बाल-केंद्रित एवं सक्रिय शिक्षण
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'बाल केंद्रित एवं प्रगतिशील शिक्षा (Child-Centred and Progressive Education)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जॉन डीवी (John Dewey) द्वारा प्रतिपादित 'करके सीखना' (Learning by Doing) और 'प्रगतिशील शिक्षा' के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डोसोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (DLPFC), 'मोटर कॉर्टेक्स' (Motor Cortex), और 'लिम्बिक सिस्टम' (Limbic System) के बीच अनुभवात्मक अधिगम (Experiential Learning), कार्यशील स्मृति एकीकरण, और संवेगात्मक संलग्नता की सक्रियण गतिकी, तथा जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'सक्रिय ज्ञान निर्माण' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-प्रोग्रेसिव ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Progressive Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में व्यावहारिक समस्या-समाधान, आलोचनात्मक चिंतन व समग्र लोकतांत्रिक मूल्यों के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
इस प्रश्न का सही उत्तर विकल्प (b) है। जॉन डीवी की प्रगतिशील शिक्षा और 'करके सीखना' का सिद्धांत केवल एक शिक्षण पद्धति नहीं है, बल्कि इसका गहरा न्यूरो-बायोलॉजिकल आधार है। जब विद्यार्थी व्यावहारिक गतिविधियों में भाग लेते हैं, तो मस्तिष्क का 'मोटर कॉर्टेक्स' शारीरिक क्रियाओं को नियंत्रित करता है, 'डोसोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स (DLPFC)' कार्यकारी कार्यों और निर्णय लेने की प्रक्रिया को संचालित करता है, तथा 'लिम्बिक सिस्टम' संवेगात्मक जुड़ाव और प्रेरणा को बनाए रखता है। यह न्यूरो-संज्ञानात्मक तालमेल विद्यार्थियों में सक्रिय ज्ञान निर्माण और तार्किक कौशल के विकास के लिए 'न्यूरो-प्रोग्रेसिव ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' का आधार बनता है।
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जॉन डीवी (John Dewey) के 'प्रगतिशील शिक्षा' (Progressive Education) और 'करके…
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'जॉन डीवी (John Dewey) के अनुभवात्मक अधिगम और प्रगतिशील…
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