त्वरित लिंक्स
General Science — Free MCQ Questions & Mock Test
Clear filterGeneral Science ki taiyari ke liye 1368+ free MCQ questions, explanation ke saath — practice karein aur apni tayyari mazboot banayein.
🎯 136 Mock Tests Khelein
�
आधुनिक आवर्त सारणी और तत्वों के आवर्ती गुणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. किसी आवर्त में बाएं से दाएं जाने पर प्रभावी नाभिकीय आवेश में वृद्धि के कारण परमाणु त्रिज्या घटती है, किंतु समूह-18 के उत्कृष्ट गैसों (Noble gases) की परमाणु त्रिज्या उनके ठीक पहले आने वाले हैलोजन तत्वों की तुलना में काफी बड़ी होती है क्योंकि उत्कृष्ट गैसों के लिए वांडरवाल्स त्रिज्या को मापा जाता है, जो सहसंयोजक त्रिज्या से बड़ी होती है। 2. ऑक्सीजन की तुलना में नाइट्रोजन की प्रथम आयनन एन्थैल्पी (First Ionization Enthalpy) का मान अधिक होता है, जिसका मुख्य कारण नाइट्रोजन के 2p कक्षकों का अर्ध-पूर्ण (Half-filled) होना है, जो अतिरिक्त स्थायित्व प्रदान करता है। 3. आवर्त सारणी में फ्लोरीन की इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी (Electron Gain Enthalpy) का ऋणात्मक मान क्लोरीन की तुलना में अधिक होता है, क्योंकि फ्लोरीन का आकार अत्यंत छोटा होने के कारण आने वाले इलेक्ट्रॉन और पहले से उपस्थित 2p कक्षकीय इलेक्ट्रॉनों के बीच अंतःइलेक्ट्रॉनिक प्रतिकर्षण अधिक होता है। 4. लैंथेनाइड संकुचन (Lanthanide Contraction) के कारण 4d और 5d संक्रमण श्रेणी के तत्वों (जैसे जिरकोनियम और हाफ़िज़ियम) की परमाणु त्रिज्याएँ लगभग समान हो जाती हैं, जिसका मुख्य कारण 4f कक्षकों का आवरण प्रभाव (Shielding effect) अत्यंत प्रभावी होना है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
�
मानव पोषण और जैव अणुओं (कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन तथा विटामिन) के रासायनिक और कार्यगत संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ग्लाइकोजन एक शाखित पॉलिसैराइड है जो मुख्य रूप से जंतुओं और कवक में ऊर्जा संचय का कार्य करता है, तथा इसकी संरचना पादप स्टार्च के 'एमिलापैक्टिन' के समान होती है किंतु इसमें शाखाओं का घनत्व बहुत अधिक होता है (लगभग हर 8 से 10 ग्लूकोज इकाइयों के बाद)। 2. आवश्यक अमीनो अम्ल (Essential amino acids) वे अमीनो अम्ल हैं जिनका संश्लेषण मानव शरीर की कोशिकाओं में आनुवंशिक रूप से हो सकता है, जबकि अनावश्यक अमीनो अम्ल वे हैं जिन्हें शरीर में संश्लेषित नहीं किया जा सकता और उन्हें आहार से लेना अनिवार्य होता है। 3. विटामिन $B_{12}$ (सायनोकोबलामिन) एकमात्र ऐसा जल-विलेय विटामिन है जिसमें कोबाल्ट धातु आयन उपस्थित होता है, और इसका भंडारण यकृत में कई वर्षों तक हो सकता है, जबकि अन्य अधिकांश जल-विलेय विटामिन शरीर में संचित नहीं होते और मूत्र के साथ उत्सर्जित हो जाते हैं। 4. सेलूलोज एक रैखिक पॉलिसैराइड है जो $eta$-डी-ग्लूकोज ($eta$-D-glucose) इकाइयों के C1-C4 ग्लाइकोसिडिक बंधों द्वारा जुड़ने से बनता है, और मानव पाचन तंत्र में इसे पचाने वाले एंजाइम की अनुपस्थिति के कारण यह ऊर्जा का स्रोत नहीं बन पाता। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
