) के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 105 के अनुसार संसद के प्रत्येक सदन को अपने सदस्यों के भाषण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अतिरिक्त संसद में या उसकी किसी समिति में कही गई किसी बात या दिए गए किसी मत के संबंध में किसी भी न्यायालय में कोई कार्यवाही न चलाए जाने का उन्मुक्ति अधिकार प्राप्त है। 2. जब संसद का सत्र चल रहा हो, तब संसद के किसी भी सदस्य को दीवानी मामलों (Civil Cases) में भी सदन के आरंभ होने से 40 दिन पूर्व और सदन की समाप्ति के 40 दिन पश्चात् तक गिरफ्तार नहीं किया जा सकता है, और यह उन्मुक्ति आपराधिक मामलों (Criminal Cases) तथा निवारक नजरबंदी (Preventive Detention) के मामलों में भी समान रूप से पूर्णतः लागू होती है। 3. ब्रिटिश हाउस ऑफ कॉमन्स की परंपरा के अनुसार भारतीय संसद और उसके सदस्यों के पास अनिश्चितकालीन और असीमित संसदीय विशेषाधिकार प्राप्त हैं, जिन्हें न्यायालयों द्वारा किसी भी स्थिति में न्यायिक समीक्षा (Judicial Review) के दायरे में नहीं लाया जा सकता है, भले ही वे मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करते हों। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग III' के अंतर्गत 'मूल अधिकार' (अनुच्छेद 12 से 35) तथा 'संवैधानिक उपचारों के अधिकार' (अनुच्छेद 32) के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत सर्वोच्च न्यायालय को मौलिक अधिकारों के प्रवर्तन के लिए रिट (Writs) जारी करने की शक्ति प्राप्त है, और यह अधिकार स्वयं में एक मौलिक अधिकार है, जिसके कारण सर्वोच्च न्यायालय इस आधार पर अपनी अधिकारिता से इनकार नहीं कर सकता कि मामले में कोई वैकल्पिक प्रभावी उपचार उपलब्ध है। 2. 'उत्प्रेषण' (Certiorari) रिट केवल न्यायिक और अर्द्ध-न्यायसंगत (Quasi-judicial) निकायों के विरुद्ध ही जारी की जा सकती है, तथा यह किसी प्रशासनिक प्राधिकारी (Administrative authority) या निजी व्यक्ति के विरुद्ध जारी नहीं की जा सकती, भले ही उनका कोई कार्य किसी व्यक्ति के अधिकारों को प्रभावित करता हो। 3. सशस्त्र बलों, अर्ध-सैनिक बलों, पुलिस बलों, खुफिया एजेंसियों के सदस्यों या लोक व्यवस्था बनाए रखने के लिए नियोजित किसी अन्य बल के सदस्यों के संबंध में मूल अधिकारों के अनुप्रयोग को प्रतिबंधित या निराकृत करने की अनन्य शक्ति केवल संसद के पास है, और राज्य के विधानमंडलों को ऐसी कोई विधायी शक्ति प्राप्त नहीं है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

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भारतीय अर्थव्यवस्था और सतत विकास के संदर्भ में, 'सतत विकास लक्ष्य' (Sustainable Development Goals - SDGs) और 'बहुआयामी गरीबी सूचकांक' (Multidimensional Poverty Index - MPI) के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संयुक्त राष्ट्र द्वारा अपनाए गए 2030 एजेंडा के 17 सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) में से 'SDG 1' का उद्देश्य केवल वैश्विक स्तर पर अत्यधिक गरीबी (Extreme Poverty) का पूर्ण उन्मूलन करना है, और इसके तहत वैश्विक परिभाषा के अनुसार प्रतिदिन 2.15 अमेरिकी डॉलर से कम पर जीवनयापन करने वाले सभी व्यक्तियों की संख्या को आधा करना शामिल है। 2. नीति आयोग (NITI Aayog) द्वारा जारी किया जाने वाला 'राष्ट्रीय बहुआयामी गरीबी सूचकांक' (National MPI) स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर के तीन समान रूप से भारित आयामों का उपयोग करता है, जिन्हें कुल 12 संकेतकों (Indicators) के माध्यम से मापा जाता है (जैसे कि पोषण, बाल एवं किशोर mortality, मातृ स्वास्थ्य, स्कूली शिक्षा के वर्ष, और बैंक खाता आदि)। 3. वैश्विक बहुआयामी गरीबी सूचकांक (Global MPI) संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) और ऑक्सफोर्ड गरीबी और मानव विकास पहल (OPHI) द्वारा संयुक्त रूप से प्रकाशित किया जाता है, तथा इसके अंतर्गत यदि कोई व्यक्ति कुल भारित संकेतकों के कम-से-कम 20 प्रतिशत (यानी 1/5वें हिस्से) से वंचित है, तो उसे बहुआयामी रूप से गरीब माना जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग IX' (पंचायती राज - अनुच्छेद 243 से 243O) तथा 'भाग IXक' (नगरपालिकाएँ - अनुच्छेद 243P से 243ZG) के प्रावधानों के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 243-I के अनुसार प्रत्येक राज्य का राज्यपाल, पंचायत की वित्तीय स्थिति की समीक्षा करने के लिए प्रत्येक पाँच वर्ष की समाप्ति पर एक 'राज्य वित्त आयोग' का गठन करेगा, जो राज्यपाल को यह संस्तुति करेगा कि राज्य द्वारा एकत्र किए जाने वाले करों और शुल्कों का पंचायतों और नगरपालिकाओं के बीच किस प्रकार वितरण किया जाना चाहिए। 2. संविधान के अनुच्छेद 243-G के अंतर्गत पंचायतों को आर्थिक विकास और सामाजिक न्याय के लिए योजनाएँ तैयार करने तथा ग्यारहवीं अनुसूची में सूचीबद्ध 29 विषयों के संबंध में कार्यक्रम लागू करने की जिम्मेदारी सौंपने के लिए राज्य के विधानमंडल को विधि द्वारा शक्ति प्रदान की गई है, और यह शक्ति राज्य के लिए पूरी तरह से अनिवार्य (Mandatory) है, स्वैच्छिक नहीं। 3. संविधान के अनुच्छेद 243-ZA के अनुसार प्रत्येक नगरपालिका के लिए निर्वाचनों के संचालन का अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण की समस्त शक्ति 'भारत निर्वाचन आयोग' (Election Commission of India) में निहित होती है, न कि राज्य निर्वाचन आयोग में, क्योंकि शहरी स्थानीय निकायों का राष्ट्रीय स्तर पर एकरूप होना आवश्यक है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

