संज्ञानात्मक विकास
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डेविड औसुबेल (David Ausubel) के 'सार्थक मौखिक अधिगम सिद्धांत' (Theory of Meaningful Verbal Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'अग्रिम संगठन या एडवांस ऑर्गेनाइज़र' (Advance Organizer)**—जिसे उस प्रारंभिक शैक्षणिक सामग्री या वैचारिक ढांचे के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसे मुख्य और नए शिक्षण विषय को प्रस्तुत करने से ठीक पहले शिक्षार्थियों के सामने उच्च स्तर की सामान्यता और अमूर्तता के साथ रखा जाता है, ताकि यह उनके संज्ञानात्मक ढांचे में पहले से मौजूद प्रासंगिक विचारों (Inclusive Concepts) के साथ नए ज्ञान को जोड़ने के लिए एक वैचारिक 'एंकर' (Anchor) का कार्य कर सके—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के पूर्व ज्ञान के सक्रियीकरण (Activation of Prior Knowledge), सार्थक अर्थपूर्ण अधिगम (Meaningful Learning) और संज्ञानात्मक संरचना (Cognitive Structure) के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
डेविड औसुबेल के सार्थक मौखिक अधिगम सिद्धांत के अनुसार, 'अग्रिम संगठन' (Advance Organizer) वे प्रारंभिक सामग्रियां हैं जिन्हें मुख्य शिक्षण विषय से पहले प्रस्तुत किया जाता है। ये विद्यार्थियों के संज्ञानात्मक ढांचे में पहले से मौजूद ज्ञान और नई जानकारी के बीच की दूरी को पाटते हैं और 'संकलन (Assimilation)' की प्रक्रिया के माध्यम से सार्थक तथा स्थायी अधिगम को बढ़ावा देते हैं। अतः विकल्प (b) वैज्ञानिक रूप से सबसे अधिक प्रामाणिक है।
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गेस्टाल्ट मनोविज्ञान (Gestalt Psychology) के संस्थापकों में से एक मैक्स वर्दहिएमर (Max Wertheimer) के 'सूझ या अंतर्दृष्टि अधिगम सिद्धांत' (Insight Learning / Gestalt Theory of Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'अचानक होने वाली सूझ या आहा! अनुभव' (Aha! Experience / Sudden Insight)**—जिसे उस मानसिक और संज्ञानात्मक प्रक्रिया के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत व्यक्ति किसी जटिल या उलझने वाली समस्या का समाधान बिना किसी क्रमिक प्रयास एवं त्रुटि के, पर्यावरण के समग्र स्वरूप (Totality/Gestalt) का अचानक प्रत्यक्षीकरण करके एक झटके में खोज लेता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के तार्किक चिंतन, रचनात्मक समस्या समाधान (Creative Problem Solving) और संज्ञानात्मक पुनर्गठन (Cognitive Restructuring) के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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एडवर्ड टॉलमैन (Edward Tolman) के 'चिन्ह अधिगम सिद्धांत' (Sign Learning Theory / Purposive Behaviorism) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'संज्ञानात्मक मानचित्र या कॉग्निटिव मैप' (Cognitive Map)**—जिसे उस मानसिक स्थानिक प्रतिनिधित्व (Mental Spatial Representation) के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत व्यक्ति या प्राणी अपने पर्यावरण, लक्ष्यों और वहां तक पहुँचने वाले विभिन्न मार्गों का एक आंतरिक मानसिक ढांचा तैयार करता है, भले ही उसे उस मार्ग पर चलने के लिए तत्काल कोई पुरस्कार या सुदृढ़ीकरण (Reinforcement) प्राप्त न हुआ हो—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्थानिक चिंतन, उद्देश्यपूर्ण अन्वेषण और समग्र समस्या समाधान के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मूरिस टॉलमैन (Edward C. Tolman) के 'चिह्न अधिगम सिद्धांत' (Sign Learning Theory / Purposive Behaviorism) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'संज्ञानात्मक मानचित्र या कॉग्निटिव मैप' (Cognitive Map)**—जिसे उस मानसिक प्रतिनिधित्व (Mental Representation) के रूप में परिभाषित किया जाता है जो प्राणी अपने पर्यावरण, भौतिक परिवेश, रास्तों और लक्ष्यों के स्थानिक और वैचारिक संबंधों का अधिगम के दौरान अपने मस्तिष्क में निर्माण करता है, बिना किसी तत्काल सुदृढ़ीकरण (Immediate Reinforcement) के—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्थानिक संज्ञान, समस्या समाधान और मानसिक योजना निर्माण के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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