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भाषा शिक्षण शास्त्र सभी देखें (45) भाषा अर्जन एवं भाषा अधिगम21 भाषा कौशल (LSRW)13 बहुभाषिकता एवं मातृभाषा3 हिंदी शिक्षण5 अंग्रेजी शिक्षण (English Pedagogy)3
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विटामिनों और उनके रासायनिक नामों तथा उनके अभाव से होने वाले रोगों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. विटामिन B1 (थायमिन) की कमी से 'बेरी-बेरी' रोग होता है, जिसमें तंत्रिका तंत्र की कमजोरी और मांसपेशियों का पक्षाघात जैसी समस्याएँ उत्पन्न होती हैं, तथा यह जल में घुलनशील विटामिन है।
  2. 2. विटामिन C (एस्कॉर्बिक अम्ल) एक एंटीऑक्सीडेंट विटामिन है, जिसकी कमी से 'स्कर्वी' रोग होता है, जिसमें मसूड़ों से खून आना और घाव भरने में देरी होना मुख्य लक्षण हैं, और यह शरीर में संचित रहता है।
  3. 3. विटामिन D (कैल्सीफेरोल) वसा में घुलनशील विटामिन है, जिसका संश्लेषण सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में त्वचा द्वारा किया जाता है, और इसकी कमी से बच्चों में 'रिकेट्स' तथा वयס्कों में 'ऑस्टियोमैलेसिया' रोग हो जाता है।
  4. 4. विटामिन B12 (सायनोकोबलामिन) का रासायनिक नाम है, जिसमें कोबाल्ट धातु पाई जाती है, और इसकी कमी से 'परनिशियस एनीमिया' (घातक अरक्तता) नामक रोग होता है, क्योंकि यह लाल रक्त कोशिकाओं के परिपक्वता के लिए आवश्यक है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सत्य है क्योंकि थायमिन (विटामिन B1) जल में घुलनशील विटामिन है और इसकी कमी से बेरी-बेरी रोग होता है। कथन 2 असत्य है क्योंकि विटामिन C जल में घुलनशील होता है और यह शरीर में संचित नहीं रहता, बल्कि मूत्र के साथ उत्सर्जित हो जाता है। कथन 3 सत्य है क्योंकि विटामिन D वसा में घुलनशील है, धूप से संश्लेषित होता है और इसकी कमी से रिकेट्स और ऑस्टियोमैलेसिया होता है। कथन 4 सत्य है क्योंकि विटामिन B12 में कोबाल्ट होता है और इसकी कमी से परनिशियस एनीमिया होता है। इस प्रकार के उच्च स्तरीय प्रश्नों के अभ्यास के लिए आप बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट कर सकते हैं।

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अगला प्रश्न → मानव शरीर में संतुलित आहार और विभिन्न पोषक पदार्थों (Nutrients) की भूमिका के… ← पिछला प्रश्न मानव शरीर में संतुलित आहार और पोषक पदार्थों (Nutrients) की…

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'थायरोक्सिन' (Thyroxine) हॉर्मोन के संश्लेषण के लिए आयोडीन अनिवार्य होता है, जिसकी कमी से गॉइटर (घेंघा) रोग होता है, जबकि वयस्क अवस्था में इस हॉर्मोन की अत्यधिक कमी से 'मिक्सोएडिमा' (Myxedema) नामक स्थिति उत्पन्न हो जाती है। 4. रुधिर में हीमोग्लोबिन एक लोहे युक्त प्रोटीन है जो ऑक्सीजन का परिवहन करता है, तथा इसकी कमी से होने वाला एनीमिया (रक्तल्पता) हमेशा केवल विटामिन B12 की कमी के कारण ही होता है, इसमें आयरन या फोलिक एसिड की कोई भूमिका नहीं होती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? → मानव शरीर के विभिन्न तंत्रों और उनकी कार्यप्रणाली के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मानव पाचन तंत्र में आमाशय (Stomach) से निकलने वाला 'पेप्सिनोजेन' निष्क्रिय एंजाइम हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) के संपर्क में आकर सक्रिय 'पेप्सिन' में बदल जाता है, जो प्रोटीन को पेप्टोन और प्रोटियोज़ में विखंडित करता है। 2. मानव परिसंचरण तंत्र में 'पेसमेकर' (Sinoatrial Node - SA Node) दाएँ आलिंद की दीवार पर स्थित होता है, जो स्वतः उत्तेजना उत्पन्न करके हृदय की धड़कन की शुरुआत करता है, जिसे हृदय का 'पेसमेकर' कहा जाता है। 