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भारतीय इतिहास और स्वतंत्रता आंदोलन के संदर्भ में, वर्ष 1920-1922 के दौरान चलाए गए 'असहयोग आंदोलन' (Non-Cooperation Movement) और उससे जुड़े घटनाक्रमों के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. नागपुर अधिवेशन (दिसंबर 1920) में कांग्रेस के असहयोग कार्यक्रम के प्रस्ताव को औपचारिक रूप से अनुमोदित किया गया, तथा इसी अधिवेशन में कांग्रेस के संगठन में महत्वपूर्ण परिवर्तन करते हुए भाषाई आधार पर प्रांतीय कांग्रेस समितियों के पुनर्गठन और कार्य समिति (Working Committee) के गठन का प्रावधान किया गया। 2. असहयोग आंदोलन के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों में किसानों और श्रमिकों द्वारा भी आंदोलन चलाए गए, जिसके तहत अवध में 'इकान आंदोलन' (Eka Movement) और असम में चाय बागान के मजदूरों की हड़ताल (जिसे 'इमाम अली स्ट्राइक' भी कहा जाता है) सीधे तौर पर कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश और प्रत्यक्ष नियंत्रण के तहत संचालित किए गए थे। 3. फरवरी 1922 में गोरखपुर जिले के चौरी-चौरा की घटना के पश्चात महात्मा गांधी ने बारडोली में कांग्रेस की कार्य समिति की बैठक बुलाकर असहयोग आंदोलन को तत्काल प्रभाव से स्थगित करने की घोषणा कर दी, जिसके कारण देश के कई अन्य युवा नेताओं (जैसे सुभाष चंद्र बोस और चित्तरंजन दास) ने इस निर्णय की तीव्र आलोचना की। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग XI' के अंतर्गत 'प्रशासनिक संबंधों' (Administrative Relations - अनुच्छेद 256 से 263) तथा केंद्र-राज्य वित्तीय व प्रशासनिक शक्तियों के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 256 के अनुसार प्रत्येक राज्य की कार्यकारी शक्ति का प्रयोग इस प्रकार किया जाएगा जिससे संसद द्वारा बनाए गए कानूनों का अनुपालन सुनिश्चित हो सके, और संघ की कार्यकारी शक्ति राज्य को ऐसे निर्देश देने तक विस्तारित होती है जो इस प्रयोजन के लिए आवश्यक प्रतीत हों। 2. संविधान के अनुच्छेद 263 के अंतर्गत राष्ट्रपति को 'अंतर-राज्य परिषद' (Inter-State Council) की स्थापना करने की शक्ति प्राप्त है, और इस परिषद का मुख्य कार्य राज्यों के बीच उत्पन्न विवादों की जाँच करना, उन पर बहस करना तथा ऐसे विषयों पर संस्तुति करना है जिनमें राज्यों के साझा हित हों। 3. संविधान के अनुच्छेद 315 के अनुसार दो या अधिक राज्यों के लिए एक संयुक्त लोक सेवा आयोग (Joint State Public Service Commission) का गठन संसद द्वारा किया जा सकता है, बशर्ते संबंधित राज्यों के विधानमंडल इस आशय के संकल्प पारित कर दें, और इस संयुक्त आयोग के अध्यक्ष तथा सदस्यों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

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