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Child Development
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शैक्षणिक और मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण से 'सतत एवं व्यापक मूल्यांकन' (Continuous and Comprehensive Evaluation - CCE) की प्रक्रिया में 'अधिगम के लिए आकलन' (Assessment for Learning), 'अधिगम का आकलन' (Assessment of Learning) और 'अधिगम के रूप में आकलन' (Assessment as Learning) के मध्य निहित तात्विक, क्रियात्मक और सैद्धांतिक भेदों का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन तीनों के बीच पाए जाने वाले पदानुक्रमिक और कार्यात्मक अंतर को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है?

Detailed Explanation

सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) प्रणाली में 'आकलन' और 'मूल्यांकन' के दायरे और उद्देश्यों में स्पष्ट अंतर होता है। 'अधिगम के लिए आकलन' (Assessment for Learning) एक रचनात्मक प्रक्रिया है जो शिक्षण के दौरान छात्रों की कमियों का पता लगाकर सुधारात्मक उपाय करने में मदद करती है। 'अधिगम का आकलन' (Assessment of Learning) आमतौर पर योगात्मक प्रकृति का होता है जो सत्र के अंत में विद्यार्थियों की कुल उपलब्धि का प्रमाणीकरण करता है। वहीं, 'अधिगम के रूप में आकलन' (Assessment as Learning) मेटाकॉग्निशन (Metacognition) पर आधारित होता है जहाँ छात्र स्वयं अपने अधिगम के मूल्यांकन और नियमन में सक्रिय भागीदार बनते हैं। इस विषय की विस्तृत जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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→ शैक्षणिक और मनोवैज्ञानिक परिप्रेक्ष्य में 'सतत एवं व्यापक मूल्यांकन' (CCE) के अंतर्गत 'निदानात्मक आकलन' (Diagnostic Assessment), 'रचनात्मक आकलन' (Formative Assessment) तथा 'संकलनात्मक मूल्यांकन' (Summative Assessment) के संदर्भात्मक, पदानुक्रमित और कार्यात्मक स्वरूप का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन तीनों के मध्य पाए जाने वाले अंतर्संबंध और मूल्यांकन की व्यापकता को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है? → शिक्षण विधियों की प्रभावशीलता का परीक्षण करने तथा कक्षा-कक्ष की विशिष्ट एवं तात्कालिक समस्याओं का वैज्ञानिक व व्यावहारिक समाधान खोजने के लिए 'क्रियात्मक अनुसंधान' (Action Research) और विभिन्न शिक्षण पद्धतियों (जैसे समस्या समाधान विधि और प्रोजेक्ट विधि) के अनुप्रयोग का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस अनुसंधान की चक्रीय प्रकृति (Cyclical Process) और इसके व्यावहारिक निहितार्थों को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है? → शिक्षण विधियों की प्रभावशीलता में सुधार लाने और कक्षा-कक्षीय समस्याओं के वैज्ञानिक विश्लेषण हेतु 'क्रियात्मक अनुसंधान' (Action Research) के प्रयोग में, स्टीफन एम. कोरे (Stephen M. Corey) द्वारा प्रतिपादित मॉडल के अंतर्गत समस्या की पहचान से लेकर निष्कर्षों के सामान्यीकरण और प्रसार (Dissemination) तक के चरणों का सूक्ष्म मूल्यांकन करने पर, कौन-सा विकल्प इस अनुसंधान की चक्रीय प्रकृति (Cyclical Process) और व्यावहारिक प्रभावकारिता के मध्य के संबंध को सर्वाधिक सटीक रूप से रेखांकित करता है? → अब्राहम मैस्लो के आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत (Hierarchy of Needs) के अंतर्गत 'कमी की आवश्यकताएं' (Deficiency Needs) और 'विकास की आवश्यकताएं' (Growth Needs) के साथ-साथ अभिप्रेरणा के आंतरिक (Intrinsic) एवं बाह्य (Extrinsic) स्वरूप का सूक्ष्म मनोवैज्ञानिक और तात्विक विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन मैस्लो के इस सिद्धांत और अभिप्रेरणा के प्रकारों के मध्य पाए जाने वाले अंतर्संबंध को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है? → निम्नलिखित में से कौन सा कथन विकास के 'समीप - दूराभिमुख' सिद्धांत का प्रतिनिधित्व करता है? → लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत की आलोचना करते हुए कैरोल गिलिगन ने यह तर्क दिया कि कोहलबर्ग के मूल अध्ययन में केवल पुरुषों को शामिल किए जाने के कारण उनका सिद्धांत 'न्याय के दृष्टिकोण' (Justice Perspective) पर अत्यधिक बल देता है, जबकि महिलाओं का नैतिक विकास 'देखभाल और संबंधों के दृष्टिकोण' (Care and Perspective) पर आधारित होता है। इस वैचारिक भिन्नता और कोहलबर्ग के सिद्धांत के अंतिम स्तर (सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत अभिविन्यास) तथा गिलिगन के देखभाल के नैतिकता के चरणों के बीच के अंतर्संबंध का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
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