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भारतीय पर्यावरण, पारिस्थितिकी एवं जैव विविधता के संदर्भ में, 'रामसर अभीसमय' (Ramsar Convention) और भारत में 'आर्द्रभूमियों' (Wetlands) के संरक्षण से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. रामसर अभीसमय वर्ष 1971 में ईरान के रामसर शहर में हस्ताक्षरित एक अंतर-सरकारी संधि है, जिसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमियों और उनके संसाधनों के संरक्षण तथा विवेकपूर्ण उपयोग (Wise Use) को बढ़ावा देना है, और भारत इस अभिसमय का एक अनुसमर्थक (Contracting Party) देश है।
- 2. 'मोंट्रिक्स रिकॉर्ड' (Montrex Record) रामसर सूची के अंतर्गत दर्ज आर्द्रभूमियों का एक रजिस्टर है, जिसमें ऐसी पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील आर्द्रभूमियों को शामिल किया जाता है जहाँ मानवीय हस्तक्षेप, तकनीकी विकास या प्रदूषण के कारण पारिस्थितिक परिवर्तन हो चुके हैं, हो रहे हैं या होने की संभावना है।
- 3. 'निती आयोग' भारत में रामसर स्थलों के रख-रखाव, नीतिगत निर्धारण और उनके आधिकारिक नामांकन के लिए जिम्मेदार सर्वोच्च और एकमात्र वैधानिक निकाय है, जो देश के सभी रामसर स्थलों के प्रबंधन के लिए सीधे बजट का आबंटन करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है: रामसर अभिसमय (Ramsar Convention on Wetlands) पर 2 फरवरी 1971 को कैस्पियन सागर के तट पर स्थित ईरान के रामसर शहर में हस्ताक्षर किए गए थे। यह आर्द्रभूमियों के संरक्षण और उनके संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग से संबंधित एक अंतर-सरकारी संधि है। भारत ने 1 फरवरी 1982 को इस अभिसमय पर हस्ताक्षर किए थे।
कथन 2 सही है: मोंट्रिक्स रिकॉर्ड (Montreux Record) रामसर सूची के अंतर्गत आने वाली आर्द्रभूमियों की एक उप-सूची है, जिसमें ऐसी आर्द्रभूमियों को रखा जाता है जहाँ मानवीय गतिविधियों, प्रदूषण या अन्य पारिस्थितिक परिवर्तनों के कारण पारिस्थितिकी तंत्र में नकारात्मक परिवर्तन हो चुके हैं या होने की संभावना है। वर्तमान में भारत के केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान (राजस्थान) और लोकटक झील (मणिपुर) को मोंट्रिक्स रिकॉर्ड में शामिल किया गया है।
कथन 3 गलत है: भारत में रामसर स्थलों और आर्द्रभूमियों के संरक्षण, नीति निर्धारण तथा प्रबंधन का नोडल मंत्रालय 'पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय' (MoEFCC) है, न कि नीति आयोग। नीति आयोग एक थिंक-टैंक है, जो ऐसी वैधानिक या कार्यकारी जिम्मेदारी का निर्वहन नहीं करता है।
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भारतीय राजव्यवस्था और भारतीय संविधान के अंतर्गत 'राष्ट्रीय आपातकाल' (National Emergency - Article 352) के उद्घोषणा और उसके प्रभावों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 352 के अनुसार राष्ट्रपति द्वारा राष्ट्रीय आपातकाल की उद्घोषणा केवल 'युद्ध' या 'बाह्य आक्रमण' के आधार पर ही की जा सकती है, और मूल संविधान में इसके लिए 'आंतरिक अशांति' (Internal Disturbance) शब्द का प्रयोग किया गया था, जिसे 44वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1978 द्वारा बदलकर 'सशस्त्र विद्रोह' (Armed Rebellion) कर दिया गया।
2. राष्ट्रीय आपातकाल की उद्घोषणा करने के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल (Cabinet) की लिखित सिफारिश का होना संविधान में अनिवार्य किया गया है, और यह प्रावधान भी 44वें संविधान संशोधन के माध्यम से जोड़ा गया था ताकि प्रधानमंत्री द्वारा अकेले लिए जाने वाले निर्णयों पर अंकुश लगाया जा सके।
