नैतिक एवं चारित्रिक विकास
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प्राथमिक स्तर पर बाल विकास और शिक्षण अधिगम प्रक्रिया के संदर्भ में, लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) के 'नैतिक विकास के सिद्धांत' (Theory of Moral Development) की 'उत्तर-रूढ़िगत नैतिकता' (Post-Conventional Morality) के अंतर्गत आने वाले दोनों चरणों—'सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार' (Social Contract and Individual Rights) तथा 'सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत' (Universal Ethical Principles)—की सबसे सटीक और मनोवैज्ञानिक विशेषता निम्नलिखित में से कौन सी है?
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✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत का तीसरा और अंतिम स्तर 'उत्तर-रूढ़िगत नैतिकता' (Post-Conventional Morality) है। इस स्तर (लगभग 13 वर्ष से वयस्कता) पर व्यक्ति के नैतिक मूल्य बाहरी सामाजिक नियमों या परंपराओं से ऊपर उठकर अपने आंतरिक विवेक और सार्वभौमिक न्याय के सिद्धांतों पर आधारित हो जाते हैं। इसके दोनों चरणों में—पहला, सामाजिक अनुबंध (जहाँ व्यक्ति समझता है कि नियम लचीले होने चाहिए यदि वे मानवीय कल्याण के विरुद्ध हों) और दूसरा, सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत (जहाँ व्यक्ति अपने स्व-चयनित नैतिक सिद्धांतों के अनुसार कार्य करता है, चाहे इसके लिए उसे कानून के खिलाफ ही क्यों न जाना पड़े)। विकल्प (a) पूर्व-पारंपरिक स्तर, विकल्प (b) पारंपरिक स्तर के चौथे चरण (कानून और व्यवस्था), और विकल्प (d) पारंपरिक स्तर के तीसरे चरण (अच्छा लड़का/अच्छी लड़की अभिन्यास) से संबंधित है। अतः विकल्प (c) सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है।
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बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के अंतर्गत 'लॉरेंस कोहलबर्ग' (Lawrence Kohlberg)…
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लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत की आलोचना करते हुए कैरोल गिलिगन ने यह तर्क दिया कि कोहलबर्ग के मूल अध्ययन में केवल पुरुषों को शामिल किए जाने के कारण उनका सिद्धांत 'न्याय के दृष्टिकोण' (Justice Perspective) पर अत्यधिक बल देता है, जबकि महिलाओं का नैतिक विकास 'देखभाल और संबंधों के दृष्टिकोण' (Care and Perspective) पर आधारित होता है। इस वैचारिक भिन्नता और कोहलबर्ग के सिद्धांत के अंतिम स्तर (सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत अभिविन्यास) तथा गिलिगन के देखभाल के नैतिकता के चरणों के बीच के अंतर्संबंध का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
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कोहलबर्ग के अनुसार, सही और गलत के प्रश्न के बारे में निर्णय लेने में शामिल चिंतन प्रक्रिया को क्या कहा जाता है?
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'बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र' के अंतर्गत 'लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास का सिद्धांत' (Theory of Moral Development) के संदर्भ में, कोहलबर्ग द्वारा प्रतिपादित नैतिक विकास के तीन प्रमुख स्तरों के अंतर्गत आने वाली छह अवस्थाओं में से 'उत्तर-रूढ़िगत नैतिकता स्तर' (Post-Conventional Morality Level) के अंतर्गत आने वाली पाँचवीं और छठी अवस्था—अर्थात 'सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार' (Social Contract and Individual Rights) तथा 'सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत अभिविन्यास' (Universal Ethical Principle Orientation)—की तार्किक, मनोवैज्ञानिक एवं दार्शनिक विशेषताओं के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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'बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र' के अंतर्गत 'लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास का सिद्धांत' (Theory of Moral Development) के संदर्भ में, कोहलबर्ग द्वारा प्रतिपादित नैतिक विकास के तीन प्रमुख स्तरों और उनके अंतर्गत छह अवस्थाओं में से 'उत्तर-रूढ़िगत स्तर' (Post-Conventional Morality) के अंतर्गत आने वाली दोनों अवस्थाओं—अर्थात 'सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार' (Social Contract and Individual Rights) तथा 'सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत' (Universal Ethical Principles)—की दार्शनिक, मनोवैज्ञानिक एवं तार्किक विशेषताओं के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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