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भारतीय इतिहास और राष्ट्रीय आंदोलन के संदर्भ में, वर्ष 1928 में गठित 'नेहरू रिपोर्ट' (Nehru Report) और उससे संबंधित प्रावधानों के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. नेहरू रिपोर्ट को तैयार करने वाली समिति के अध्यक्ष मोतीलाल नेहरू थे, जबकि इस समिति के सचिव जवाहरलाल नेहरू थे, और इस रिपोर्ट ने ब्रिटिश भारत के लिए एक नए डोमिनियन स्टेटस (Dominion Status) के संविधान का मसौदा तैयार किया था।
- 2. इस रिपोर्ट में पहली बार भारत के भावी संविधान के लिए 'मौलिक अधिकारों' (Fundamental Rights) की रूपरेखा प्रस्तुत की गई थी, जिसमें वयस्क मताधिकार (Universal Adult Suffrage) और पुरुषों तथा महिलाओं दोनों को समान नागरिक अधिकार प्रदान करने की बात कही गई थी।
- 3. सांप्रदायिक प्रतिनिधित्व के मुद्दे पर नेहरू रिपोर्ट ने मुसलमानों के लिए पृथक् निर्वाचक मंडल (Separate Electorate) की मांग को स्वीकार कर लिया था, क्योंकि यह जिन्ना के चौदह सूตรี प्रस्तावों की मुख्य शर्तों के पूरी तरह अनुकूल था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है: साइमन कमीशन की चुनौती के जवाब में सर्वदलीय सम्मेलन द्वारा फरवरी 1928 में एक समिति का गठन किया गया था जिसके अध्यक्ष मोतीलाल नेहरू और सचिव जवाहरलाल नेहरू थे। इस समिति ने भारत के लिए 'डोमिनियन स्टेटस' की मांग करने वाले संविधान का मसौदा तैयार किया था।
कथन 2 सही है: नेहरू रिपोर्ट में भारत के भावी संविधान में मौलिक अधिकारों को शामिल करने की मांग सबसे पहले की गई थी, जिसमें वयस्क मताधिकार, पुरुषों और महिलाओं को समान अधिकार तथा धर्म की पूर्ण स्वतंत्रता जैसे प्रावधान शामिल थे।
कथन 3 गलत है: नेहरू रिपोर्ट ने मुसलमानों के लिए 'पृथक् निर्वाचक मंडल' (Separate Electorates) की मांग को अस्वीकार कर दिया था (क्योंकि यह सांप्रदायिक अलगाव को बढ़ावा देता था), हालांकि इसने अल्पसंख्यकों के लिए आबादी के अनुपात में संयुक्त निर्वाचन क्षेत्रों (Joint Electorates) में सीटों के आरक्षण का प्रस्ताव रखा था। जिन्ना और मुस्लिम लीग ने इसका कड़ा विरोध किया था।
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क्या भारतीय संविधान में 'न्यायिक पुनरावलोकन' (Judicial Review) शब्द का स्पष्ट उल्लेख है?
