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मानव शरीर में हॉर्मोन्स, विटामिन और विभिन्न जैविक अणुओं (Biomolecules) के कार्य तथा उनकी कमी से होने वाले रोगों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. इंसुलिन (Insulin) एक पेप्टाइड हॉर्मोन है जो अग्नाशय (Pancreas) की लैंगरहैंस की द्वीपिकाओं की बीटा कोशिकाओं द्वारा स्रावित होता है, और यह रक्त में ग्लूकोज की मात्रा को नियंत्रित करते हुए ग्लाइकोजेनेसिस की प्रक्रिया को प्रेरित करता है।
  2. 2. विटामिन D, जिसे 'कैल्सीफेरोल' भी कहा जाता है, एक वसा-में-घुलनशील विटामिन है जो शरीर में कैल्शियम और फॉस्फोरस के अवशोषण को नियंत्रित करता है, तथा इसकी कमी से बच्चों में 'रिकेट्स' (Rickets) और वयס्कों में 'ऑस्टियोमलेशिया' (Osteomalacia) नामक रोग हो जाता है।
  3. 3. 'थायरोक्सिन' (Thyroxine) हॉर्मोन के संश्लेषण के लिए आयोडीन अनिवार्य होता है, जिसकी कमी से गॉइटर (घेंघा) रोग होता है, जबकि वयस्क अवस्था में इस हॉर्मोन की अत्यधिक कमी से 'मिक्सोएडिमा' (Myxedema) नामक स्थिति उत्पन्न हो जाती है।
  4. 4. रुधिर में हीमोग्लोबिन एक लोहे युक्त प्रोटीन है जो ऑक्सीजन का परिवहन करता है, तथा इसकी कमी से होने वाला एनीमिया (रक्तल्पता) हमेशा केवल विटामिन B12 की कमी के कारण ही होता है, इसमें आयरन या फोलिक एसिड की कोई भूमिका नहीं होती है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?

Detailed Explanation

दिए गए कथनों में कथन 1, 2 और 3 पूर्णतः सत्य हैं, जबकि कथन 4 असत्य है। हीमोग्लोबिन की कमी और एनीमिया केवल विटामिन B12 की कमी से नहीं होता, बल्कि इसके प्रमुख कारण आयरन (लोह तत्व) की कमी और फोलिक एसिड की कमी भी हैं (जैसे आयरन डेफिशिएंसी एनीमिया)। अधिक अभ्यास के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा के पोर्टल पर जाएं।

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अगला प्रश्न → मानव शरीर के विभिन्न तंत्रों और उनकी कार्यप्रणाली के संदर्भ में निम्नलिखित… ← पिछला प्रश्न मानव शरीर में संतुलित आहार और विभिन्न पोषक पदार्थों…

