General Science
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यूकेरियोटिक कोशिकाओं के कोशिकांगों (Organelles) और अंतःझिल्ली तंत्र (Endomembrane System) की संरचनात्मक तथा कार्यात्मक गतिकी के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. अंतःप्रद्रव्य जालिका (Endoplasmic Reticulum) के खुरदरे भाग (RER) पर राइबोसोम की सब-यूनिट्स को बांधने वाले विशिष्ट प्रोटीन 'राइबोफोरिन' (Ribophorin I और II) उपस्थित होते हैं, जो प्रोटीन संश्लेषण और उनके स्थानांतरण में मदद करते हैं।
- 2. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, गॉल्जीकाय (Golgi apparatus) का 'सिस' (Cis) सिस्टर्नी क्षेत्र हमेशा नाभिक की ओर उन्मुख होता है और इसे निर्माणकारी या प्रवेश चेहरा (Forming face) कहा जाता है, जहाँ ईआर से संश्लेषित प्रोटीन ग्लाइकोसिलेशन के लिए प्रवेश करते हैं।
- 3. लाइसोसोम (Lysosomes) में अम्लीय हाइड्रोलिसेस (जैसे लाइपेस, प्रोटीएज और कार्बोहाइड्रेटेज) प्रचुर मात्रा में होते हैं, जिनकी सक्रियता के लिए कोशिकाद्रव्य का pH लगभग 7.4 होना आवश्यक होता है, और pH में मामूली वृद्धि होते ही ये एंजाइम अत्यधिक सक्रिय हो जाते हैं।
- 4. माइटोकॉन्ड्रिया की आंतरिक झिल्ली पर पाए जाने वाले 'ऑक्सीसोम' (F_0-F_1 कण) एटीपी संश्लेषण को उत्प्रेरित करते हैं, जिसमें प्रोटॉनों का प्रवाह अंतःझिल्ली अवकाश से माइटोकॉन्ड्रिया के मैट्रिक्स की ओर होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि खुरदरे अंतःप्रद्रव्य जालिका (RER) की झिल्ली पर 'राइबोफोरिन' (Ribophorin I और II) नामक ग्लाइकोप्रोटीन होते हैं जो 80S राइबोसोम की बड़ी सब-यूनिट को बांधने का कार्य करते हैं। कथन 2 सही है, गॉल्जीकाय का 'सिस' (Cis) सिस्टर्नी सिरा नाभिक की ओर होता है और इसे 'फॉर्मिंग फेस' (Forming face) कहा जाता है, जबकि 'ट्रांस' (Trans) सिरा प्लाज्मा झिल्ली की ओर होता है जिसे 'परिपक्व चेहरा' (Maturation face) कहते हैं। कथन 3 गलत है क्योंकि लाइसोसोम के हाइड्रोलिटिक एंजाइम अम्लीय माध्यम (लगभग pH 4.5 से 5.0) में सर्वाधिक सक्रिय होते हैं, न कि pH 7.4 पर; कोशिकाद्रव्य का उदासीन pH होने के कारण यदि लाइसोसोम फट भी जाए तो ये एंजाइम कोशिका को नुकसान नहीं पहुँचा पाते। कथन 4 गलत है क्योंकि एटीपी संश्लेषण के दौरान प्रोटॉनों ($H^+$) का प्रवाह अंतःझिल्ली अवकाश (Intermembrane space) से मैट्रिक्स की ओर नहीं, बल्कि प्रोटॉन्मोटिव फोर्स के कारण मैट्रिक्स से बाहर नहीं बल्कि अंतःझिल्ली अवकाश से मैट्रिक्स की ओर $F_0-F_1$ कणों के माध्यम से होता है (यानी मैट्रिक्स में वापसी के दौरान एटीपी बनता है, लेकिन प्रोटॉनों को पंप मैट्रिक्स से बाहर किया जाता है)। विस्तृत जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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आनुवंशिकी और जैव विकास के आणविक एवं आनुवंशिक सिद्धांतों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मेेलियन वंशागति के अपवाद के रूप में 'अपूर्ण प्रभाविता' (Incomplete Dominance) मिराबिलिस जलापा (संध्या मलय) में देखी जाती है, जहाँ $F_2$ पीढ़ी का फेनोटाइप और जीनोटाइप अनुपात दोनों ही 1:2:1 होते हैं।
2. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, थॉमस हंट मॉर्गन द्वारा ड्रोसोफिला मेलानोएस्टर पर किए गए लिंकेज (सहलग्नता) और रीकॉम्बिनेशन के प्रयोगों से यह सिद्ध हुआ कि जीन गुणसूत्रों पर रैखिक रूप से व्यवस्थित होते हैं और जिन जीनों के बीच की दूरी कम होती है, उनमें पुनर्संयोजन की आवृत्ति (Recombination frequency) अधिक होती है।
3. वंशागति का क्रोमोसोमल सिद्धांत (Chromosomal Theory of Inheritance) सटन और बोवेरी द्वारा प्रतिपादित किया गया था, जो यह बताता है कि युग्मकों के निर्माण के दौरान सजातीय गुणसूत्रों का जोड़ा बनना और अलग होना मेंडेलियन कारकों (एलील्स) के व्यवहार के समानांतर होता है।
4. बहुप्रभाविता (Pleiotropy) वह स्थिति है जिसमें एक एकल जीन एक से अधिक फेनोटाइपिक लक्षणों को नियंत्रित करता है, जिसका उत्कृष्ट उदाहरण मनुष्यों में 'सिकल सेल एनीमिया' है, जहाँ हीमोग्लोबिन बीटा-चेन में एक एकल अमीनो अम्ल का परिवर्तन कई शारीरिक विकारों का कारण बनता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मानव शरीर में जैविक अणुओं, विटामिनों और पोषण (Nutrition and Vitamins) के जैव-रासायनिक महत्व के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वसा में घुलनशील विटामिन 'के' (Vitamin K) प्रोथ्रॉम्बिन और अन्य रक्त स्कंदन कारकों के यकृत में संश्लेषण के लिए एक आवश्यक सह-कारक (Cofactor) के रूप में कार्य करता है, तथा इसकी कमी से रक्त का थक्का जमने का समय बढ़ जाता है।
2. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, जल में घुलनशील विटामिन बी-12 (सायन्कोकोबलामिन) का अवशोषण आमाशय की पार्श्व (पारीय) कोशिकाओं द्वारा स्रावित 'आंतरिक कारक' (Intrinsic Factor) की उपस्थिति के बिना प्रभावी ढंग से नहीं हो पाता है।
3. कार्बोहाइड्रेट चयापचय के दौरान, पाचक एंजाइम 'एमाइलेज' केवल अल्फा-1,4 ग्लाइकोसिडिक बंधों को तोड़ता है, जिसके कारण स्टार्च के पाचन से ग्लूकोज के साथ-साथ 'आइसोमल्टोस' और 'अशाखित डेक्सट्रिन' भी बनते हैं, जिनका पाचन क्षुद्रांत में उपस्थित माल्टेज और आइसोमाल्टेज द्वारा होता है।
4. प्रोटीन संरचना के संदर्भ में, प्रोटीनों का द्वितीयक ढांचा (Secondary structure) पेप्टाइड श्रृंखलाओं के बीच हाइड्रोजन बंधों के स्थिर विन्यास के कारण बनता है, जिसमें अल्फा-हेलिक्स और बीटा-प्लीटेड शीट संरचनाएं प्रमुख हैं, और यह संरचना तापमान या pH में परिवर्तन से विकृत (Denature) हो सकती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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सुकेन्द्रकी (Eukaryotic) कोशिकाओं के कोशिका विभाजन (सेल साइकिल) और कोशिकांगों की विशिष्ट गतिकी के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. कोशिका चक्र की 'एस-फेज' (S-phase) के दौरान डीएनए का प्रतिकृति (Replication) होता है, और यदि इस चरण में गुणसूत्रों की संख्या दुगुनी हो जाती है, तो कोशिका की ploidy (गुणसूत्र सेट संख्या) भी दोगुनी हो जाती है।
2. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, समसूตรี विभाजन (Mitosis) की पश्चावस्था (Anaphase) के दौरान सेंट्रोमियर का विभाजन होता है और सिस्टर क्रोमैटिड्स अलग होकर विपरीत ध्रुवों की ओर गति करते हैं।
3. अर्धसूत्री विभाजन-I (Meiosis-I) की पैकीटीन (Pachytene) उप-अवस्था में सजातीय (Homologous) गुणसूत्रों के बीच आनुवंशिक सामग्री का विनिमय 'क्रॉसिंग ओवर' के माध्यम से होता है, जिसे उत्प्रेरित करने वाला मुख्य एंजाइम 'रिकॉम्बिनेस' (Recombinase) है।
