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MPTET
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के 'सामाजिक-सांस्कृतिक विकास सिद्धांत' (Socio-Cultural Theory of Development) के अंतर्गत प्रतिपादित 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) तथा 'मचान या पाटन' (Scaffolding) की अवधारणा—जिसके तहत शिक्षार्थी की वास्तविक विकास स्तर (Actual Developmental Level) और संभावित विकास स्तर (Potential Developmental Level) के बीच के अंतराल को किसी सक्षम वयस्क या सहकर्मी द्वारा दी जाने वाली अस्थायी, संरचित और संवेदनशील सहायता (Scaffolding) के माध्यम से पाटा जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के सहयोगात्मक समस्या-समाधान, संज्ञानात्मक विस्तार (Cognitive Extension), और स्वतंत्र स्वायत्तता के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक विकास सिद्धांत के अनुसार, 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (ZPD) उस अंतर को दर्शाता है जो किसी बच्चे द्वारा स्वतंत्र रूप से समस्या हल करने के स्तर और किसी वयस्क या अधिक ज्ञानी सहकर्मी (MKO) के मार्गदर्शन में समस्या हल करने के स्तर के बीच होता है। 'स्कैफोल्डिंग' (Scaffolding) उस अस्थायी समर्थन प्रणाली को कहते हैं जो सीखने की प्रक्रिया में बच्चे को दी जाती है और जैसे-जैसे उसकी दक्षता बढ़ती जाती है, उस सहायता को धीरे-धीरे कम कर दिया जाता है ताकि वह स्वतंत्र रूप से कार्य करने में सक्षम हो सके। विकल्प (C) इस मनोवैज्ञानिक प्रक्रिया और इसके कक्षा-कक्षीय निहितार्थों की सबसे सटीक और वैज्ञानिक व्याख्या करता है।
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, सिग्मंड फ्रायड (Sigmund Freud) के 'मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत' (Psychoanalytic Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'रक्षा तंत्र या अहम् रक्षा युक्तियाँ' (Defense Mechanisms)**—जिसे उस अचेतन मानसिक प्रक्रिया या मनोवैज्ञानिक युक्ति के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके माध्यम से 'अहम्' (Ego) 'इदम' (Id) की मूल प्रवृत्तियों और 'परअहम्' (Superego) के कठोर नैतिक दबावों या अत्यधिक चिंता (Anxiety), तनाव और संघर्ष से उत्पन्न होने वाली मानसिक पीड़ा से स्वयं की रक्षा करने के लिए वास्तविकता को अचेतन रूप से विकृत कर देता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक समायोजन और तनाव प्रबंधन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के 'सामाजिक-सांस्कृतिक विकास सिद्धांत' (Socio-Cultural Theory of Development) के अंतर्गत प्रतिपादित 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD), 'मचान/सहारा' (Scaffolding), और 'संज्ञानात्मक विकास में संस्कृति एवं भाषा की केंद्रीय भूमिका' के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की आंतरिक वाक् (Inner Speech), सामाजिक अंतःक्रिया और पायरॉजिकल टूल्स (Psychological Tools) के माध्यम से उच्च-स्तरीय मानसिक कार्यों के संवर्द्धन और स्व-नियमन (Self-Regulation) के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, एडवर्ड थॉर्नडाइक (Edward Thorndike) के 'संबंधवाद या प्रयास एवं त्रुटि सिद्धांत' (Trial and Error Theory of Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित 'तत्परता का नियम' (Law of Readiness) की अवधारणा—जिसके तहत जब कोई तंत्रिका पथ (Neural Pathway) कार्य करने के लिए पूरी तरह तैयार होता है और उसे ऐसा करने दिया जाता है, तो इससे संतोष (Satisfaction) प्राप्त होता है तथा अधिगम सुदृढ़ होता है, किंतु यदि तैयार होने पर उसे कार्य करने से रोका जाता है या बिना तैयार हुए जबरन कार्य कराया जाता है, तो झुंझलाहट या असंतोष उत्पन्न होता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की मानसिक तैयारी, अभिप्रेरणात्मक संरेखण (Motivational Alignment) और थकान प्रबंधन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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