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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'विकास के आयाम और अवस्थाएं (Dimensions and Stages of Child Development)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जीन पियाजे और एरिक एरिक्सन (Erik Erikson) के मनो-सामाजिक विकास सिद्धांत के समन्वय के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'पैरिएटल लोब' (Parietal Lobe), 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex), और 'लिम्बिक सिस्टम' (Limbic System) के बीच शारीरिक, संज्ञानात्मक और संवेगात्मक-सामाजिक विकास के समेकन की गतिकी, तथा बाल्यावस्था से किशोरावस्था तक 'न्यूरो-डेवलपमेंटल ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Developmental Optimized Pedagogy) के आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण में विद्यार्थियों की तादात्म्य पहचान (Identity Formation), आत्म-नियमन (Self-Regulation) और समग्र व्यक्तित्व के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?

Detailed Explanation

विकल्प (b) सर्वाधिक सत्य है क्योंकि बाल विकास के आयामों (संज्ञानात्मक, सामाजिक, संवेगात्मक) और एरिक्सन-पियाजे के सिद्धांतों का न्यूरो-संज्ञानात्मक विश्लेषण यह दर्शाता है कि मस्तिष्क के प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स (कार्यकारी कार्य और निर्णय) और लिम्बिक सिस्टम (संवेग नियंत्रण) के बीच का तालमेल बच्चों के समग्र विकास और आत्म-नियमन को निर्धारित करता है। यह दृष्टिकोण आधुनिक समावेशी कक्षाओं में छात्रों की व्यक्तिगत आवश्यकताओं के अनुसार शिक्षण रणनीतियों (Optimum Pedagogy) को डिज़ाइन करने में अत्यंत उपयोगी है।
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प्राचीन भारतीय शिक्षा प्रणाली और वैदिक कालीन शिक्षा के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. वैदिक काल में उच्च शिक्षा पूरी करने वाले छात्रों को उनकी अध्ययन अवधि के आधार पर तीन श्रेणियों - 'विद्यार्थी', 'स्नातक' और 'वसु' में विभाजित किया जाता था, तथा इस काल में महिलाओं को उपनयन संस्कार का अधिकार था और उन्हें 'ब्रह्मवादिनी' या 'सद्योवधू' के रूप में उच्च शिक्षा प्राप्त करने की स्वतंत्रता थी। 2. गुरुकुल में शिक्षा की समाप्ति पर छात्र के घर लौटने से पूर्व 'समावर्तन संस्कार' का आयोजन किया जाता था, जिसके संपन्न होने के बाद छात्र को 'स्नातक' कहा जाता था और वह समाज में प्रवेश करने के लिए योग्य माना जाता था। 3. वैदिक कालीन शिक्षा प्रणाली का मुख्य उद्देश्य केवल भौतिक संपदा और व्यावसायिक कौशल अर्जित करना था, और इसमें नैतिक तथा आध्यात्मिक विकास को कोई विशेष स्थान नहीं दिया जाता था। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम स्थानांतरण' (Transfer of Learning) के संदर्भ में, मनोवैज्ञानिक ई. एल. थॉर्नडाइक (E. L. Thorndike) द्वारा प्रतिपादित 'समान तत्वों का सिद्धांत' (Theory of Identical Elements) के अनुसार, यदि किसी एक परिस्थिति में सीखा गया ज्ञान या कौशल दूसरी परिस्थिति में सीखने में पूरी तरह से बाधक बनता है और नकारात्मक प्रभाव डालता है, तो थॉर्नडाइक के इस सिद्धांत और आधुनिक संज्ञानात्मक परिप्रेक्ष्य के तहत इस प्रक्रिया की सबसे सटीक वैज्ञानिक व्याख्या निम्नलिखित में से कौन सी होगी? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'समावेशी शिक्षा और विशिष्ट बालकों की आवश्यकता (Inclusive Education and Special Needs)' के संदर्भ में, निकोलस हॉब्स (Nicholas Hobbs) द्वारा प्रतिपादित 'पारिस्थितिकीय मॉडल (Ecological Model of Special Education)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'सामाजिक मस्तिष्क नेटवर्क' (Social Brain Network—जिसमें 'सुपीरियर टेम्पोरल सल्काई' (STS), 'फ्यूसीफॉर्म फेस एरिया' और 'टेम्पोरोपैराइटल जंक्शन' शामिल हैं) के बीच सामाजिक-संज्ञानात्मक प्रसंस्कृतियों, साथियों के साथ अंतःक्रियाओं और मनोवैज्ञानिक-सामाजिक एकीकरण की सक्रियण गतिकी, तथा उ्री ब्रोंफेनब्रेनर (Urie Bronfenbrenner) द्वारा प्रतिपादित 'पारिस्थितिकीय प्रणालियों के सिद्धांत' (Ecological Systems Theory) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, सार्वभौमिक डिजाइन फॉर लर्निंग (UDL) और विद्यार्थियों में सामाजिक-भावनिक लचीलेपन व तदनुभूतिपूर्ण व्यवहार के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम की शैलियाँ (Learning Styles) और कॉग्निटिव न्यूरोसांस' के संदर्भ में, डेविड कोल्ब (David Kolb) द्वारा प्रतिपादित 'प्रयोगात्मक अधिगम चक्र' (Experiential Learning Cycle) के चार चरणों—'कंक्रीट एक्सपीरियंस' (Concrete Experience), 'रिफ्लेक्टिव ऑब्जर्वेशन' (Reflective Observation), 'एब्स्ट्रैक्ट कांसेप्चुलाइजेशन' (Abstract Conceptualization), और 'एक्टिव एक्सपेरिमेंटेशन' (Active Experimentation)—के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'संवेदी कॉर्टेक्स' (Sensory Cortex), 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus), 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex), और 'मोटर कॉर्टेक्स' के बीच संवेदी सूचना एकीकरण, वैचारिक संश्लेषण और मोटर निष्पादन की सक्रियण गतिकी, तथा पीटर हनी (Peter Honey) और एलन मुमफोर्ड (Alan Mumford) के 'अधिगम शैली वर्गीकरण' (Activist, Reflector, Theorist, Pragmatist) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, विभेदित अनुदेशन (Differentiated Instruction) और विद्यार्थियों में संज्ञानात्मक लचीलेपन व स्वायत्त अधिगम के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? उत्तर प्रदेश के लोक नृत्यों (Folk Dances) और उनकी सांस्कृतिक विशिष्टताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'ख्याल नृत्य' उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में पुत्र जन्मोत्सव के अवसर पर किया जाने वाला एक प्रमुख लोक नृत्य है, जिसमें रंग-बिरंगे कागजों और बाँसों से मंदिरनुमा प्रतिकृतियाँ बनाकर सिर पर रखकर नृत्य किया जाता है। 2. 'धुरिया नृत्य' बुंदेलखंड क्षेत्र के कुम्हार समुदाय द्वारा विभिन्न उत्सवों और मेलों के अवसर पर स्त्री वेश धारण करके किया जाने वाला एक अत्यंत लोकप्रिय और ऊर्जावान लोक नृत्य है। 3. 'राई नृत्य' मुख्य रूप से मिर्जापुर और सोनभद्र जिलों की पहाड़ियों में कटाई के मौसम के दौरान महिलाओं द्वारा मयूर पंख पहनकर किया जाने वाला एक प्रमुख अनुष्ठानिक नृत्य है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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