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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, पियाजे द्वारा प्रतिपादित 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage: तार्किक चिंतन, संरक्षण और वर्गीकरण क्षमता) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'पैरिएटल लोब के सुपीरियर और इंफीरियर लोब्यूल्स' (Parietal Lobules - स्थानिक-तात्विक और संरक्षण संबंधी तार्किक प्रसंस्करण), 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स के वेंट्रोलेटरल भाग' (Ventrolateral Prefrontal Cortex - संज्ञानात्मक लचीलापन और वर्गीकरण नियमन), तथा 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus - ठोस अनुभवों और श्रेणियों का व्यवस्थित भंडारण) के बीच सिनाप्टिक छंटाई (Synaptic Pruning) के मध्यवर्ती चरण, कॉर्टिकल थिकनेस के संतुलन, और डिस्ट्रीब्यूटेड सेंसरी-मोटर नेटवर्क्स के एकीकरण की सक्रियण गतिकी, तथा बारबरा इनेल्डर के 'वर्गीकरण और श्रेणीबद्धता' (Classification & Seriation) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-कंक्रीट ऑपरेशनल ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Concrete Operational Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में तार्किक संरक्षण, अनुक्रमिक कौशल (Seriation) व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास सिद्धांत की 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (लगभग 7 से 11 वर्ष) में बच्चों में तार्किक चिंतन, संरक्षण (Conservation), विकेंद्रीकरण (Decentration) और वर्गीकरण (Classification) की क्षमता का विकास होता है। न्यूरो-संज्ञानात्मक दृष्टिकोण से, यह अवस्था मस्तिष्क के पैरिएटल लोब (स्थानिक और भौतिक गुणों का प्रसंस्करण), वेंट्रोलेटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स (संज्ञानात्मक लचीलापन और नियम पालन) तथा हिप्पोकैम्पस के बीच बेहतर तंत्रिका एकीकरण (Neural Integration) और सिनेप्टिक परिपक्वता से जुड़ी होती है। आधुनिक समावेशी कक्षाओं में 'न्यूरो-कंक्रीट ऑपरेशनल ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' के तहत मूर्त सामग्रियों और हाथों से किए जाने वाले प्रयोगों (Hands-on activities) के माध्यम से विद्यार्थियों की तार्किक और संज्ञानात्मक दक्षताओं का प्रभावी संवर्धन किया जाता है। अतः विकल्प (A) सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है।
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बाल विकास और समाजीकरण की प्रक्रिया' के संदर्भ में, रूसी मनोवैज्ञानिक लेव वाइगोत्สก्य (Lev Vygotsky) के 'सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत' (Socio-Cultural Theory) के अंतर्गत, 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) की अवधारणा में 'स्केफोल्डिंग' (Scaffolding) प्रदान करते समय अनुभवी वयस्क या सहकर्मी द्वारा दी जाने वाली सहायता को वापस लेने की क्रमिक प्रक्रिया को वाइगोत्स्की के सिद्धांत और बाद के संज्ञानात्मक मनोवैज्ञानिकों के अनुसार किस विशेष शब्दावली से परिभाषित किया जाता है?
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उत्तर प्रदेश की 'लोक कला, संस्कृति और मेलों' के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर और सोनभद्र क्षेत्रों में प्रसिद्ध 'कजरी' लोकगीत मुख्य रूप से वर्षा ऋतु (सावन के महीने) में गाया जाता है, जो प्रकृति के सौंदर्य और राधा-कृष्ण के प्रेम प्रसंगों से जुड़ा हुआ है।
2. उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में लगने वाला 'देवा शरीफ का मेला' प्रसिद्ध सूफी संत हाजी वारिस अली शाह की याद में आयोजित किया जाता है, जो हिन्दू-मुस्लिम एकता और साप्रदायिक सौहार्द का एक अनूठा प्रतीक है।
3. उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में किया जाने वाला 'राई नृत्य' महिलाओं द्वारा केवल विवाह उत्सव के अवसर पर मयूर की भांति पंख पहनकर किया जाने वाला एक शास्त्रीय नृत्य है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage) के दौरान बालक में 'विकेंद्रीकरण' (Decentration) और 'आरक्षण/पलटावी गुण' (Reversibility) का विकास हो जाता है, जिससे वह किसी वस्तु या समस्या को केवल एक आयाम से देखने के बजाय उसके कई पहलुओं पर एक साथ विचार कर सकता है।
2. पियाजे के अनुसार 'स्किमा' (Schema) ज्ञान के संगठित पैटर्न या मानसिक संरचनाएँ होती हैं, जिनमें नए अनुभवों को शामिल करने की प्रक्रिया को 'समावेशन' (Assimilation) कहा जाता है, जबकि मौजूदा स्कीमा में बदलाव करके नए अनुभव के अनुकूल ढलने की प्रक्रिया को 'समायोजन' (Accommodation) कहा जाता है।
3. पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के चरणों का क्रम संवेदी-गामक अवस्था से शुरू होकर औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था पर समाप्त होता है, और इन चरणों की विकासात्मक अनुक्रमिकता (Developmental Sequence) सार्वभौमिक होती है, जिसे बदला या टाला नहीं जा सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बुद्धि के सिद्धांत' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, हावर्ड गार्डनर (Howard Gardner) द्वारा प्रतिपादित 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences: भाषाई, तार्किक-गणितीय, स्थानिक, संगीतात्मक, शारीरिक-गतिक, अंतर्व्यक्तिगत, अंतराव्यक्तिगत और प्रकृतिवादी) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डोसोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (DLPFC), 'टेम्पोरल लोब' (Temporal Lobe), 'सेरिबैलम' (Cerebellum) और 'पैरिएटल लोब' (Parietal Lobes) के बीच विशिष्ट डोमेन प्रसंस्करण, समानांतर न्यूरल नेटवर्क सक्रियण, और संज्ञानात्मक मॉड्यूलरिटी (Modular Theory of Mind) की सक्रियण गतिकी, तथा रॉबर्ट स्टर्नबर्ग (Robert Sternberg) के 'बुद्धि के त्र-तंत्रीय सिद्धांत' (Triarchic Theory: विश्लेषणात्मक, रचनात्मक और व्यावहारिक बुद्धि) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, डिफरेंशियल-कॉग्निटिव पेडागोजी (Differential-Cognitive Pedagogy) और विद्यार्थियों में बहुआयामी क्षमताओं, समस्या-समाधान कौशल व समग्र संज्ञानात्मक लचीलेपन के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'सृजनात्मकता और divergent thinking' के संदर्भ में, जोए गिलफोर्ड (Joy Paul Guilford) द्वारा प्रतिपादित 'बुद्धि की संरचना मॉडल' (Structure of Intellect Model) के अंतर्गत वर्णित 'अभिसारी चिंतन' (Convergent Thinking) और 'अपसारी चिंतन' (Divergent Thinking) के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप, तथा एलेक्स ओसबर्न (Alex Osborn) द्वारा प्रतिपादित 'बुद्धिशीलता' (Brainstorming) तकनीक के अंतर्गत स्वतंत्रता, मात्रा से गुणवत्ता और निलंबन निर्णय (Suspension of Judgment) के वैज्ञानिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, समस्या-समाधान (Problem Solving) और विद्यार्थियों में मौलिकता (Originality) व लचीलेपन (Flexibility) के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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