बुद्धि: अवधारणा एवं सिद्धांत
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'बुद्धि के बहु-कारक एवं पदानुक्रमित सिद्धांतों' के संदर्भ में, एडवर्ड थॉर्नडाइक (Edward Thorndike) द्वारा प्रतिपादित 'बुद्धि का बहु-कारक सिद्धांत' (Multifactor Theory of Intelligence) के अंतर्गत वर्णित बुद्धि के चार प्रमुख atributos—'स्तर' (Level), 'क्षेत्र' (Area), 'क्षेत्राधिकार' (Range), और 'गति' (Speed)—के वैज्ञानिक स्वरूप, तथा फिलिप वर्नोन (Philip Vernon) द्वारा प्रतिपादित 'बुद्धि का पदानुक्रमित सिद्धांत' (Hierarchical Theory of Intelligence) के अंतर्गत 'सामान्य कारक (g)' से लेकर 'प्रमुख समूह कारकों' (verbal-educational, practical-mechanical) और 'विशिष्ट कारकों (s)' तक के विभाजन के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक बहु-स्तरीय कक्षा-कक्ष शिक्षण और विभेदित अनुदेशन (Differentiated Instruction) रणनीतियों में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के दृष्टिकोण से यह प्रश्न बुद्धि के दो महत्वपूर्ण सिद्धांतों—थॉर्नडाइक के बहु-कारक सिद्धांत (Multifactor Theory) और वर्नोन के पदानुक्रमित सिद्धांत (Hierarchical Theory)—के वैज्ञानिक अंतर्संबंधों का गहराई से विश्लेषण करता है। थॉर्नडाइक के अनुसार बुद्धि स्वतंत्र तत्वों का समूह है, जिसमें स्तर (Level), क्षेत्र (Area), क्षेत्राधिकार (Range), और गति (Speed) प्रमुख atributos हैं। दूसरी ओर, फिलिप वर्नोन ने स्पीयरमैन के 'g' कारक और थर्सटन के समूह कारकों को जोड़ते हुए एक पदानुक्रमित मॉडल प्रस्तुत किया, जो शीर्ष पर सामान्य कारक (g) से शुरू होकर प्रमुख और विशिष्ट कारकों तक जाता है। ये दोनों सिद्धांत आधुनिक समावेशी और विभेदित कक्षा-कक्ष में छात्रों की व्यक्तिगत भिन्नताओं को समझकर उचित शिक्षण रणनीतियाँ बनाने में अत्यधिक सहायक हैं। अतः विकल्प (b) सर्वाधिक उपयुक्त और वैज्ञानिक रूप से सत्य है।
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