4. माइटोकॉन्ड्रिया और हरित लवक (Chloroplast) ऐसे अर्ध-स्वायत्त (Semi-autonomous) कोशिकांग हैं जो कोशिका चक्र की जी-जीरो ($G_0$) अवस्था में ही केवल स्वतंत्र रूप से विभाजित होते हैं और इनमें नाभिकीय डीएनए पर पूरी तरह निर्भर रहने वाले अपने स्वयं के राइबोसोम्स होते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पादप जगत के वर्गीकरण, प्रकाश संश्लेषण (कैल्विन तथा हैच-स्लैग चक्र) और पादप हार्मोन्स की कार्यप्रणाली के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ब्रायोफाइट्स (Bryophytes) को पादप जगत का 'उभयचर' कहा जाता है क्योंकि ये मृदा में उगते हैं, परंतु लैंगिक जनन के लिए जल पर निर्भर होते हैं, और इनमें मुख्य पादप शरीर युग्मकोद्भिद (Gametophyte) होता है जो स्वतंत्र रूप से प्रकाशसंश्लेषी होता है।
2. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, $C_4$ पौधों (जैसे मक्का और गन्ना) में प्रकाश श्वसन (Photorespiration) की दर न्यूनतम होती है क्योंकि इनमें फॉस्फोइनोलपाइरुवेट (PEP) कार्बोक्सिलेस एंजाइम पर्णमध्योतक (Mesophyll) कोशिकाओं में $CO_2$ का प्राथमिक स्थिरीकरण करके चार कार्बन वाला ऑक्सोएसेटिक अम्ल बनाता है।
3. एब्सिसिक एसिड (ABA) एक ऐसा पादप हार्मोन है जो पौधों की वृद्धि को बढ़ावा देता है, बीज प्रसुप्तता (Seed dormancy) को तोड़ता है और शुष्क तनाव की स्थिति में पर्णरंध्रों (Stomata) को खोलने का कार्य करता है।
4. जिबरेलिन (Gibberellins) आनुवंशिक रूप से बौने पौधों की लंबाई में तेजी से वृद्धि (Internode elongation) को प्रेरित करते हैं और सेब जैसे फलों के आकार को सुधारने तथा अंगгуरी गुच्छों की लंबाई बढ़ाने में सहायक होते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पादप जगत के वर्गीकरण, प्रकाश संश्लेषण के तंत्र और पादप हार्मोन्स की क्रियाविधि के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ब्रायोफाइट्स को पादप जगत का 'उभयचर' कहा जाता है क्योंकि ये मृदा में उगते हैं किंतु लैंगिक जनन के लिए जल की उपस्थिति अनिवार्य होती है, और इनमें मुख्य पादप शरीर गेमेटोफाइट (युग्मकोद्भिद्) होता है जो बीजाणुद्भिद (स्पोरोफाइट) पर पोषण के लिए आंशिक रूप से निर्भर रहता है।
2. C3 पौधों की तुलना में C4 पौधों में प्रकाश श्वसन (Photorespiration) की दर नगण्य होती है, जिसका मुख्य कारण यह है कि उनमें रुबिको (RuBisCO) एंजाइम बंडल शीथ कोशिकाओं में उच्च सांद्रता में पाया जाता है जहाँ कार्बन डाइऑक्साइड का सांद्रण मैलिक अम्ल के डीकार्बोक्सिलेशन द्वारा बढ़ जाता है।
3. ऑक्सिन (जैसे IAA) त्रेपोट्रॉपिज्म और फोटोट्रॉपिज्म की क्रियाओं को नियंत्रित करता है, जहाँ प्रकाश के विपरीत दिशा में ऑक्सिन का पार्श्व वितरण अधिक हो जाने के कारण त्रेपोट्रॉपिक वक्रता उत्पन्न होती है, जिसे डार्विन और उनके पुत्र द्वारा कैनरी ग्रास के कोलियोप्टाइल पर किए गए प्रयोगों से समझा गया था।
4. जिबरेलिन (Gibberellin) आनुवंशिक रूप से बौने पौधों में internode (पर्वान्तर) के दीर्घीकरण को प्रेरित करके उनकी लंबाई बढ़ाते हैं, और ये बीज अंकुरण के दौरान एल्यूरोन परत पर प्रभाव डालकर अल्फा-एमाइलेज जैसे हाइड्रोलिटिक एंजाइमों के संश्लेषण को उत्प्रेरित करते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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कोशिका का ऊर्जा गृह किसे कहा जाता है?
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