�
मानव रोगों और उनके रोगजनकों, संचरण तंत्र तथा नैदानिक विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'ट्यूबरकुलोसिस' (तपेदिक) माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस नामक जीवाणु के कारण होता है, और इसके निदान के लिए किया जाने वाला 'माउंटॉक्स परीक्षण' (Mantoux test) एक प्रकार का अंतःत्वचीय परीक्षण है जो कोशिका-मध्यस्थता वाली प्रतिरक्षा (Cell-mediated immunity) पर आधारित होता है। 2. 'एड्स' (AIDS) उत्पन्न करने वाला ह्यूमन इम्युनोडिफ़िशिएंसी वायरस (HIV) एक रेट्रोवायरस है जिसमें आनुवंशिक पदार्थ के रूप में द्वि-रज्जुक डीएनए (Double-stranded DNA) पाया जाता है, जो संक्रमण के पश्चात होस्ट कोशिकाओं के केंद्रक में प्रवेश करके सीधे गुणन करता है। 3. 'मलेरिया' प्लासमोडियम प्रजाति के परजीवी के कारण होता है, जिसमें प्लासमोडियम फाल्ciparum सबसे गंभीर और घातक प्रकार का मलेरिया उत्पन्न करता है और यह मस्तिष्क को प्रभावित करके 'सेरेब्रल मलेरिया' का कारण बन सकता है, जिसका प्राथमिक वाहक मादा एनाफिलिस मच्छर होता है। 4. 'टाइफाइड' साल्मोनेला टाइफी नामक जीवाणु जनित रोग है, जिसकी पुष्टि के लिए 'विडाल परीक्षण' (Widal test) किया जाता है, जो रोगी के सीरम में मौजूद विशिष्ट एंटीबॉडी और जीवाणु के एंटीजन के बीच प्रति-अवक्षेपण या संकोचलन (Agglutination) प्रतिक्रिया पर आधारित होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
�
मानव शरीर के अंतःस्रावी तंत्र (Endocrine System) और हाइपोथैलेमिक-पिट्यूटरी अक्ष (Hypothalamic-Pituitary Axis) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. हाइपोथैलेमस द्वारा स्रावित 'गोनाडोट्रोपिन-रिलीजिंग हॉर्मोन' (GnRH) अग्र पिट्यूटरी (Adenohypophysis) को ल्यूटिनाइजिंग हॉर्मोन (LH) और फॉलिकल-स्टिम्युलेटिंग हॉर्मोन (FSH) का स्रावण करने के लिए प्रेरित करता है, जो प्युर्टरी पोर्टल तंत्र के माध्यम से अग्र पिट्यूटरी तक पहुँचते हैं। 2. पश्च पिट्यूटरी (Neurohypophysis) स्वयं किसी भी हॉर्मोन का संश्लेषण नहीं करती है, बल्कि यह हाइपोथैलेमस के अधिवृक्क न्यूरोसेक्रेटरी कोशिकाओं द्वारा उत्पादित ऑक्सीटोसिन और वैसोप्रेसिन (ADH) हॉर्मोन का भंडारण और विमोचन करती है। 3. अधिवृक्क वल्कल (Adrenal Cortex) का 'जोना ग्लोमेरुलोसा' (Zona glomerulosa) क्षेत्र मिनरलोकोर्टिकोइड्स (मुख्य रूप से एल्डोस्टेरोन) का स्रावण करता है, जो वृक्क नलिकाओं द्वारा सोडियम आयनों और जल के पुनravशोषित होने को बढ़ावा देता है तथा पोटेशियम और हाइड्रोजन आयनों के उत्सर्जन को नियंत्रित करता है। 4. पैराथायराइड ग्रंथियों द्वारा स्रावित 'पैराथर्मोन' (PTH) एक हाइपोकैल्सेमिक हॉर्मोन है जो रक्त में कैल्शियम के स्तर को कम करता है, क्योंकि यह अस्थियों से कैल्शियम के पुनravशोषण को रोकता है और वृक्क द्वारा कैल्शियम के उत्सर्जन को बढ़ाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
�
