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लोकसभा की संरचना संविधान के किस अनुच्छेद में दी गई है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
अनुच्छेद 81 लोकसभा की संरचना से संबंधित है।
Related Questions
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भारतीय अर्थव्यवस्था एवं सतत विकास के संदर्भ में, 'राष्ट्रीय हरित अधिकरण' (National Green Tribunal - NGT) और पर्यावरण संरक्षण से संबंधित सांविधिक प्रावधानों के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) की स्थापना राष्ट्रीय हरित अधिकरण अधिनियम, 2010 के अंतर्गत की गई थी, और यह देश का ऐसा पहला न्यायिक निकाय है जिसने अपने कामकाज के लिए भारत के संविधान की सातवीं अनुसूची की समवर्ती सूची के अंतर्गत पर्यावरण से जुड़े मामलों को हल करने के लिए अनिवार्य रूप से 'सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908' के कड़े प्रावधानों और सिद्धांतों का पालन करना वैधानिक रूप से अनिवार्य बनाया है।
2. NGT पर्यावरण से जुड़े किसी भी मामले में सिविल न्यायालयों की अधिकारिता को पूर्णतः बहिष्कृत करता है, तथा इस अधिकरण द्वारा दिए गए आदेश या निर्णय के विरुद्ध सीधे सर्वोच्च न्यायालय में न जाकर केवल संबंधित राज्य के उच्च न्यायालय में अपील दायर की जा सकती है, जिसके लिए अधिनियम के तहत 90 दिनों की समयावधि निर्धारित की गई है।
3. NGT को पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 की धारा 5 के तहत पर्यावरण प्रदूषण के निवारण और नियंत्रण से जुड़े आदेश पारित करने की शक्ति प्राप्त है, किंतु यह अधिकरण किसी भी उद्योग या इकाई के विरुद्ध स्वतः संज्ञान (Suo Motu) लेते हुए पर्यावरण क्षतिपूर्ति (Environmental Compensation) या हर्जाने का आदेश जारी करने की शक्ति नहीं रखता है, जब तक कि कोई औपचारिक याचिका दायर न की जाए।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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विश्व की सबसे लंबी नदी 'नील' किस झील से निकलती है?
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भारतीय इतिहास और राष्ट्रीय आंदोलन के संदर्भ में, वर्ष 1928 में गठित 'नेहरू रिपोर्ट' (Nehru Report) और उससे संबंधित प्रावधानों के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. नेहरू रिपोर्ट को तैयार करने वाली समिति के अध्यक्ष मोतीलाल नेहरू थे, जबकि इस समिति के सचिव जवाहरलाल नेहरू थे, और इस रिपोर्ट ने ब्रिटिश भारत के लिए एक नए डोमिनियन स्टेटस (Dominion Status) के संविधान का मसौदा तैयार किया था।
2. इस रिपोर्ट में पहली बार भारत के भावी संविधान के लिए 'मौलिक अधिकारों' (Fundamental Rights) की रूपरेखा प्रस्तुत की गई थी, जिसमें वयस्क मताधिकार (Universal Adult Suffrage) और पुरुषों तथा महिलाओं दोनों को समान नागरिक अधिकार प्रदान करने की बात कही गई थी।
3. सांप्रदायिक प्रतिनिधित्व के मुद्दे पर नेहरू रिपोर्ट ने मुसलमानों के लिए पृथक् निर्वाचक मंडल (Separate Electorate) की मांग को स्वीकार कर लिया था, क्योंकि यह जिन्ना के चौदह सूตรี प्रस्तावों की मुख्य शर्तों के पूरी तरह अनुकूल था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग IV' के अंतर्गत 'राज्य के नीति निर्देशक तत्व' (Directive Principles of State Policy - DPSP - अनुच्छेद 36 से 51) तथा उनसे संबंधित विभिन्न संशोधनों और न्यायिक निर्णयों के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 39A के अंतर्गत 'समान न्याय और निःशुल्क विधिक सहायता' (Equal Justice and Free Legal Aid) का प्रावधान मूल संविधान में नहीं था, बल्कि इसे 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा जोड़ा गया था, और इसके क्रियान्वयन के लिए संसद ने 'विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987' (Legal Services Authorities Act, 1987) अधिनियमित किया था।
2. अनुच्छेद 48A, जो पर्यावरण का संरक्षण तथा संवोधन और वन तथा वन्य जीवों की रक्षा से संबंधित है, को भी 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा ही नीति निर्देशक तत्वों में शामिल किया गया था, जबकि इसी संशोधन के माध्यम से शिक्षा को राज्य सूची से समवर्ती सूची में स्थानांतरित किया गया था।
3. 44वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1978 द्वारा अनुच्छेद 38 में एक नया खंड (2) जोड़ा गया, जिसके तहत राज्य को विशिष्ट रूप से यह निर्देश दिया गया कि वह आय, प्रतिष्ठा, सुविधाओं और अवसरों की असमानताओं को कम से कम करने का प्रयास करे।
4. सर्वोच्च न्यायालय ने 'मिनर्वा मिल्स वाद (1980)' में यह स्पष्ट किया कि भारतीय संविधान की नींव 'मूल अधिकार' और 'राज्य के नीति निर्देशक तत्व' दोनों के संतुलन पर टिकी हुई है, और यदि मूल अधिकारों (विशेषकर अनुच्छेद 14 और 19) को प्रभावी बनाने के लिए अनुच्छेद 39(b) या 39(c) के नीति निर्देशक तत्वों को प्राथमिकता दी जाती है, तो ऐसा कानून अनुच्छेद 14 या 19 के उल्लंघन के आधार पर असंवैधानिक घोषित नहीं किया जा सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग V' (संघ - अनुच्छेद 52 से 151) के अंतर्गत भारत के नियंत्रक-महालेखापरीक्षक (CAG) के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 148 के अनुसार भारत के नियंत्रक-महालेखापरीक्षक की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा अपने हस्ताक्षर और मुद्रा सहित अधिपत्र द्वारा की जाती है, और उसे उसके पद से केवल उसी रीति से और उन्हीं आधारों पर हटाया जा सकता है जिस रीति से और जिन आधारों पर उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश को हटाया जाता है।
2. नियंत्रक-महालेखापरीक्षक अपने पद पर छह वर्ष की अवधि के लिए या 65 वर्ष की आयु प्राप्त कर लेने तक (इनमें से जो भी पहले हो) बने रहने का अधिकार रखता है, और पद पर न रह जाने के बाद वह भारत सरकार या किसी राज्य की सरकार के अधीन किसी अन्य कार्यालय का पात्र होता है।
3. अनुच्छेद 149 के तहत सीएजी संसद द्वारा बनाई गई किसी विधि के उपबंधों के अधीन रहते हुए संघ और राज्यों के खातों के संबंध में अपने कर्तव्यों का पालन करता है और अपनी रिपोर्टें राष्ट्रपति को (जो उन्हें संसद के प्रत्येक सदन के पटल पर रखवाते हैं) तथा राज्यपाल को (जो उन्हें राज्य के विधानमंडल के पटल पर रखवाते हैं) प्रस्तुत करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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