त्वरित लिंक्स
MPTET
2 views
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, सिग्मंड फ्रायड (Sigmund Freud) के 'मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत' (Psychoanalytic Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'रक्षा तंत्र या अहम् रक्षा युक्तियाँ' (Defense Mechanisms)**—जिसे उस अचेतन मानसिक प्रक्रिया या मनोवैज्ञानिक युक्ति के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके माध्यम से 'अहम्' (Ego) 'इदम' (Id) की मूल प्रवृत्तियों और 'परअहम्' (Superego) के कठोर नैतिक दबावों या अत्यधिक चिंता (Anxiety), तनाव और संघर्ष से उत्पन्न होने वाली मानसिक पीड़ा से स्वयं की रक्षा करने के लिए वास्तविकता को अचेतन रूप से विकृत कर देता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक समायोजन और तनाव प्रबंधन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
सिग्मंड फ्रायड के मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत में 'रक्षा तंत्र' (Defense Mechanisms) वे अचेतन रणनीतियाँ हैं जिनका उपयोग 'अहम्' (Ego) चिंता और मानसिक तनाव से निपटने के लिए करता है। विकल्प (b) वैज्ञानिक रूप से पूर्णतः सत्य है क्योंकि ये युक्तियाँ क्षणिक राहत तो देती हैं, पर इनका अति-प्रयोग व्यक्ति को वास्तविकता से दूर कर सकता है। विकल्प (a) गलत है क्योंकि यह सचेत पाखंड नहीं बल्कि अचेतन प्रक्रिया है। विकल्प (c) गलत है क्योंकि ये स्थायी समाधान नहीं हैं। विकल्प (d) गलत है क्योंकि ये पूरी तरह जन्मजात नहीं बल्कि सीखी और अपनाई जाने वाली मनोवैज्ञानिक युक्तियाँ हैं जो पर्यावरण पर निर्भर करती हैं।
Related Questions
→
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के संदर्भ में, मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) के दृष्टिकोण से निम्नलिखित में से कौन सा कथन 'विशिष्ट बालकों' (Exceptional Children) की शिक्षा के लिए सबसे अधिक प्रासंगिक और मनोवैज्ञानिक रूप से सही है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, अल्बर्ट बंडूरा (Albert Bandura) के 'सामाजिक अधिगम सिद्धांत' (Social Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'स्व-प्रभावकारिता या सेल्फ-एफिकेसी' (Self-Efficacy)**—जिसे उस मनोवैज्ञानिक विश्वास के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत कोई व्यक्ति किसी विशिष्ट परिस्थिति में अपेक्षित प्रदर्शन करने, चुनौतियों का सामना करने और अपने निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने की अपनी स्वयं की क्षमता पर कितना विश्वास करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रेरणा, दृढ़ता और लक्ष्य-प्राप्ति के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जॉन डीवी (John Dewey) के 'प्रगतिशील शिक्षा एवं अनुभवात्मक अधिगम सिद्धांत' (Progressive Education and Experiential Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित 'करके सीखना' (Learning by Doing) और 'चिंतनशील चिंतन' (Reflective Thinking) की अवधारणा—जिसके तहत शिक्षा केवल भविष्य की तैयारी नहीं है बल्कि जीवन की एक प्रक्रिया है, और वास्तविक ज्ञान विद्यार्थियों द्वारा वास्तविक जीवन की समस्याओं का सामना करते हुए वैज्ञानिक पद्धति (Scientific Inquiry) के माध्यम से अपने अनुभवों का पुनर्निर्माण (Reconstruction of Experience) करने से प्राप्त होता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के प्रजातांत्रिक मूल्यों, आलोचनात्मक समस्या-समाधान (Critical Problem Solving) और स्वायत्त ज्ञानार्जन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, लॉरेंस कोहलवर्ग (Lawrence Kohlberg) के 'नैतिक विकास के सिद्धांत' (Theory of Moral Development) के अंतर्गत प्रतिपादित 'उत्तर-रूढ़िगत स्तर' (Post-Conventional Morality Level) के अंतिम चरण यानी 'सार्वभौमिक नैतिक अंतःकरण चरण' (Universal Ethical Principle Orientation) के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की आंतरिक नैतिक स्वायत्तता, न्याय के सिद्धांतों (Principles of Justice), और सामाजिक न्याय के प्रति प्रतिबद्धता के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जॉन डीवी (John Dewey) के 'प्रगतिशील शिक्षा और अनुभवात्मक अधिगम सिद्धांत' (Progressive Education and Experiential Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'करके सीखना या लर्निंग बाय डूइंग' (Learning by Doing)**—जिसे उस व्यावहारिक और सक्रिय शैक्षणिक दृष्टिकोण के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत शिक्षार्थी केवल निष्क्रिय श्रोता न बनकर वास्तविक जीवन की परिस्थितियों, प्रायोगिक गतिविधियों, हस्तपरक अनुभवों (Hands-on Experiences) और सामाजिक समस्याओं के समाधान के माध्यम से ज्ञान का सक्रिय निर्माण करते हैं—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के आलोचनात्मक चिंतन, समस्या समाधान और लोकतांत्रिक सामाजिक मूल्यों के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.