बिहार सरकार द्वारा राज्य में शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में चलाई जा रही प्रमुख कल्याणकारी योजनाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. 'मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना' के तहत बालिकाओं के जन्म से लेकर स्नातक की डिग्री प्राप्त करने तक कुल विभिन्न चरणों में वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है, जिसमें इंटरमीडिएट उत्तीर्ण करने पर अविवाहित लड़कियों को ₹25,000 और स्नातक उत्तीर्ण करने पर सभी लड़कियों को ₹50,000 की प्रोत्साहन राशि दी जाती है।
- 2. 'मुख्यमंत्री बाल बालिका साइकिल योजना' और 'पोशाक योजना' के माध्यम से विद्यालयों में छात्राओं के नामांकन और ठहराव (Retention) में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिसे बाद में लड़कों के लिए भी विस्तारित कर दिया गया।
- 3. राज्य के सरकारी अस्पतालों में संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने और मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिए 'जननी सुरक्षा योजना' के साथ-साथ 'मुख्यमंत्री कन्या सुरक्षा योजना' को एकीकृत रूप से प्रभावी बनाया गया है, जिसके तहत प्रसव के पश्चात तत्काल नकद प्रोत्साहन राशि दी जाती है।
- 4. 'बिहार स्टूडेंट क्रेडिट योजना' के तहत उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए विद्यार्थियों को ₹4 लाख तक का शिक्षा ऋण 4% साधारण ब्याज पर उपलब्ध कराया जाता है, जबकि महिलाओं, दिव्यांगजन और ट्रांसजेंडर विद्यार्थियों के लिए यह ब्याज दर मात्र 1% होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
Detailed Explanation
इस प्रश्न के माध्यम से बिहार सरकार की प्रमुख कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की गई है। कथन 1, 2 और 4 पूरी तरह सत्य हैं क्योंकि मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के तहत स्नातक पास करने पर ₹50,000 तथा साइकिल व पोशाक योजनाओं ने शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व सुधार किए हैं। साथ ही, स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत महिलाओं और विशेष वर्ग के लिए 1% ब्याज दर का प्रावधान है। कथन 3 आंशिक रूप से त्रुटिपूर्ण है क्योंकि 'मुख्यमंत्री कन्या सुरक्षा योजना' बालिकाओं के जन्म के समय उनके परिवार को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करने से संबंधित थी (जिसे अब कन्या उत्थान योजना में समाहित कर दिया गया है), न कि सीधे प्रसव के पश्चात संस्थागत प्रोत्साहन से। अधिक अभ्यास और परीक्षा से जुड़ी संपूर्ण जानकारी के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।