चुम्बकत्व और विद्युत चुंबकीय प्रेरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. किसी एकसमान चुंबकीय क्षेत्र में गतिमान आवेशित कण पर लगने वाला लॉरेंज बल (Lorentz force) कण के वेग और चुंबकीय क्षेत्र दोनों के सदिश गुणनफल पर निर्भर करता है, जिसके कारण इस बल द्वारा कण पर किया गया कार्य हमेशा शून्य होता है क्योंकि बल की दिशा हमेशा कण के तात्कालिक वेग के लंबवत होती है। 2. फैराडे के विद्युत चुंबकीय प्रेरण के नियम के अनुसार, किसी परिपथ में प्रेरित विद्युत वाहक बल का परिमाण उस परिपथ सेबद्ध चुंबकीय फ्लक्स के परिवर्तन की समय दर के व्युत्क्रमानुपाती होता है। 3. स्वप्रेरकत्व (Self-inductance) किसी कुंडली का वह विद्युत जड़त्व है जो कुंडली से प्रवाहित होने वाली धारा के मान में होने वाले परिवर्तन का विरोध करता है, और इसका एसआई मात्रक 'वेबर प्रति ऐम्पियर' या 'हेनरी' होता है। 4. भंवर धाराएँ (Eddy currents) किसी चालक के भीतर परिवर्तित चुंबकीय फ्लक्स के कारण उत्पन्न होने वाली प्रेरित आभासी धाराएँ हैं, जिनका उपयोग विद्युत ब्रेक (Magnetic braking) और प्रेरण भट्टी (Induction furnace) जैसी तकनीकों में किया जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
�
रासायनिक बंधन, अम्ल, क्षार और लवण (Acids, Bases and Salts) के वैचारिक और मात्रात्मक पहलुओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. लुईस अम्ल (Lewis Acids) वे रासायनिक स्पीशीज हैं जो इलेक्ट्रॉन युग्म को ग्रहण कर सकती हैं, और केंद्रीय परमाणु के संयोजी कोष में अष्टक अपूर्ण रखने वाले यौगिक (जैसे $BF_3$) तथा सामान्यतः सभी धनावेशित आयन इस श्रेणी में आते हैं। 2. जब एक दुर्बल अम्ल ($CH_3COOH$) को उसके प्रबल क्षार ($NaOH$) के साथ उदासीनीकरण कराया जाता है, तो तुल्यांकी बिंदु पर बनने वाले लवण के जल-अपघटन के कारण विलयन का pH मान 7 से कम (अम्लीय) होता है। 3. ब्रॉन्स्टेड-लाउरी अवधारणा के अनुसार, किसी प्रबल अम्ल का संयुग्मी क्षार (Conjugate base) अत्यंत दुर्बल होता है, जबकि जल अपनी उभयधर्मी (Amphoteric) प्रकृति के कारण ब्रॉन्स्टेड अम्ल और ब्रॉन्स्टेड क्षार दोनों के रूप में कार्य कर सकता है। 4. बफर विलयन (Buffer solution) वे विलयन होते हैं जो थोड़ी मात्रा में अम्ल या क्षार मिलाने पर अपने pH मान में परिवर्तन का विरोध करते हैं, और अम्लीय बफर विलयन का एक उत्कृष्ट उदाहरण दुर्बल अम्ल और उसके प्रबल क्षार से बने लवण का जलीय मिश्रण है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
�
प्रकाशिकी (Optics) और प्रकाशीय उपकरणों के कार्यसिद्धांत के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. जब किसी उत्तल लेंस को ऐसे पारदर्शी द्रव में डुबोया जाता है जिसका अपवर्तनांक लेंस के पदार्थ के अपवर्तनांक से अधिक होता है, तो लेंस की अभिसारी प्रकृति उलट जाती है और वह एक अपसारी लेंस की भाँति व्यवहार करने लगता है। 2. खगोलीय दूरदर्शी (Astronomical Telescope) की आवर्धन क्षमता को बढ़ाने के लिए अभिदृश्यक लेंस (Objective lens) की फोकस दूरी बड़ी और नेत्रिका लेंस (Eyepiece) की फोकस दूरी छोटी होनी चाहिए, जबकि सूक्ष्मदर्शी (Microscope) के मामले में दोनों लेंसों की फोकस दूरी बहुत बड़ी और समान होनी चाहिए। 