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15 अप्रैल 2026 को हिमाचल प्रदेश का कौन-सा स्थापना दिवस मनाया गया है?

Detailed Explanation

15 अप्रैल 2026 को हिमाचल प्रदेश का 77वां स्थापना दिवस मनाया गया है।
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भारतीय अर्थव्यवस्था एवं सतत विकास के संदर्भ में, 'ग्लोबल वार्मिंग पोटेंशियल' (GWP) तथा विभिन्न ग्रीनहाउस गैसों (GHGs) के पर्यावरणीय प्रभावों के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'ग्लोबल वार्मिंग पोटेंशियल' (GWP) किसी विशिष्ट ग्रीनहाउस गैस की ऊष्मा-धारण क्षमता को कार्बन डाइऑक्साइड ($ ext{CO}_2$) के सापेक्ष एक निश्चित समय क्षितिज (सामान्यतः 100 वर्ष) में मापता है, जिसका अर्थ है कि $ ext{CO}_2$ का GWP मान हमेशा 1 होता है। 2. वायुमंडल में मीथेन ($ ext{CH}_4$) का GWP मान 100 वर्ष की अवधि में कार्बन डाइऑक्साइड की तुलना में काफी अधिक होता है, किंतु मीथेन का वायुमंडलीय जीवनकाल (Atmospheric Lifetime) $ ext{CO}_2$ की तुलना में बहुत कम (लगभग 12 वर्ष) होता है। 3. क्योटो प्रोटोकॉल और पेरिस समझौते के अंतर्गत विभिन्न देशों द्वारा अपने राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान (NDCs) और उत्सर्जन रिपोर्टिंग में ग्रीनहाउस गैसों के प्रभावों को मानक रूप से मापने के लिए इंटरगवर्नमेंटल पैनल ऑन क्लाइमेट चेंज (IPCC) द्वारा अनुशंसित GWP मूल्यों का उपयोग किया जाता है, जिसमें नाइट्रस ऑक्साइड ($ ext{N}_2 ext{O}$) का GWP मान मीथेन से भी कम होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? भारतीय पर्यावरण, पारिस्थितिकी एवं जैव विविधता के संदर्भ में, 'रामसर अभीसमय' (Ramsar Convention) और भारत में 'आर्द्रभूमियों' (Wetlands) के संरक्षण से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. रामसर अभीसमय वर्ष 1971 में ईरान के रामसर शहर में हस्ताक्षरित एक अंतर-सरकारी संधि है, जिसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमियों और उनके संसाधनों के संरक्षण तथा विवेकपूर्ण उपयोग (Wise Use) को बढ़ावा देना है, और भारत इस अभिसमय का एक अनुसमर्थक (Contracting Party) देश है। 2. 'मोंट्रिक्स रिकॉर्ड' (Montrex Record) रामसर सूची के अंतर्गत दर्ज आर्द्रभूमियों का एक रजिस्टर है, जिसमें ऐसी पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील आर्द्रभूमियों को शामिल किया जाता है जहाँ मानवीय हस्तक्षेप, तकनीकी विकास या प्रदूषण के कारण पारिस्थितिक परिवर्तन हो चुके हैं, हो रहे हैं या होने की संभावना है। 3. 'निती आयोग' भारत में रामसर स्थलों के रख-रखाव, नीतिगत निर्धारण और उनके आधिकारिक नामांकन के लिए जिम्मेदार सर्वोच्च और एकमात्र वैधानिक निकाय है, जो देश के सभी रामसर स्थलों के प्रबंधन के लिए सीधे बजट का आबंटन करता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? भारतीय इतिहास के संदर्भ में, 'महात्मा गांधी और दलित वर्ग' (Mahatma Gandhi and the Depressed Classes) तथा 'पूना पैक्ट' (Poona Pact, 1932) के ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. द्वितीय गोलमेज सम्मेलन (1931) में डॉ. बी.आर. अम्बेडकर द्वारा दलित वर्ग के लिए पृथक निर्वाचक मंडल (Separate Electorate) की मांग किए जाने के कारण ब्रिटिश प्रधानमंत्री रैम्जे मैकडोनाल्ड द्वारा 'साम्प्रदायिक पंचाट' (Communal Award) की घोषणा की गई, जिसके तहत दलितों को अल्पसंख्यकों की श्रेणी में रखते हुए पृथक निर्वाचन का अधिकार प्रदान किया गया। 2. साम्प्रदायिक पंचाट में दलितों के लिए पृथक निर्वाचन मंडल के प्रावधान के विरोध में महात्मा गांधी ने सितंबर 1932 में यरवदा जेल (पुणे) में आमरण अनशन शुरू किया, जिसके परिणामस्वरूप डॉ. अम्बेडकर और गांधी जी के समर्थकों के बीच एक समझौता हुआ जिसे 'पूना पैक्ट' कहा गया। 3. पूना पैक्ट के तहत दलित वर्ग के लिए प्रांतीय विधानमण्डलों में पृथक निर्वाचन मंडल की व्यवस्था को स्वीकार कर लिया गया, किंतु सामान्य निर्वाचन क्षेत्रों में उनके लिए आरक्षित सीटों की संख्या को मूल साम्प्रदायिक पंचाट की तुलना में काफी कम कर दिया गया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? पूना पैक्ट का मुख्य उद्देश्य क्या था? भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 72' के अंतर्गत राष्ट्रपति की क्षमादान की शक्ति (Pardoning Power) और उसकी न्यायिक समीक्षा के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 72 के तहत राष्ट्रपति को सेना न्यायालय (Court Martial) द्वारा दी गई सजा को माफ करने, कम करने या उसका परिहार करने की पूर्ण शक्ति प्राप्त है, और इस शक्ति का प्रयोग करते समय राष्ट्रपति के लिए केंद्रीय मंत्रिपरिषद की सलाह मानना संवैधानिक रूप से हमेशा और बिना किसी अपवाद के बाध्यकारी होता है। 2. ऐतिहासिक 'ईश्वर सिंह बनाम भारत संघ' और अन्य मामलों में उच्चतम न्यायालय द्वारा यह स्पष्ट किया गया है कि राष्ट्रपति की क्षमादान की शक्ति की न्यायिक समीक्षा (Judicial Review) की जा सकती है, यदि यह शक्ति का प्रयोग अत्यंत स्पष्ट रूप से मनमाने, दुर्भावनापूर्ण, भेदभावपूर्ण या अप्रासंगिक आधारों पर किया गया हो। 3. राज्यपाल की क्षमादान शक्ति (अनुच्छेद 161) की तुलना में राष्ट्रपति की क्षमादान शक्ति का दायरा अधिक व्यापक है, क्योंकि राष्ट्रपति मृत्युदंड (Death Sentence) के मामलों में भी क्षमादान दे सकते हैं और ऐसे मामलों में भी जहाँ सजा किसी राज्य सूची (State List) के विषय से संबंधित कानून के तहत दी गई हो। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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