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Civil services — Free MCQ Questions & Mock Test

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Civil services ki taiyari ke liye 2576+ free MCQ questions, explanation ke saath — practice karein aur apni tayyari mazboot banayein.

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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग XVIII' के अंतर्गत 'आपात उपबंध' (Emergency Provisions - अनुच्छेद 352 से 360) तथा 'राष्ट्रीय आपातकाल' (National Emergency) के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 352 के अनुसार राष्ट्रपति द्वारा राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा केवल पूरे भारत में की जा सकती है, और संविधान के मूल पाठ में इसके लिए 'युद्ध', 'बाह्य आक्रमण' और 'सशस्त्र विद्रोह' (Armed Rebellion) शब्दों का स्पष्ट उल्लेख था। 2. 44वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1978 के माध्यम से यह अनिवार्य किया गया कि मंत्रिमंडल (Cabinet) की लिखित सिफारिश प्राप्त होने के बाद ही राष्ट्रपति राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा कर सकते हैं, तथा इस घोषणा को संसद के दोनों सदनों द्वारा एक महीने के भीतर विशेष बहुमत से अनुमोदित कराना आवश्यक है। 3. राष्ट्रीय आपातकाल के दौरान संविधान के अनुच्छेद 19 द्वारा प्रदत्त छह मूल अधिकार स्वतः निलंबित हो जाते हैं, किंतु अनुच्छेद 20 और 21 द्वारा प्रदत्त अधिकारों को किसी भी परिस्थिति में निलंबित नहीं किया जा सकता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग XI' के अंतर्गत 'केंद्र-राज्य विधाई संबंध' (Legislative Relations - अनुच्छेद 245 से 255) तथा 'अवशिष्ट शक्तियाँ' (Residuary Powers) के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 248 के अनुसार संसद को किसी भी ऐसे मामले के संबंध में विधि बनाने की अनन्य शक्ति प्राप्त है जो समवर्ती सूची या राज्य सूची में शामिल नहीं है, और इस 'अवशिष्ट शक्ति' (Residuary Power) के अंतर्गत कर लगाने (Taxation) की शक्ति भी संसद में ही निहित है। 2. भारत सरकार अधिनियम, 1935 (Government of India Act, 1935) में अवशिष्ट शक्तियाँ प्रांतीय गवर्नरों के विवेक पर छोड़ी गई थीं, जबकि भारतीय संविधान निर्माताओं ने कनाडा के संविधान का अनुसरण करते हुए अवशिष्ट शक्तियों को केंद्र (संघ) सरकार के अधीन निहित किया है। 3. अनुच्छेद 249 के अनुसार यदि राज्य सभा उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के कम से कम दो-तिहाई बहुमत से कोई संकल्प पारित कर दे कि राष्ट्रीय हित में यह आवश्यक है कि संसद को राज्य सूची में शामिल किसी भी विषय पर विधि बनानी चाहिए, तो संसद पूरे भारत या उसके किसी भाग के लिए उस विषय पर कानून बना सकती है, और ऐसा संकल्प असीमित समय के लिए प्रभावी रहता है जब तक कि संसद स्वयं उसे निरस्त न कर दे। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग IX' के अंतर्गत 'पंचायतें' (Panchayats - अनुच्छेद 243 से 243-O) तथा '73वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992' के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 243-G के अनुसार राज्य का विधानमंडल, विधि द्वारा पंचायतों को आर्थिक विकास और सामाजिक न्याय के लिए योजनाएँ तैयार करने तथा उन्हें लागू करने की जिम्मेदारी सौंप सकता है, जिसमें ग्यारहवीं अनुसूची में सूचीबद्ध 29 विषयों से संबंधित मामले शामिल हैं। 2. 73वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा त्रि-स्तरीय पंचायत प्रणाली (ग्राम स्तर, मध्यवर्ती स्तर और जिला स्तर) का प्रावधान किया गया, किंतु जिन राज्यों की जनसंख्या बीस लाख से कम है, उन्हें मध्यवर्ती स्तर पर पंचायत का गठन न करने की छूट प्रदान की गई है। 3. संविधान के अनुच्छेद 243-E के अनुसार प्रत्येक पंचायत का कार्यकाल उसकी पहली बैठक के लिए नियत तारीख से पाँच वर्ष का होता है, और यदि किसी पंचायत को समय से पूर्व विघटित कर दिया जाता है, तो विघटन की तारीख से छह महीने की अवधि समाप्त होने से पहले उस स्थान को भरने के लिए चुनाव कराना अनिवार्य होता है, तथा नव-गठित पंचायत अपने पूरे पाँच वर्ष के कार्यकाल के लिए कार्य करती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

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भारतीय इतिहास, कला एवं संस्कृति के संदर्भ में, गुप्त काल (Gupta Period) के दौरान हुई कला, विज्ञान और प्रशासनिक व्यवस्थाओं के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. गुप्त काल में वास्तुकला और मूर्तिकला का अभूतपूर्व विकास हुआ, जिसके अंतर्गत उत्तर भारत में नागर शैली (Nagara Style) के मंदिरों की प्रारंभिक विशेषताएँ दिखाई देने लगीं, जैसे कि देवगढ़ का दशावतार मंदिर और भूमरा का शिव मंदिर, जो ईंटों या प्रस्तर से निर्मित शुरुआती पंचायतन शैली के उत्कृष्ट उदाहरण हैं। 2. इस काल में विज्ञान और खगोल विज्ञान के क्षेत्र में महान प्रगति हुई, जिसमें आर्यभट्ट द्वारा 'आर्यभट्टीय' की रचना की गई, जिसमें उन्होंने सबसे पहले यह प्रतिपादित किया कि पृथ्वी गोल है और अपनी धुरी पर चक्कर लगाती है, तथा सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण के वास्तविक वैज्ञानिक कारणों की सटीक व्याख्या की। 3. गुप्त प्रशासनिक व्यवस्था में प्रांतीय प्रशासन को 'भुक्ति' (Bhukti) कहा जाता था, जिसके प्रमुख को 'उपरिक' (Uparika) कहा जाता था, और भुक्तियों का विभाजन 'विषय' (Vishaya) में होता था, जिनका प्रशासन 'विषयपति' द्वारा चलाया जाता था, किंतु प्रशासनिक अधिकारियों का यह पूरा तंत्र वंशानुगत (Hereditary) था और निचले स्तर पर केंद्रीय नियंत्रण लगभग समाप्त हो चुका था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

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सामान्य विज्ञान और पर्यावरण के संदर्भ में, 'हरित गृह प्रभाव' (Greenhouse Effect) और 'जलवायु परिवर्तन पर अंतर-सरकारी पैनल' (IPCC) की रिपोर्टों के आलोक में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. प्राकृतिक हरित गृह प्रभाव पृथ्वी पर जीवन के अस्तित्व के लिए अनिवार्य है, क्योंकि इसके बिना पृथ्वी का औसत तापमान वर्तमान +15°C से गिरकर लगभग -18°C तक पहुँच सकता है, जिससे संपूर्ण ग्रह बर्फ से ढक जाता। 2. क्योटो प्रोटोकॉल (1997) के तहत कानूनी रूप से बाध्यकारी लक्ष्यों के अंतर्गत केवल कार्बन डाइऑक्साइड ($CO_2$), मीथेन ($CH_4$) और नाइट्रस ऑक्साइड ($N_2O$) को ही शामिल किया गया था, जबकि हाइड्रोफ्लुओरोकार्बन (HFCs), परफ्लुओरोकार्बन (PFCs) और सल्फर हेक्साफ्लोराइड ($SF_6$) को इसके दायरे से पूरी तरह बाहर रखा गया था। 