बिहार सरकार द्वारा राज्य में शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में चलाई जा रही प्रमुख कल्याणकारी योजनाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. 'मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना' के तहत बालिकाओं के जन्म से लेकर उच्च शिक्षा प्राप्त करने तक कुल 50,000 रुपये तक की आर्थिक सहायता विभिन्न चरणों में प्रदान की जाती है, जिसका मुख्य उद्देश्य कन्या भ्रूण हत्या रोकना और बालिका शिक्षा को बढ़ावा देना है।
- 2. 'सात निश्चय पार्ट-2' (2020-2025) के अंतर्गत 'युवक सशक्तिकरण' और 'महिला सशक्तिकरण' को प्राथमिकता देते हुए 'बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना' के तहत उच्च शिक्षा के लिए छात्रों को 4 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण 4% साधारण ब्याज पर, जबकि महिलाओं, दिव्यांगजनों और ट्रांसजेंडरों के लिए यह ब्याज दर मात्र 1% है।
- 3. राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए 'मुख्यमंत्री डिजिटल हेल्थ योजना' के तहत सभी सरकारी अस्पतालों को डिजिटाइज्ड करने और मरीजों का इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड तैयार करने का प्रावधान किया गया है।
- 4. 'बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना' के अंतर्गत मिलने वाले ऋण का पुनर्भुगतान नौकरी मिलने के तुरंत बाद अनिवार्य रूप से शुरू हो जाता है, भले ही छात्र की मासिक आय निर्धारित सीमा से कम क्यों न हो।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
Detailed Explanation
कथन 1, 2 और 3 पूर्णतः सत्य हैं। 'मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना' के तहत बालिकाओं के जन्म से स्नातक तक की शिक्षा पूर्ण करने पर विभिन्न चरणों में कुल 50,000 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाती है। 'सात निश्चय पार्ट-2' के तहत 'बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना' के माध्यम से उच्च शिक्षा के लिए 4 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जाता है, जिसमें सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए ब्याज दर 4% तथा महिलाओं, दिव्यांगों व ट्रांसजेंडरों के लिए मात्र 1% है। कथन 4 असत्य है क्योंकि ऋण का पुनर्भुगतान रोजगार मिलने के बाद ही और वह भी एक निश्चित आय सीमा (रोजगार होने और पर्याप्त आय होने) के पश्चात ही शुरू होता है। इस तरह के अन्य महत्वपूर्ण प्रश्नों और अध्ययन सामग्री के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।