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धातुओं, अधातुओं और उनके यौगिकों के रासायनिक गुणों तथा निष्कर्षण प्रक्रमों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. एल्युमिनियम के निष्कर्षण के लिए 'हॉल-हरोल्ट प्रक्रम' (Hall-Hérolt process) का उपयोग किया जाता है, जिसमें शुद्ध एल्युमिनियम ऑक्साइड ($Al_2O_3$) को पिघले हुए क्रायोलाइट ($Na_3AlF_6$) और फ्लूएस्पर ($CaF_2$) के मिश्रण में घोलकर उसका विद्युत अपघटन किया जाता है, जहाँ क्रायोलाइट विलायक का गलनांक घटाने और उसकी विद्युत चालकता बढ़ाने का कार्य करता है।
  2. 2. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, जब कॉपर पाइराइट्स ($CuFeS_2$) के प्रगलन (Smelting) के दौरान 'मैट' (Matte) प्राप्त होता है, जिसमें मुख्य रूप से $Cu_2S$ और $FeS$ होते हैं, तो बेसेमर प्रवर्धक (Bessemer converter) में सिलिका मिलाकर आयरन सल्फाइड को आयरन सल्फेट के रूप में प्रचुर मात्रा में पृथक् किया जाता है।
  3. 3. सफेद फॉस्फोरस ($P_4$) अत्यधिक प्रतिक्रियाशील और विषैला होता है जो अंधरे में दीप्ति (Phosphorescence) प्रदर्शित करता है, तथा यह सोडियम हाइड्रॉक्साइड के साथ गर्म करने पर अक्रिय वातावरण में फॉस्फीन ($PH_3$) गैस उत्पन्न करता है।
  4. 4. संक्रमण धातुओं के यौगिकों का रंग मुख्य रूप से आंशिक रूप से भरे हुए $d$-ककक्षकों के बीच $d-d$ संक्रमण ($d-d$ transition) और आवेश स्थानांतरण स्पेक्ट्रा (Charge transfer spectra) के कारण होता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है: हॉल-हरोल्ट प्रक्रम एल्युमिनियम के निष्कर्षण की मुख्य विधि है। इसमें क्रायोलाइट ($Na_3AlF_6$) और फ्लूएस्पर ($CaF_2$) का मिश्रण एलुमिना के गलनांक को कम करता है और उसकी विद्युत चालकता में सुधार करता है। कथन 2 गलत है: कॉपर पाइराइट्स के प्रगलन से प्राप्त 'मैट' को बेसेमर प्रवर्धक में सिलिका ($SiO_2$) के साथ गर्म करने पर आयरन सल्फाइड ($FeS$) का ऑक्सीकरण होकर फेरस सिलिकेट ($FeSiO_3$) स्लैग (धातुमल) के रूप में अलग होता है, न कि आयरन सल्फेट के रूप में। कथन 3 सही है: विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, सफेद फॉस्फोरस अत्यधिक प्रतिक्रियाशील, विषैला और दीप्तिमान होता है, और सांद्र $NaOH$ विलयन के साथ अभिक्रिया करने पर यह फॉस्फीन गैस ($PH_3$) तथा सोडियम हाइपोफॉस्फाइट बनाता है। कथन 4 सही है: संक्रमण धातुओं के आयनों में अयुग्मित $d$-इलेक्ट्रॉनों की उपस्थिति तथा $d-d$ संक्रमण या आवेश स्थानांतरण के कारण उनके यौगिक रंगीन होते हैं।
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