BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

UPTET
7 views

उत्तर प्रदेश के लोक नृत्यों (Folk Dances) और उनकी सांस्कृतिक विशिष्टताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. 'ख्याल नृत्य' उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में पुत्र जन्मोत्सव के अवसर पर किया जाने वाला एक प्रमुख लोक नृत्य है, जिसमें रंग-बिरंगे कागजों और बाँसों से मंदिरनुमा प्रतिकृतियाँ बनाकर सिर पर रखकर नृत्य किया जाता है।
  2. 2. 'धुरिया नृत्य' बुंदेलखंड क्षेत्र के कुम्हार समुदाय द्वारा विभिन्न उत्सवों और मेलों के अवसर पर स्त्री वेश धारण करके किया जाने वाला एक अत्यंत लोकप्रिय और ऊर्जावान लोक नृत्य है।
  3. 3. 'राई नृत्य' मुख्य रूप से मिर्जापुर और सोनभद्र जिलों की पहाड़ियों में कटाई के मौसम के दौरान महिलाओं द्वारा मयूर पंख पहनकर किया जाने वाला एक प्रमुख अनुष्ठानिक नृत्य है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है: 'ख्याल नृत्य' बुंदेलखंड क्षेत्र में पुत्र के जन्म के अवसर पर किया जाता है, जिसमें नर्तक सिर पर मंदिरनुमा सुंदर आकृतियाँ रखकर नृत्य करते हैं। कथन 2 सही है: 'धुरिया नृत्य' बुंदेलखंड के प्रजापति (कुम्हार) समुदाय द्वारा विशेष अवसरों पर स्त्री रूप धारण करके किया जाने वाला ऊर्जावान नृत्य है। कथन 3 गलत है: 'राई नृत्य' भी बुंदेलखंड क्षेत्र का ही मयूर नृत्य के समान एक प्रमुख नृत्य है जिसे महिलाएँ या पुरुष स्त्री वेश में करते हैं, जबकि मिर्जापुर और सोनभद्र का प्रमुख लोक नृत्य 'ढारकलारी' या 'कहरवा' व 'कर्मा' है।
Share:

Related Questions

उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र' के अंतर्गत 'जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास का सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के संदर्भ में, पियाजे द्वारा प्रतिपादित संज्ञानात्मक विकास की अंतिम अवस्था—अर्थात 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage: 11 वर्ष से वयस्कता तक)—की प्रमुख तार्किक, मनोवैज्ञानिक एवं वैज्ञानिक विशेषताओं (जैसे अमूर्त चिंतन, परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क, और वैज्ञानिक सोच) के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम की अक्षमता और विशिष्ट आवश्यकता वाले बालक' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, 'डिसलेक्सिया' (Dyslexia) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'वा, वर्निके क्षेत्र' (Wernicke's Area), 'ब्रोका क्षेत्र' (Broca's Area), और 'ऑक्सीपिटो-टेम्पोरल गायरस' (Occipito-Temporal Gyrus) जिसे 'विजुअल वर्ड फॉर्म एरिया' (VWFA) भी कहते हैं, के बीच ध्वन्यात्मक प्रसंस्करण (Phonological Processing) विफलता, अक्षरों से ध्वनियों के मिलान का क्षरण, और दृष्टि-श्रवण समन्वय की सक्रियण गतिकी, तथा सैमुअल किर्क (Samuel Kirk) और स्टैनिस्लास डीहेने के 'लिखित भाषा प्रसंस्करण मॉडल' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-डिसलेक्सिया ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Dyslexia Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में बहुसंवेदी ऑर्टन-गेलिंगहम (Orton-Gillingham) पद्धति, ध्वन्यात्मक जागरूकता (Phonological Awareness) अभ्यासों व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? बाल विकास के 'मनोसामाजिक विकास सिद्धांत' (Psychosocial Development Theory) के प्रप्रणेता एरिक एरिक्सन (Erik Erikson) के अनुसार, किशोरावस्था (Adolescence) की अवधि में मुख्य संघर्ष (Crisis) निम्नलिखित में से कौन सा होता है, जो व्यक्ति की पहचान के निर्माण में निर्णायक भूमिका निभाता है? पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण अधिगम में 'पारिस्थितिकीय पिरामिड' (Ecological Pyramids) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संख्या का पिरामिड (Pyramid of Numbers) अधिकांश जलीय पारिस्थितिकी तंत्र में उलटा (Inverted) होता है, क्योंकि यहाँ प्राथमिक उत्पादकों (पादपप्लवक) की संख्या उपभोक्ताओं (मछलियों) की तुलना में बहुत कम होती है। 2. ऊर्जा का पिरामिड (Pyramid of Energy) सदैव सीधा (Upright) बनता है, क्योंकि ऊर्जा का प्रवाह एकपोषीय स्तर से दूसरे पोषक स्तर पर जाने पर हमेशा घटता जाता है और लिंडमैन के 'दस प्रतिशत नियम' (10% Law) के अनुसार ऊर्जा का ह्रास होता है। 3. जैवभार का पिरामिड (Pyramid of Biomass) तालाब या जलीय पारिस्थितिकी तंत्र में हमेशा सीधा होता है, क्योंकि जलीय जीवों का कुल शुष्क भार ऊपर के trophic levels की ओर बढ़ते हुए लगातार बढ़ता जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम अक्षमता' (Learning Disabilities) के विशिष्ट प्रकार 'डिस्ग्राफिया' (Dysgraphia - लेखन और मोटर-ग्राफिक प्रसंस्करण अक्षमता) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, मस्तिष्क के 'बाएँ सुपीरियर पैरिएटल लोब' (Left Superior Parietal Lobe - स्थानिक समन्वय), 'प्रेमोटर कॉर्टेक्स' (Premotor Cortex - मोटर योजना और हस्तलेखन निष्पादन), और 'सेरेबेलम' (Cerebellum - ठीक मोटर नियंत्रण और लयबद्ध गति) के बीच ऑर्थोग्राफिक-मोटर एकीकरण (Orthographic-Motor Integration), दृश्य-लेखन रूप मैपिंग (Visual-Graphic Mapping), और कार्यशील स्मृति एकीकरण की सक्रियण विफलता तथा दोषपूर्ण तंत्रिका नेटवर्क (Neural Disconnectivity) की गतिकी, तथा ऐतिहासिक न्यूरोलॉजिकल प्रत्ययों और आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-डिस्ग्राफिया ऑप्टिमाइज्ड रेमेडियल पेडागोजी' (Neuro-Dysgraphia Optimized Remedial Pedagogy) और विद्यार्थियों में बहुसंवेदी लेखन रणनीतियों (Multisensory Kinetic Interventions), ठीक मोटर कौशल प्रशिक्षण व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.