बाल-केंद्रित एवं सक्रिय शिक्षण
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जॉन डीवी (John Dewey) के 'प्रगतिशील शिक्षा' (Progressive Education) और 'करके सीखना' (Learning by Doing) के सिद्धांत के अंतर्गत प्रतिपादित 'चिंतनशील चिंतन' (Reflective Thinking) के पांच चरणों तथा कक्षा-कक्ष में 'समस्या समाधान' (Problem Solving) पद्धति के व्यावहारिक अनुप्रयोग के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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Detailed Explanation
जॉन डीवी (John Dewey) ने अपनी प्रसिद्ध पुस्तक 'How We Think' (1910) में 'चिंतनशील चिंतन' (Reflective Thinking) के पांच स्पष्ट चरण बताए हैं: (1) कठिनाई की अनुभूति (A felt difficulty), (2) कठिनाई का स्थान निर्धारण और उसका बौद्धिकीकरण (Location and definition of the difficulty), (3) संभावित समाधान या परिकल्पनाओं का सुझाव (Suggestions of possible solutions), (4) परिकल्पनाओं के तार्किक परिणामों का विकास (Development by reasoning of the bearings of the suggestion), और (5) परिकल्पना का प्रायोगिक परीक्षण व सत्यापन (Further observation and experiment leading to acceptance or rejection). प्रगतिशील शिक्षा और 'करके सीखना' (Learning by Doing) के सिद्धांत के तहत यह प्रक्रिया विद्यार्थियों को समस्या-समाधानक (Problem Solvers) बनाती है और उन्हें वास्तविक जीवन की चुनौतियों से निपटने के लिए सक्षम करती है। अतः विकल्प (b) सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है।
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डेविड औसुबेल (David Ausubel) के 'सार्थक मौखिक अधिगम सिद्धांत' (Meaningful Verbal Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'अग्रिम आयोजकों' (Advance Organizers), 'अवरोही और आनुक्रमिक अंतरण' (Progressive Differentiation and Integrative Reconciliation) की अवधारणाओं, तथा 'रटंत अधिगम' (Rote Learning) बनाम 'सार्थक अधिगम' के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में संज्ञानात्मक संरचनाओं के सुदृढ़ीकरण के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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जॉन डीवी (John Dewey) के 'प्रगतिशील शिक्षा' (Progressive Education) और 'करके सीखना' (Learning by Doing) के सिद्धांत के अंतर्गत प्रतिपादित 'चिंतनशील चिंतन प्रक्रिया' (Reflective Thinking Process) के पाँच चरणों तथा 'अनुभवात्मक शिक्षा' (Experiential Education) के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में लोकतांत्रिक मूल्यों, सामाजिक सहभागिता और विद्यार्थियों के 'समस्या-समाधान' (Problem-Solving) कौशल के वैज्ञानिक विकास के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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निम्नलिखित में से कौन-सा आनंदपूर्ण गणित का अनुभव करने की कुंजी नहीं है?
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