3. मानव तंत्रिका तंत्र में प्रतिवर्ती क्रियाओं (Reflex Actions) का नियंत्रण मुख्य रूप से मस्तिष्क के 'प्रमस्तिष्क' (Cerebrum) द्वारा किया जाता है, जो बिना सोचे-समझे तीव्र अनुक्रिया उत्पन्न करता है। 4. मानव उत्सर्जन तंत्र में वृक्क (Kidney) की कार्यात्मक इकाई 'नेफ्रॉन' (Nephron) होती है, जिसके 'हेनले का लूप' (Loop of Henle) का मुख्य कार्य मूत्र का सांद्रण करना और जल एवं खनिजों का पुनравशोषण करना है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? → मानव शरीर में विभिन्न विटामिनों, उनके रासायनिक नामों तथा उनकी कमी से होने वाले विकारों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. विटामिन ए (रेटिनॉल) की कमी से 'क्सेरॉफ्थैल्मिया' (शूष्काक्ष्पाक) और 'रतौंधी' (Night Blindness) जैसी बीमारियाँ होती हैं, और यह वसा में घुलनशील विटामिन है जो यकृत (Liver) में संचित रहता है। 2. विटामिन बी-1 (थायमिन) की कमी से 'बेरी-बेरी' रोग होता है, जिसमें तंत्रिका तंत्र और हृदय की कार्यप्रणाली प्रभावित होती है, तथा चावल को अत्यधिक पॉलिश करने से यह विटामिन नष्ट हो जाता है। 3. विटामिन सी (ऐस्कॉर्बिक अम्ल) जल में घुलनशील विटामिन है, जिसकी कमी से 'स्कर्वी' रोग होता है, जिसमें मसूड़ों से खून आना और घावों का देरी से भरना मुख्य लक्षण है, और यह मानव शरीर में प्रचुर मात्रा में स्वयं संश्लेषित होता है। 4. विटामिन डी (कैल्सीफेरॉल) एक हॉर्मोन की तरह भी कार्य करता है, जिसकी कमी से बच्चों में 'रिकेट्स' (सूखा रोग) और वयस्कों में 'ऑस्टियोमैलेशिया' नामक अस्थि रोग हो जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? → मानव शरीर में विटामिन और उनके रासायनिक नामों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. विटामिन B1 का रासायनिक नाम थायमिन (Thiamine) है, जिसकी कमी से 'बेरी-बेरी' नामक रोग होता है, जो मुख्य रूप से तंत्रिका तंत्र और हृदय को प्रभावित करता है। 2. विटामिन C, जिसका रासायनिक नाम एस्कॉर्बिक अम्ल (Ascorbic acid) है, एक जल-विलेय विटामिन है जो शरीर में कोलेजन के संश्लेषण के लिए आवश्यक होता है और इसकी कमी से 'स्कर्वी' रोग होता है। 3. विटामिन D का रासायनिक नाम कैल्सीफेरोल (Cholecalciferol) है, जो वसा में घुलनशील है और इसकी कमी से बच्चों में 'रिकेट्स' (Rickets) तथा वयस्कों में 'ऑस्टियोमलेशिया' नामक हड्डी का रोग हो जाता है। 4. विटामिन B12 का रासायनिक नाम सायनोकोबलामिन (Cyanocobalamin) है, जिसमें कोबाल्ट धातु पाई जाती है, और इसकी कमी से शरीर में 'परनीसियस एनीमिया' (Pernicious anemia) हो जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? → बालक के विकास में 'प्रकृति बनाम पोषण' (Nature vs. Nurture) विवाद किससे संबंधित है? → मानव शरीर के पोषण और संतुलित आहार के संदर्भ में, विभिन्न पोषक तत्वों (Nutrients) और उनके विशिष्ट कार्यों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. कार्बोहाइड्रेट और वसा मुख्य रूप से शरीर को ऊर्जा प्रदान करने वाले पोषक तत्व हैं, जहाँ 1 ग्राम वसा के ऑक्सीकरण से उत्पन्न ऊर्जा की मात्रा 1 ग्राम कार्बोहाइड्रेट से लगभग दोगुनी होती है। 2. विटामिन 'ए' (रेटिनॉल) एक वसा-विघुलनशील विटामिन है, जिसकी कमी से 'रॉफ्थैल्मिया' (Xerophthalmia) और शुष्क नेत्र रोग उत्पन्न होते हैं, तथा यह यकृत में संचित रहता है। 3. प्रोटीन को 'शरीर-निर्माता' (Body-building food) कहा जाता है, जिसका निर्माण मुख्य रूप से अमीनो अम्ल की श्रृंखलाओं से होता है, और सोयाबीन तथा पनीर पादप एवं जंतु स्रोतों में इसके सर्वोत्तम उदाहरण हैं। 4. खनिज लवणों के अंतर्गत 'आयोडीन' शरीर में थायराइड ग्रंथि द्वारा 'थायरोक्सिन' हार्मोन के संश्लेषण के लिए अनिवार्य है, और इसकी कमी से बच्चों में 'क्रीटिनिज़्म' (Cretinism) नामक विकार उत्पन्न होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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