त्वरित लिंक्स
Child Development
8 views
शिक्षा में 'सतत एवं व्यापक मूल्यांकन' (Continuous and Comprehensive Evaluation - CCE) के अंतर्गत 'आकलन' (Assessment) और 'मूल्यांकन' (Evaluation) की तात्विक, सैद्धांतिक और क्रियात्मक गतिकी का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, इन दोनों अवधारणाओं के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) प्रणाली के अंतर्गत 'आकलन' (Assessment) और 'मूल्यांकन' (Evaluation) दोनों के अपने विशिष्ट उद्देश्य एवं कार्यक्षेत्र हैं। आकलन मुख्य रूप से अधिगम के दौरान (Assessment for Learning) या अधिगम के रूप में (Assessment as Learning) किया जाने वाला एक सुधारात्मक और निदानात्मक प्रक्रम है जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों की प्रगति का मार्गदर्शन करना और शिक्षण विधियों में सुधार करना होता है। इसके विपरीत, मूल्यांकन एक व्यापक और निर्णयात्मक संकल्पना है जिसमें आकलन से प्राप्त समूचे आंकड़ों (मात्रात्मक एवं गुणात्मक दोनों) का विश्लेषण करके छात्र के समग्र व्यक्तित्व (संज्ञानात्मक, भावनात्मक और मनोसामाजिक पक्षों) के संबंध में अंतिम मूल्य-निर्णय (Value Judgment) लिया जाता है। इस विषय की विस्तृत जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Related Questions
→
कोहलबर्ग के अनुसार, 'नैतिक विकास' (Moral Development) के कुल कितने स्तर बताए गए हैं?
→
थार्नडाइक के संयोजनवाद (Connectionism) के अंतर्गत दिए गए 'प्रभाव के नियम' (Law of Effect), पावलव के शास्त्रीय अनुबंधन में 'उद्दीपक सामान्यीकरण' (Stimulus Generalization), और स्किनर के क्रियाप्रसूत अनुबंधन में 'संचयी अधिगम' (Cumulative Learning) तथा 'शेपिंग' (Shaping) की अवधारणाओं का सूक्ष्म मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन सिद्धांतों के बीच के तात्विक और क्रियात्मक अंतर को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है?
→
विकास को प्रभावित करने वाले कारकों के संदर्भ में 'वंशानुक्रम' (Heredity) और 'वातावरण' (Environment) की अंतःक्रिया के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सबसे अधिक वैज्ञानिक और मनोवैज्ञानिक रूप से सटीक है?
→
अधिगम के मनोविज्ञान में एडवर्ड थार्नडाइक के 'प्रयास एवं त्रुटि का सिद्धांत' (Trial and Error Theory), इवान पावलव के 'शास्त्रीय अनुबंधन' (Classical Conditioning) तथा बी.एफ. स्किनर के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन' (Operant Conditioning) के तात्विक, तुलनात्मक और प्रायोगिक स्वरूप का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई शिक्षार्थी किसी उद्दीपक के प्रति यांत्रिक रूप से अनुक्रिया करता है और परिणाम स्वरूप मिलने वाले पुरस्कार या पुनर्बलन से उसका व्यवहार निर्धारित होता है, तो इन तीनों व्यवहारवादी (Behaviorist) अधिगम सिद्धांतों की अंतर्निहित कार्यप्रणाली के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
→
अधिगम अक्षमताओं (Learning Disabilities) के अंतर्गत 'डिस्लेक्सिया' (Dyslexia) के उप-प्रकारों—विशेष रूप से 'फोनोलॉजिकल डिस्लेक्सिया' (Phonological Dyslexia) और 'सरफेस डिस्लेक्सिया' (Surface Dyslexia)—तथा मस्तिष्क के कॉर्टिकल क्षेत्रों में होने वाले न्यूरोलॉजिकल व्यतिक्रमों का गहन वैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, यदि कोई शिक्षार्थी किसी अपरिचित शब्द को ध्वन्यात्मक रूप से खंडित करके पढ़ने या डिकोड करने में पूरी तरह सक्षम है, परंतु अनियमित या अपवाद स्वरूप वर्तनी वाले शब्दों (जैसे 'ough' या 'colonel' युक्त शब्द) को उनके समग्र दृश्यात्मक स्वरूप के आधार पर पहचानने में गंभीर रूप से विफल रहता है, तो उसके इस विशिष्ट पठन विकार और उपचारात्मक रणनीतियों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.