बाल-केंद्रित एवं सक्रिय शिक्षण
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प्रगतिशील शिक्षा (Progressive Education) के मुख्य प्रवर्तक जॉन डीवी (John Dewey) के शैक्षिक दर्शन में 'विद्यालय एक समाज का लघु रूप है' (School is a miniature society) इस अवधारणा का सबसे गहरा और व्यावहारिक निहितार्थ निम्नलिखित में से क्या है?
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Detailed Explanation
प्रगतिशील शिक्षा (Progressive Education) के तहत जॉन डीवी का मानना था कि विद्यालय कोई अलग-थलग संस्थान नहीं बल्कि समाज का ही एक लघु रूप (Miniature Society) होना चाहिए, जहाँ बच्चे लोकतांत्रिक जीवन और वास्तविक सामाजिक अंतःक्रियाओं का अभ्यास करके सीखते हैं। इस विषय पर विस्तृत जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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प्रगतिशील शिक्षा (Progressive Education) के संदर्भ में जॉन डीवी (John Dewey)…
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प्रगतिशील शिक्षा (Progressive Education) के संदर्भ में, जॉन डीवी (John Dewey) द्वारा प्रतिपादित 'करके सीखना' (Learning by Doing) और समस्या-समाधान पद्धति के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सबसे अधिक उपयुक्त और विश्लेषणात्मक है?
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जॉन डीवी (John Dewey) के 'प्रगतिशील शिक्षा और अनुभवात्मक अधिगम सिद्धांत' (Progressive Education and Experiential Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय शैक्षणिक अवधारणा—**'करके सीखना' (Learning by Doing)**—जिसे इस विचार के रूप में परिभाषित किया जाता है कि शिक्षा केवल निष्क्रिय रूप से ज्ञान को ग्रहण करने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह वास्तविक अनुभवों, व्यावहारिक समस्याओं के समाधान और सक्रिय सामाजिक सहभागिता के माध्यम से ज्ञान का निर्माण करती है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के आलोचनात्मक चिंतन, समस्या-समाधान क्षमताओं और लोकतांत्रिक जीवन मूल्यों के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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प्रगतिशील शिक्षा (Progressive Education) के जनक किसे माना जाता है?
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