अधिगम स्थानांतरण, वक्र एवं पठार
Asked 2 months ago · Viewed 24 times
अधिगम के स्थानांतरण (Transfer of Learning) के विभिन्न सिद्धांतों—जैसे एडवर्ड थार्नडाइक का 'सर्वसम तत्वों का सिद्धांत' (Theory of Identical Elements), चार्ल्स स्पीयरमैन का 'सामान्य एवं विशिष्ट तत्वों का सिद्धांत', तथा सी.एच. जड (C.H. Judd) का 'सामान्यीकरण का सिद्धांत' (Theory of Generalization)—की तात्विक और प्रयोगात्मक संरचना का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई शिक्षार्थी साइकिल चलाने के कौशल में महारत हासिल करने के बाद मोटरसाइकिल चलाने के दौरान संतुलन और नियंत्रण के नियमों को आसानी से समझ लेता है और नए संदर्भ में उनका तार्किक अनुप्रयोग करता है, तो जड के सामान्यीकरण के सिद्धांत के अनुसार अधिगम के इस स्थानांतरण की अंतर्निहित प्रक्रिया को सर्वाधिक वैज्ञानिक रूप से कौन-सा कथन स्पष्ट करता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
अधिगम के स्थानांतरण में सी.एच. जड (C.H. Judd) का 'सामान्यीकरण का सिद्धांत' इस बात पर बल देता है कि जब एक परिस्थिति में सीखे गए नियमों, सिद्धांतों या अनुभवों को भली-भांति समझकर उनका सामान्यीकरण कर लिया जाता है, तब वे नए और भिन्न संदर्भों में अधिक प्रभावी ढंग से स्थानांतरित होते हैं। इसके विस्तृत अध्ययन के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ की सहायता ले सकते हैं।
अगला प्रश्न →
अधिगम के मनोविज्ञान में 'अधिगम के वक्र' (Learning Curves) की विभिन्न गतियों और…
← पिछला प्रश्न
अधिगम के मनोविज्ञान में ब्रायन और हार्ter (Bryan & Harter)…
Related Questions
→
अधिगम के स्थानांतरण (Transfer of Learning) के विभिन्न सिद्धांतों के संदर्भ में, ई.एल. थार्नडाइक और आर.एस. वुडवर्थ द्वारा प्रतिपादित 'समान तत्वों का सिद्धांत' (Theory of Identical Elements) तथा चार्ल्स स्पीयरमैन और सी.एच. जुड द्वारा प्रतिपादित 'सामान्यीकरण का सिद्धांत' (Theory of Generalization) के बीच के तात्विक और क्रियात्मक भेदों का सूक्ष्म विश्लेषण करते समय, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों सिद्धांतों की मौलिक वैज्ञानिक प्रकृति को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है?
→
शैक्षणिक मनोविज्ञान में अधिगम के स्थानांतरण (Transfer of Learning) के संदर्भ में, एडवर्ड थार्नडाइक और सी. एस. वूडवर्थ द्वारा प्रतिपादित 'समान तत्वों का सिद्धांत' (Theory of Identical Elements) तथा चार्ल्स स्पीयरमैन या अन्य मनोवैज्ञानिकों द्वारा समर्थित 'सामान्यीकरण का सिद्धांत' (Theory of Generalization - सी. एच. जुड द्वारा प्रतिपादित) के बीच मुख्य अंतर क्या है?
→
'बुद्धि के बहु-कारक एवं पदानुक्रमित सिद्धांतों' के संदर्भ में, एडवर्ड थॉर्नडाइक (Edward Thorndike) द्वारा प्रतिपादित 'बुद्धि का बहु-कारक सिद्धांत' (Multifactor Theory of Intelligence) के अंतर्गत वर्णित बुद्धि के चार प्रमुख atributos—'स्तर' (Level), 'क्षेत्र' (Area), 'क्षेत्राधिकार' (Range), और 'गति' (Speed)—के वैज्ञानिक स्वरूप, तथा फिलिप वर्नोन (Philip Vernon) द्वारा प्रतिपादित 'बुद्धि का पदानुक्रमित सिद्धांत' (Hierarchical Theory of Intelligence) के अंतर्गत 'सामान्य कारक (g)' से लेकर 'प्रमुख समूह कारकों' (verbal-educational, practical-mechanical) और 'विशिष्ट कारकों (s)' तक के विभाजन के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक बहु-स्तरीय कक्षा-कक्ष शिक्षण और विभेदित अनुदेशन (Differentiated Instruction) रणनीतियों में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के संदर्भ में 'बुद्धि के द्विकारक सिद्धांत' (Two-Factor Theory of Intelligence) और 'बहुकारक सिद्धांत' (Multi-Factor Theory) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बुद्धि के द्विकारक सिद्धांत का प्रतिपादन वर्ष 1904 में प्रसिद्ध मनोवैज्ञानिक चार्ल्स स्पीयरमैन (Charles Spearman) द्वारा किया गया था, जिनके अनुसार प्रत्येक मानसिक गतिविधि में दो प्रकार की मानसिक योग्यताएँ कार्य करती हैं—सामान्य कारक ('G' Factor) जो जन्मजात और सार्वभौमिक होता है, तथा विशिष्ट कारक ('S' Factor) जो अर्जित और व्यक्ति के विशेष कौशल पर निर्भर करता है।