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 143' के अंतर्गत सर्वोच्च न्यायालय के 'सलाहकार क्षेत्राधिकार' (Advisory Jurisdiction) तथा इससे संबंधित प्रावधानों और न्यायिक परंपराओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 143 के तहत राष्ट्रपति को यह शक्ति प्राप्त है कि यदि किसी समय उन्हें यह प्रतीत होता है कि विधि या तथ्य का कोई ऐसा प्रश्न उत्पन्न हुआ है जो सार्वजनिक महत्व का है, तो वह उस पर सर्वोच्च न्यायालय की राय प्राप्त करने के लिए उसे विचार हेतु संदर्भित कर सकते हैं।
2. अनुच्छेद 143 के अंतर्गत राष्ट्रपति द्वारा संदर्भित किसी भी विषय पर सर्वोच्च न्यायालय के लिए अपनी राय या सलाह देना संवैधानिक रूप से पूरी तरह से अनिवार्य (Mandatory) है, तथा सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दी गई वह सलाह कार्यपालिका और राष्ट्रपति पर हमेशा बाध्यकारी होती है।
3. 'अयोध्या प्रकरण (एम. इस्माइल फारूकी मामला)' और 'केरल शिक्षा विधेयक (1958)' जैसे मामलों में सर्वोच्च न्यायालय ने यह स्पष्ट किया है कि अनुच्छेद 143 के तहत न्यायालय राष्ट्रपति द्वारा भेजे गए प्रश्नों के उत्तर देने से इनकार भी कर सकता है, विशेषकर तब जब संदर्भित प्रश्न अस्पष्ट, राजनीतिक प्रकृति के हों या जिन पर निष्पक्ष न्यायसंगत राय देना संभव न हो।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय पर्यावरण, पारिस्थितिकी एवं जैव विविधता के संदर्भ में, 'राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम' (NCAP) और इसके लक्ष्यों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) को पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) द्वारा वर्ष 2019 में देश भर के सभी शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में वायु प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए एक दीर्घकालिक, समयबद्ध राष्ट्रीय स्तर की रणनीति के रूप में लॉन्च किया गया था।
2. इस कार्यक्रम का प्रारंभिक लक्ष्य वर्ष 2024 तक देश के विशिष्ट गैर-प्राप्ति शहरों (Non-attainment Cities) में पार्टिकुलेट मैटर (PM10 और PM2.5 दोनों) सांद्रता में आधार वर्ष 2017 की तुलना में 20% से 30% तक की कमी लाना था, जिसे बाद में संशोधित करके वर्ष 2026 तक 40% तक की कमी करने का नया लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
3. 'गैर-प्राप्ति शहर' वे शहर होते हैं जो पिछले पाँच वर्षों के दौरान राष्ट्रीय परिवेशी वायु गुणवत्ता मानकों (NAAQS) के लगातार अनुरूप नहीं रहे हैं, और NCAP के तहत इन शहरों को अपने स्थानीय स्रोतों (जैसे सड़क की धूल, vehicular emissions और बायोमास बर्निंग) को नियंत्रित करने के लिए 'शहरी कार्य योजनाएं' (City Action Plans) तैयार करना अनिवार्य किया गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग XI' के अंतर्गत 'संघ और राज्यों के बीच प्रशासनिक संबंध' (Administrative Relations - अनुच्छेद 256 से 263) तथा अखिल भारतीय सेवाओं के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 256 के अनुसार प्रत्येक राज्य की कार्यकारी शक्ति का प्रयोग इस प्रकार किया जाएगा जिससे संसद द्वारा बनाए गए कानूनों का अनुपालन सुनिश्चित हो सके, और संघ की कार्यकारी शक्ति राज्य को ऐसे निर्देश देने तक विस्तारित है जो इस प्रयोजन के लिए आवश्यक प्रतीत हों।
2. अनुच्छेद 312 के अंतर्गत संसद को राज्यसभा द्वारा उपस्थित और मत देने वाले सदस्यों के कम से कम दो-तिहाई बहुमत से पारित संकल्प के आधार पर संघ और राज्यों के लिए एक या अधिक अखिल भारतीय सेवाओं (All India Services) का सृजन करने की अनन्य शक्ति प्राप्त है, और भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) तथा भारतीय पुलिस सेवा (IPS) को इस अनुच्छेद के तहत संवैधानिक रूप से सीधे मान्यता प्राप्त थी, जबकि भारतीय वन सेवा (IFoS) को बाद में 1966 में इस श्रेणी में जोड़ा गया।
3. अनुच्छेद 263 के अनुसार राष्ट्रपति अंतर-राज्यीय परिषद (Inter-State Council) की स्थापना कर सकता है, जिसका मुख्य कार्य राज्यों के बीच विवादों की जाँच करना, उन पर सलाह देना तथा ऐसे विषयों पर चर्चा करना है जिनमें संघ और राज्यों अथवा दो या अधिक राज्यों के सामान्य हित हैं, और यह परिषद एक स्थायी संवैधानिक निकाय (Permanent Constitutional Body) है।
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दल-बदल विरोधी कानून के लिए कौन सा संविधान संशोधन किया गया था?
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