3. पूर्ण आंतरिक परावर्तन (Total Internal Reflection) की परिघटना के लिए प्रकाश की किरण का सघन माध्यम से विरल माध्यम में जाना अनिवार्य है, तथा आपतन कोण का मान माध्यम के क्रांतिक कोण से अधिक होना चाहिए। 4. एक संयुक्त सूक्ष्मदर्शी की अंतिम आवर्धन क्षमता अभिदृश्यक द्वारा उत्पन्न आवर्धन और नेत्रिका द्वारा उत्पन्न आवर्धन के गुणनफल के बराबर होती है, जिसमें अभिदृश्यक द्वारा बना अंतिम प्रतिबिंब वास्तविक, सीधा और अत्यधिक आवर्धित होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
�
जीवाणुभोजी (Bacteriophages) के आनुवंशिक संगठन और हर्षे-चेस (Hershey-Chase) प्रयोग के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. हर्षे-चेस प्रयोग ने यह निर्णायक प्रमाण दिया कि आनुवंशिक पदार्थ डीएनए है, जिसके लिए उन्होंने रेडियोधर्मी समस्थानिकों सल्फर-35 ($^{35}S$) का उपयोग प्रोटीन कोट को चिह्नित करने के लिए और फॉस्फोरस-32 ($^{32}P$) का उपयोग डीएनए को चिह्नित करने के लिए किया था। 2. जब एक टी-समूह ($T_2$) जीवाणुभोजी किसी बैक्टीरिया को संक्रमित करता है, तो उसका संपूर्ण न्यूक्लियोप्रोटीन कैप्सिड (Protein coat) बैक्टीरिया की कोशिका भित्ति को भेदकर अंदर प्रवेश कर जाता है, जबकि डीएनए बाहर ही छूट जाता है। 3. अधिकांश जीवाणुभोजी में आनुवंशिक पदार्थ के रूप में द्वि-रज्जुक डीएनए (Double-stranded DNA) पाया जाता है, किंतु कुछ ऐसे भी भोजी होते हैं जिनमें एकल-रज्जुक डीएनए या आरएनए भी आनुवंशिक पदार्थ के रूप में उपस्थित हो सकता है। 4. जीवाणुभोजी द्वारा अनुवांशिक सूचनाओं के एक जीवाणु से दूसरे जीवाणु में स्थानांतरण की प्रक्रिया को पारक्रमण (Transduction) कहा जाता है, जिसकी खोज जेंडर और लेडरबर्ग द्वारा साल्मोनेला टाइफिमुरियम में की गई थी। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
�
मानव रोगों, उनके रोगजनकों, संचरण तंत्र तथा नैदानिक विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'प्लेسگ' (Plague) एक तीव्र जीवाणु जनित संक्रामक रोग है जो 'यर्सीनिया पेस्टिस' (Yersinia pestis) नामक ग्राम-ऋ नेगेटिव बेसिलस जीवाणु के कारण होता है, और यह मुख्य रूप से चूहों पर पाए जाने वाले पिस्सू (Xenopsylla cheopis) के काटने से मनुष्यों में फैलता है। 2. 'रेबीज' (Rabies) एक विषाणु जनित घातक रोग है जो लाइساवायरस (Lyssavirus) के कारण होता है, और संक्रमण के पश्चात यह केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है, जिसके कारण रोगी में जल से तीव्र भय (हाइड्रोफोबिया) उत्पन्न हो जाता है। 3. 'सिफलिस' (Syphilis) एक यौन संचारित संक्रमण (STI) है जो 'त्रिपोनेमा पैलिडम' (Treponema pallidum) नामक स्पिरोकीट जीवाणु के कारण होता है, और इसके निदान के लिए वीडीआरएल (VDRL) परीक्षण किया जाता है जो एक नॉन-ट्रेपोनेमल एंटीबॉडी परीक्षण है। 4. 'हेपेटाइटिस बी' (Hepatitis B) का विषाणु एक डीएनए वायरस है, जबकि 'हेपेटाइटिस सी' एक आरएनए वायरस है, और हेपेटाइटिस बी का संक्रमण केवल संदूषित जल और भोजन के सेवन से ही फैलता है, इसके संचरण का रक्त या यौन संपर्क से कोई संबंध नहीं होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