3. वायुमंडल में जलवाष्प ($H_2O$) सबसे प्रचुर मात्रा में पाई जाने वाली प्राकृतिक हरित गृह गैस है, जिसका योगदान कुल हरित गृह प्रभाव में सबसे अधिक होता है, किंतु मानवीय गतिविधियों (जैसे जीवाश्म ईंधन के दहन) द्वारा इसके उत्सर्जन का प्रत्यक्ष नियंत्रण सीधे तौर पर संभव नहीं है क्योंकि यह मुख्य रूप से महासागरीय वाष्पीकरण और तापमान द्वारा नियंत्रित होती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग XVI' के अंतर्गत 'कुछ वर्गों के संबंध में विशेष उपबंध' (Special Provisions Relating to Certain Classes - अनुच्छेद 330 से 342A) तथा लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में आरक्षण के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 330 और 332 के अनुसार लोकसभा और राज्यों की विधानसभाओं में अनुसूचित जातियों (SCs) और अनुसूचित जनजातियों (STs) के लिए सीटों का आरक्षण उनकी जनसंख्या के अनुपात में किया जाता है, और मूल संविधान में यह प्रावधान किया गया था कि यह आरक्षण संविधान के लागू होने के दस वर्षों के भीतर स्वतः समाप्त हो जाएगा। 2. 104वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2019 के माध्यम से लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए सीटों के आरक्षण की समय-सीमा को बढ़ाकर 25 जनवरी 2030 तक कर दिया गया है, तथा इसी संशोधन द्वारा संसद और राज्य विधानसभाओं में आंग्ल-भारतीय (Anglo-Indian) समुदाय के लिए मनोनीत सीटों के प्रावधान को भी अनिश्चितकाल के लिए बढ़ा दिया गया है। 3. संविधान के अनुच्छेद 338 और 338A के तहत क्रमशः 'राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग' (NCSC) और 'राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग' (NCST) का गठन किया गया है, जहाँ राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग को 89वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2002 द्वारा अनुच्छेद 338 से अलग करके एक स्वतंत्र संवैधानिक निकाय के रूप में स्थापित किया गया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

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भारतीय अर्थव्यवस्था और सामाजिक विकास के संदर्भ में, 'सतत विकास लक्ष्य' (Sustainable Development Goals - SDGs) और बहुआयामी गरीबी सूचकांक (Multidimensional Poverty Index - MPI) के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संयुक्त राष्ट्र द्वारा अपनाए गए '2030 एजेंडा फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट' के अंतर्गत कुल 17 सतत विकास लक्ष्य (SDGs) निर्धारित किए गए हैं, जिनका उद्देश्य 2030 तक गरीबी और भुखमरी को पूरी तरह समाप्त करना तथा पर्यावरण की रक्षा करना है, और ये सभी लक्ष्य कानूनी रूप से सभी सदस्य देशों पर बाध्यकारी (Legally Binding) हैं। 2. वैश्विक बहुआयामी गरीबी सूचकांक (Global MPI) संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) और ऑक्सफोर्ड गरीबी एवं मानव विकास पहल (OPHI) द्वारा संयुक्त रूप से जारी किया जाता है, जो स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर के तीन समान रूप से भारित आयामों (Dimensions) के अंतर्गत 10 संकेतकों का उपयोग करता है। 3. नीति आयोग (NITI Aayog) द्वारा जारी 'राष्ट्रीय बहुआयामी गरीबी सूचकांक: एक प्रगति संबंधी समीक्षा' रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रीय MPI में स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर के 10 संकेतकों के अतिरिक्त दो राष्ट्रीय संकेतकों - 'मातृ स्वास्थ्य' (Maternal Health) और 'बैंक खाता' (Bank Account) को भी शामिल किया गया है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग XV' के अंतर्गत 'निर्वाचन' (Elections - अनुच्छेद 324 से 329) तथा निर्वाचन आयोग के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 324 के अनुसार संसद, राज्य के विधानमंडलों, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के पदों के निर्वाचनों के अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण की जिम्मेदारी 'भारतीय निर्वाचन आयोग' (Election Commission of India) में निहित की गई है, जो एक स्थायी और स्वतंत्र संवैधानिक निकाय है। 