त्वरित लिंक्स
UPTET
5 views
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage) के दौरान बालक में 'विकेंद्रीकरण' (Decentration) और 'आरक्षण/पलटावी गुण' (Reversibility) का विकास हो जाता है, जिससे वह किसी वस्तु या समस्या को केवल एक आयाम से देखने के बजाय उसके कई पहलुओं पर एक साथ विचार कर सकता है।
- 2. पियाजे के अनुसार 'स्किमा' (Schema) ज्ञान के संगठित पैटर्न या मानसिक संरचनाएँ होती हैं, जिनमें नए अनुभवों को शामिल करने की प्रक्रिया को 'समावेशन' (Assimilation) कहा जाता है, जबकि मौजूदा स्कीमा में बदलाव करके नए अनुभव के अनुकूल ढलने की प्रक्रिया को 'समायोजन' (Accommodation) कहा जाता है।
- 3. पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के चरणों का क्रम संवेदी-गामक अवस्था से शुरू होकर औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था पर समाप्त होता है, और इन चरणों की विकासात्मक अनुक्रमिकता (Developmental Sequence) सार्वभौमिक होती है, जिसे बदला या टाला नहीं जा सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए तीनों कथन जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के संबंध में पूरी तरह से सत्य हैं। 1. मूर्त संक्रियात्मक अवस्था (7 से 11 वर्ष) में बच्चे विकेंद्रीकरण (Decentration) और पलटाव (Reversibility) की क्षमता हासिल कर लेते हैं। 2. स्कीमा, समावेशन (Assimilation) और समायोजन (Accommodation) संज्ञानात्मक अनुकूलन (Adaptation) की मूल अवधारणाएँ हैं जो बिल्कुल सही परिभाषित की गई हैं। 3. पियाजे के चरणों का अनुक्रम (Sensory-motor, Preoperational, Concrete operational, Formal operational) सार्वभौमिक और अपरिवर्तनीय होता है।
Related Questions
→
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बुद्धि के द्विकारक सिद्धांत' (Two-Factor Theory of Intelligence) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, चार्ल्स स्पीयरमैन (Charles Spearman) द्वारा प्रतिपादित 'सामान्य कारक (G-Factor) और विशिष्ट कारक (S-Factor)' के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'विस्तृत डिस्ट्रीब्यूटेड फ्रंटो-पैरिएटल नेटवर्क्स' (Distributed Fronto-Parietal Networks - G-factor के अंतर्गत सामान्य संज्ञानात्मक प्रसंस्करण, अमूर्तता और कार्यशील स्मृति), तथा 'विशिष्ट कॉर्टिकल और सबकोर्टिकल सेंसरी-मोटर क्षेत्रों' (Specific Cortical & Subcortical Sensory-Motor Areas - S-factor के अंतर्गत संगीत, गणित या कला जैसे विशिष्ट डोमेन-आधारित कौशल) के बीच न्यूरोनल कनेक्टिविटी, सिनेप्टिक प्लास्टिसिटी, और कॉर्टिकल थिकनेस की सक्रियण गतिकी, तथा हॉवर्ड गार्डनर के 'बहुबुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-स्पीयरमैन ऑप्टिमाइज्ड डिफरेंशियल पेडागोजी' (Neuro-Spearman Optimized Differential Pedagogy) और विद्यार्थियों में सामान्य बौद्धिक दक्षता, विशिष्ट कौशलों के विकास व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
प्राथमिक स्तर पर बाल विकास और शिक्षण अधिगम प्रक्रिया के संदर्भ में, जीन पियाजे (Jean Piaget) के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत की 'पूर्व संक्रियात्मक अवस्था' (Preoperational Stage: लगभग 2 से 7 वर्ष) की प्रमुख विशेषताओं और सीमाओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इस अवस्था में बालकों में 'संरक्षण' (Conservation) का पूर्ण मानसिक कौशल विकसित हो जाता है, जिसके कारण वे यह भली-भांति समझ लेते हैं कि किसी वस्तु के आकार या बर्तन बदलने पर भी उसकी मात्रा, आयतन या द्रव्यमान अपरिवर्तित रहता है।
2. इस आयु वर्ग के बच्चों की सोच में 'अहमकेंद्रिता' (Egocentrism) की प्रवृत्ति पाई जाती है, जिसके तहत वे यह मान लेते हैं कि अन्य व्यक्ति भी दुनिया को उसी दृष्टिकोण से देखते हैं जैसा कि वे स्वयं देख रहे हैं।
3. इस चरण की एक अन्य मुख्य सीमा 'केंद्रीकरण' (Centration) है, जिसमें बालक किसी वस्तु या परिस्थिति के केवल एक ही आयाम (जैसे केवल लंबाई या केवल चौड़ाई) पर ध्यान केंद्रित कर पाता है और उसके एकाधिक पहलुओं को एक साथ मानसिक रूप से समेकित नहीं कर पाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
→
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम विकलांगता' (Learning Disabilities) के संदर्भ में, 'डिस्केलेकुलिया' (Dyscalculia) से ग्रसित शिक्षार्थियों की पहचान करने के लिए सबसे अधिक विशिष्ट और प्रामाणिक नैदानिक परीक्षणों (Clinical Tests) में से एक 'न्यूरोसाइकोलॉजिकल बैटरी' के अंतर्गत, मस्तिष्क के किस विशिष्ट भाग या तंत्रिका संबंधी पथ (Neural Pathway) की कार्यप्रणाली में मुख्य रूप से व्यवधान देखा जाता है?
→
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'विकास के आयाम और अवस्थाएं' के संदर्भ में, मनोवैज्ञानिक एरिक एरिक्सन (Erik Erikson) द्वारा प्रतिपादित 'मनोसामाजिक विकास सिद्धांत' (Psychosocial Development Theory) के आठ चरणों में से पाँचवें चरण यानी 'पहचान बनाम भूमिका भ्रम' (Identity vs. Role Confusion) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा वैज्ञानिक कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
भारतीय संविधान की सातवीं अनुसूची के अंतर्गत राज्य सूची (List II) में निम्नलिखित में से कौन सा विषय शामिल है, जो उत्तर प्रदेश राज्य के प्रशासनिक और स्थानीय स्वशासन के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.