2. ई. एल. थॉर्नडाइक (E. L. Thorndike) ने स्पीयरमैन के सिद्धांत की आलोचना करते हुए 'बहुकारक सिद्धांत' दिया, जिसके अनुसार बुद्धि किसी एक या दो कारकों का परिणाम नहीं है, बल्कि यह स्वतंत्र और असंगठित मानसिक योग्यताओं (तत्वों) का एक समूह है, और उन्होंने बुद्धि के चार प्रमुख atributos—स्तर (Level), क्षेत्र (Area), ऊंचाई (Altitude), और गति (Speed) का उल्लेख किया है।
3. स्पीयरमैन ने अपने सिद्धांत के समर्थन में सांख्यिकीय विधि 'कारक विश्लेषण' (Factor Analysis) का व्यापक उपयोग किया था, जबकि थॉर्नडाइक ने बुद्धि की तुलना विभिन्न प्रकार के ताले और चाबियों से करते हुए यह स्पष्ट किया कि व्यक्ति की बौद्धिक क्षमता उसके पास मौजूद तत्वों की संख्या पर निर्भर करती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
→
अधिगम के वक्र (Learning Curves) तथा अधिगम के स्थानांतरण (Transfer of Learning) के मनोवैज्ञानिक स्वरूप का गहन विश्लेषण करने पर, यदि किसी अधिगम वक्र में प्रारंभिक चरण में सीखने की गति अत्यंत मंद होती है, तत्पश्चात उसमें तीव्र गति से वृद्धि होती है (उत्तरोत्तर वृद्धि वक्र या कॉन्वेक्स कर्व), और इसके साथ ही यदि सीखी गई कोई नई कौशल प्रक्रिया पूर्व में सीखे गए किसी अन्य कौशल को धनात्मक रूप से प्रभावित करने के बजाय उसके अर्जन में बाधा उत्पन्न करती है (द्विभाषिक या नकारात्मक स्थानांतरण), तो इस स्थिति के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
→
अधिगम के पठार (Plateau in Learning) की वैज्ञानिक अवधारणा, इसके उत्पन्न होने वाले कारकों (जैसे थकान, प्रेरणा की कमी, जटिलता में वृद्धि) तथा 'सकारात्मक व ऋणात्मक अधिगम स्थानांतरण' (Positive and Negative Transfer of Learning) के तात्विक स्वरूप का गहन विश्लेषण करने पर, यदि एक शिक्षार्थी किसी नए कौशल को सीखने के क्रम में निष्पादन स्तर पर लंबे समय तक कोई प्रगति नहीं दर्शाता है (पठार की स्थिति), और साथ ही पूर्व में अर्जित उसका कोई भाषाई कौशल नए विदेशी भाषा के व्याकरण को सीखने में गंभीर बाधा उत्पन्न करता है (अधिगम का नकारात्मक स्थानांतरण), तो इस संपूर्ण मनोवैज्ञानिक परिदृश्य के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
→
अधिगम के मनोविज्ञान में 'अधिगम के वक्र' (Learning Curves), 'अधिगम के पठार' (Plateaus of Learning) तथा 'अधिगम के स्थानांतरण' (Transfer of Learning) की तात्विक और गत्यात्मक संरचना का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई शिक्षार्थी किसी जटिल कौशल (जैसे टाइपिंग या वाद्य यंत्र बजाना) को सीखते समय प्रारंभिक दौर में तीव्र गति से प्रगति करता है, तत्पश्चात उसका निष्पादन ग्राफ एक लंबे अंतराल के लिए बिल्कुल क्षैतिज (Horizontal) हो जाता है, और अंततः पूर्व में सीखे गए कौशल का नए कौशल पर धनात्मक या ऋणात्मक प्रभाव पड़ता है, तो इन तीनों घटनाओं के वैज्ञानिक और शैक्षणिक स्वरूप के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?
→
अधिगम के स्थानांतरण (Transfer of Learning) के विभिन्न सिद्धांतों—जैसे थार्नडाइक का 'समान तत्वों का सिद्धांत' (Theory of Identical Elements), जूड का 'सामान्यीकरण का सिद्धांत' (Theory of Generalization), और गस्टाल्टवादियों का 'रूपान्तरण या सूझ का सिद्धांत'—तथा अधिगम के वक्र (Learning Curves) और पठार (Plateau) की तात्विक गतिकी का गहन मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, यदि कोई शिक्षार्थी एक नए कौशल को सीखते समय पूर्व-अधिगम के सकारात्मक प्रभाव के बावजूद अचानक निष्पादन में पूर्ण ठहराव या अवरोध (पठार) का अनुभव करता है, और बाद में अपने संज्ञानात्मक पुनर्गठन द्वारा उस अवरोध को पार कर लेता है, तो इस संपूर्ण प्रक्रिया और अधिगम स्थानांतरण के 'द्विपक्षीय स्थानांतरण' (Bilateral Transfer) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.