3. जब राष्ट्रीय आपातकाल 'युद्ध' या 'बाह्य आक्रमण' के आधार पर प्रवृत्त होता है, तो संविधान के अनुच्छेद 19 के अंतर्गत प्रदत्त सभी छह मौलिक अधिकार स्वतः निलंबित हो जाते हैं, और इसके लिए अलग से किसी राष्ट्रपति के आदेश (Presidential Order) की कोई आवश्यकता नहीं होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग XVII' के अंतर्गत 'राजभाषा' (Official Language - अनुच्छेद 343 से 351) से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 343 के अनुसार, संघ की राजभाषा हिंदी और लिपि देवनागरी होगी, तथा इसके अतिरिक्त संविधान यह भी प्रावधान करता है कि संसद द्वारा किसी कानून द्वारा अन्यथा उपबंध न किए जाने तक, संविधान के लागू होने के बाद शुरुआती पंद्रह वर्षों की अवधि के लिए सभी राजकीय प्रयोजनों के लिए अंग्रेजी भाषा का निरंतर उपयोग किया जाना जारी रहेगा।
2. 'राजभाषा अधिनियम, 1963' (Official Languages Act, 1963) के माध्यम से संसद ने पंद्रह वर्ष की अवधि समाप्त होने के बाद भी केंद्र सरकार के कामकाज और संसद में अंग्रेजी भाषा के निरंतर उपयोग को अनिश्चितकाल के लिए वैध बना दिया, तथा यह अधिनियम हिंदी भाषी और गैर-हिंदी भाषी राज्यों के बीच पत्राचार के लिए भी अंग्रेजी के प्रयोग को अनिवार्य करता है।
3. संविधान की आठवीं अनुसूची में मूल रूप से 14 भाषाएँ शामिल थीं, जिन्हें समय-समय पर विभिन्न संविधान संशोधनों (जैसे 21वें, 71वें और 92वें संशोधन) के माध्यम से बढ़ाकर वर्तमान में 22 कर दिया गया है, तथा इस अनुसूची में शामिल होने के कारण अंग्रेजी भाषा को भी इसमें एक आधिकारिक क्षेत्रीय भाषा के रूप में स्थान प्राप्त है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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हाल ही में घोषित 'भारत-ताइवान औद्योगिक पार्क' गुजरात के किन दो स्थानों पर विकसित किया जाएगा?
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क्या कैबिनेट मिशन ने भारत के विभाजन को स्वीकार किया था?
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग XVI' के अंतर्गत 'कुछ वर्गों के संबंध में विशेष उपबंध' (Special Provisions Relating to Certain Classes - अनुच्छेद 330 से 342A) के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 330 और 332 के अनुसार लोकसभा तथा राज्यों की विधानसभाओं में अनुसूचित जातियों (SCs) और अनुसूचित जनजातियों (STs) के लिए स्थानों का आरक्षण उन निर्वाचन क्षेत्रों की जनसंख्या के अनुपात के आधार पर किया जाता है, और मूल संविधान में यह प्रावधान अनिश्चित काल के लिए लागू किया गया था जिसे कभी भी संविधान संशोधन द्वारा समाप्त नहीं किया जा सकता है।
2. 104वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2019 द्वारा लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के आरक्षण की अवधि को बढ़ाकर 80 वर्ष कर दिया गया, जिसके तहत यह आरक्षण 25 जनवरी 2030 तक प्रभावी रहेगा, किंतु इसी संशोधन द्वारा संसद और विधानसभाओं में आंग्ल-भारतीय (Anglo-Indian) समुदाय के सदस्यों के लिए नामांकित किए जाने वाले स्थानों के विशेष प्रावधान को आगे नहीं बढ़ाया गया, जिससे वह समाप्त हो गया।
3. संविधान के अनुच्छेद 338 और 338A के अंतर्गत क्रमशः 'राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग' (NCSC) और 'राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग' (NCST) की स्थापना की गई है, जिनमें से एनसीएसटी (NCST) का गठन मूल संविधान में ही किया गया था, जबकि राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (NCBC) को 102वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2018 द्वारा संवैधानिक दर्जा प्रदान किया गया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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