2. निर्वाचन आयोग एक बहु-सदस्यीय निकाय हो सकता है, जिसकी व्यवस्था राष्ट्रपति द्वारा समय-समय पर निर्धारित की जाती है, और मूल संविधान में निर्वाचन आयोग को एक तीन-सदस्यीय निकाय के रूप में स्थापित किया गया था, जिसे बाद में 1989 तक एक-सदस्यीय कर दिया गया था। 3. मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है, और संविधान के अनुसार मुख्य निर्वाचन आयुक्त को उसके पद से उसी रीति और उन्हीं आधारों पर हटाया जा सकता है जिस रीति और जिन आधारों पर उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश को हटाया जाता है, जबकि अन्य निर्वाचन आयुक्तों को मुख्य निर्वाचन आयुक्त की सिफारिश के बिना राष्ट्रपति द्वारा नहीं हटाया जा सकता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग XX' के अंतर्गत 'संविधान का संशोधन' (Amendment of the Constitution - अनुच्छेद 368) की प्रक्रिया के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 368 के तहत संविधान में संशोधन करने की पहल संसद के किसी भी सदन में केवल एक मंत्री या एक निजी सदस्य द्वारा पुरःस्थापित (Introduce) किए जाने वाले विधेयक के माध्यम से की जा सकती है, जिसके लिए राष्ट्रपति की पूर्व अनुमति (Prior Permission) लेना अनिवार्य होता है। 2. कुछ विशिष्ट प्रावधानों, जैसे कि राष्ट्रपति के निर्वाचन की प्रक्रिया या राज्यों के प्रतिनिधित्व से संबंधित मामलों में संशोधन के लिए न केवल संसद के दोनों सदनों द्वारा विशेष बहुमत से पारित होना आवश्यक है, बल्कि कम से कम आधे राज्यों के विधानमंडलों द्वारा साधारण बहुमत से उसका अनुसमर्थन (Ratification) प्राप्त करना भी अनिवार्य है। 3. सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 'केशवानंद भारती वाद (1973)' में यह प्रतिपादित किया गया कि अनुच्छेद 368 के तहत संसद को संविधान के किसी भी हिस्से में संशोधन करने की असीमित शक्ति प्राप्त है, और संसद 'संविधान की मूल संरचना' (Basic Structure) में भी संशोधन कर सकती है बशर्ते वह न्यायिक समीक्षा के दायरे से बाहर हो। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग XIV' के अंतर्गत 'संघ और राज्यों के अधीन सेवाएँ' (Services Under the Union and the States - अनुच्छेद 308 से 323) तथा 'अखिल भारतीय सेवाएँ' (All-India Services) के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 312 के अनुसार राज्य सभा यदि उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के कम से कम दो-तिहाई बहुमत से कोई संकल्प पारित कर दे कि राष्ट्रीय हित में यह आवश्यक या समीचीन है, तो संसद विधि द्वारा अखिल भारतीय सेवाओं (जिनमें भारतीय प्रशासनिक सेवा, भारतीय पुलिस सेवा और भारतीय वन सेवा शामिल हैं) का सृजन कर सकती है। 2. भारतीय वन सेवा (Indian Forest Service - IFS) को मूल संविधान में एक अखिल भारतीय सेवा के रूप में शामिल किया गया था, जबकि 'भारतीय वन अधिनियम, 1927' के तहत इसे संवैधानिक दर्जा प्रदान किया गया था। 3. अखिल भारतीय सेवाओं के सदस्यों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है, किंतु वे केंद्र और राज्य दोनों सरकारों के अधीन कार्य करते हैं और उनका नियंत्रण तथा अनुशासनात्मक अधिकार पूरी तरह से संबंधित राज्य सरकार के पास होता है, जिसमें केंद्र सरकार का कोई हस्तक्षेप नहीं होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

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