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→ मानव शरीर के पोषण और संतुलित आहार के संदर्भ में, विभिन्न पोषक तत्वों (Nutrients) और उनके विशिष्ट कार्यों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. कार्बोहाइड्रेट और वसा मुख्य रूप से शरीर को ऊर्जा प्रदान करने वाले पोषक तत्व हैं, जहाँ 1 ग्राम वसा के ऑक्सीकरण से उत्पन्न ऊर्जा की मात्रा 1 ग्राम कार्बोहाइड्रेट से लगभग दोगुनी होती है। 2. विटामिन 'ए' (रेटिनॉल) एक वसा-विघुलनशील विटामिन है, जिसकी कमी से 'रॉफ्थैल्मिया' (Xerophthalmia) और शुष्क नेत्र रोग उत्पन्न होते हैं, तथा यह यकृत में संचित रहता है। 3. प्रोटीन को 'शरीर-निर्माता' (Body-building food) कहा जाता है, जिसका निर्माण मुख्य रूप से अमीनो अम्ल की श्रृंखलाओं से होता है, और सोयाबीन तथा पनीर पादप एवं जंतु स्रोतों में इसके सर्वोत्तम उदाहरण हैं। 4. खनिज लवणों के अंतर्गत 'आयोडीन' शरीर में थायराइड ग्रंथि द्वारा 'थायरोक्सिन' हार्मोन के संश्लेषण के लिए अनिवार्य है, और इसकी कमी से बच्चों में 'क्रीटिनिज़्म' (Cretinism) नामक विकार उत्पन्न होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? → पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) के ऊर्जा प्रवाह और जैव-रासायनिक चक्रों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. पारिस्थितिकी तंत्र में ऊर्जा का प्रवाह हमेशा एकदशकीय (Unidirectional) होता है, और लिंडमैन के 'दस प्रतिशत नियम' (10% Law) के अनुसार, एक पोषण स्तर से दूसरे पोषण स्तर पर केवल 10 प्रतिशत ऊर्जा ही स्थानांतरित होती है, जबकि शेष 90 प्रतिशत ऊर्जा श्वसन, ताप और उपापचय क्रियाओं के दौरान ह्रासित हो जाती है। 2. 'पारिस्थितिक पिरामिड' (Ecological Pyramid) में संख्या का पिरामिड और ऊर्जा का पिरामिड हमेशा सीधा (Upright) बनता है, किंतु एक बड़े वृक्ष के पारिस्थितिकी तंत्र में पक्षियों के लिए 'संख्या का पिरामिड' उल्टा (Inverted) हो सकता है, और महासागरीय जलीय पारिस्थितिकी तंत्र में 'बायोमास का पिरामिड' भी सदैव उल्टा होता है। 3. वायुमंडल में नाइट्रोजन गैस की प्रचुरता के बावजूद पौधे इसे सीधे वायुमंडल से ग्रहण नहीं कर पाते हैं, अतः राइजोबियम और एजोटोबैक्टर जैसे सूक्ष्मजीव इसे नाइट्रेट्स या अमोनिया में बदलकर 'नाइट्रोजन स्थिरीकरण' (Nitrogen Fixation) का कार्य करते हैं, जो जैव-रासायनिक चक्र का एक प्रमुख हिस्सा है। 4. पारिस्थितिक अनुक्रमण (Ecological Succession) की प्रक्रिया में किसी नग्न चट्टान पर उगने वाले सबसे पहले पौधे 'लाइकेन' (Lichens) होते हैं, जिन्हें 'पायनियर कम्युनिटी' (Pioneer Community) कहा जाता है, जो चट्टानों को विघटित करके मृदा निर्माण की प्रक्रिया को शुरू करते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? → विटामिनों और उनके रासायनिक नामों तथा उनके अभाव से होने वाले रोगों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. विटामिन B1 (थायमिन) की कमी से 'बेरी-बेरी' रोग होता है, जिसमें तंत्रिका तंत्र की कमजोरी और मांसपेशियों का पक्षाघात जैसी समस्याएँ उत्पन्न होती हैं, तथा यह जल में घुलनशील विटामिन है। 2. विटामिन C (एस्कॉर्बिक अम्ल) एक एंटीऑक्सीडेंट विटामिन है, जिसकी कमी से 'स्कर्वी' रोग होता है, जिसमें मसूड़ों से खून आना और घाव भरने में देरी होना मुख्य लक्षण हैं, और यह शरीर में संचित रहता है। 3. विटामिन D (कैल्सीफेरोल) वसा में घुलनशील विटामिन है, जिसका संश्लेषण सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में त्वचा द्वारा किया जाता है, और इसकी कमी से बच्चों में 'रिकेट्स' तथा वयס्कों में 'ऑस्टियोमैलेसिया' रोग हो जाता है। 4. विटामिन B12 (सायनोकोबलामिन) का रासायनिक नाम है, जिसमें कोबाल्ट धातु पाई जाती है, और इसकी कमी से 'परनिशियस एनीमिया' (घातक अरक्तता) नामक रोग होता है, क्योंकि यह लाल रक्त कोशिकाओं के परिपक्वता के लिए आवश्यक है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? → मानव शरीर में संतुलित आहार और पोषक पदार्थों (Nutrients) की भूमिका के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. सूक्ष्म पोषक तत्व (Micronutrients) जैसे कि विटामिन और खनिज ऊर्जा के प्रत्यक्ष स्रोत नहीं होते हैं, किंतु ये चयापचय (Metabolism) और शरीर की जैव-रासायनिक क्रियाओं को नियंत्रित करने के लिए अत्यंत आवश्यक होते हैं। 2. वसा-घुलनशील विटामिन (विटामिन A, D, E और K) का संचय मुख्य रूप से यकृत और वसीय ऊतकों में होता है, और अत्यधिक मात्रा में इनके सेवन से 'हाइपरविटामिनोसिस' की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। 3. प्रोटीन शरीर की वृद्धि और ऊतकों की मरम्मत के लिए आवश्यक वृहद् पोषक तत्व (Macronutrient) है, जिसकी कमी से बच्चों में 'क्वाशियोकोर' और 'मरास्मस' जैसे गंभीर कुपोषण रोग हो जाते हैं। 4. कार्बोहाइड्रेट शरीर का प्राथमिक ऊर्जा स्रोत है, और 1 ग्राम ग्लूकोज के पूर्ण ऑक्सीकरण से लगभग 9.3 किलो कैलोरी ऊर्जा प्राप्त होती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? → बालक के विकास में 'प्रकृति बनाम पोषण' (Nature vs. Nurture) विवाद किससे संबंधित है? → मानव शरीर में विभिन्न पोषक पदार्थों (Nutrients) की भूमिका, उनके स्रोतों तथा उनकी कमी से होने वाले रोगों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. कार्बोहाइड्रेट और वसा शरीर को मुख्य रूप से ऊर्जा प्रदान करने वाले पोषक तत्व हैं, जहाँ 1 ग्राम वसा के ऑक्सीकरण से लगभग 9.3 किलो कैलोरी ऊर्जा प्राप्त होती है, जो कि समान मात्रा में कार्बोहाइड्रेट से मिलने वाली ऊर्जा की तुलना में लगभग दोगुनी से भी अधिक होती है। 2. विटामिन D, जिसे 'कैल्सीफेरोल' भी कहा जाता है, एक वसा-विलेय (Fat-soluble) विटामिन है जिसका संश्लेषण सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में त्वचा द्वारा कोलेस्ट्रॉल से किया जा सकता है, और इसकी कमी से वयस्कों में 'ऑस्टियोमैलेसिया' तथा बच्चों में 'रिकेट्स' नामक रोग हो जाता है। 3. प्रोटीन जटिल नाइट्रोजनयुक्त कार्बनिक यौगिक होते हैं जो अमीनो अम्लों की इकाइयों से पेप्टाइड बंधों द्वारा जुड़े होते हैं; इनकी गंभीर कमी के कारण बच्चों में 'क्वाशियोकोर' (जिसमें हाथ-पैर पतले और पेट फूल जाता है) और 'मरास्मस' रोग उत्पन्न होते हैं। 4. खनिज लवणों के अंतर्गत 'आयोडीन' की कमी से थायराइड ग्रंथि में सूजन आ जाती है जिसे घेंघा (Goiter) कहा जाता है, तथा गर्भावस्था के दौरान आयोडीन की भारी कमी से उत्पन्न होने वाले विकार को 'क्रिटिनिज़्म' कहते हैं, जिसमें बच्चों में शारीरिक और मानसिक विकास अवरुद्ध हो जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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