संज्ञानात्मक विकास
Asked 2 months ago · Viewed 18 times
एडवर्ड टॉलमैन (Edward Tolman) के 'चिह्न अधिगम सिद्धांत' (Sign Learning Theory / Purposive Behaviorism) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'संज्ञानात्मक मानचित्र' (Cognitive Map)**—जिसे उस मानसिक प्रतिनिधित्व या आंतरिक आरेख के रूप में परिभाषित किया जाता है जो कोई जीव (या शिक्षार्थी) अपने पर्यावरण, भौतिक परिवेश और लक्ष्यों तक पहुँचने वाले विभिन्न मार्गों का अपने मस्तिष्क में निर्माण करता है, जिससे वह बाहरी पुरस्कार या प्रेरणा के बिना भी पर्यावरण में नेविगेट करने और समस्याओं को हल करने में सक्षम होता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्थानिक चिंतन, स्थानिक-संबंधी समस्या-समाधान (Spatial Problem-Solving) और अमूर्त बोध के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
एडवर्ड टॉलमैन (Edward Tolman) के उद्देश्यपूर्ण व्यवहारवाद (Purposive Behaviorism) और चिह्न अधिगम सिद्धांत के अनुसार, प्राणी अपने पर्यावरण में केवल यांत्रिक रूप से उद्दीपक-अनुक्रिया (S-R) आचरण नहीं सीखते, बल्कि वे अपने परिवेश का एक मानसिक प्रतिरूप या 'संज्ञानात्मक मानचित्र' (Cognitive Map) विकसित करते हैं। कक्षा-कक्षीय शिक्षण में इसका तात्पर्य यह है कि छात्र पाठ्यचर्या, अवधारणाओं और भौतिक परिवेश के तार्किक संबंधों को अपने मस्तिष्क में आंतरिक रूप से मैप करते हैं, जिससे वे बिना किसी प्रत्यक्ष प्रबलन के भी जटिल समस्याओं का समाधान करने और स्वतंत्र रूप से नेविगेट करने में सक्षम बनते हैं। अतः विकल्प (b) सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य कथन है।
अगला प्रश्न →
एडवर्ड टॉलमैन (Edward Tolman) के 'संज्ञानात्मक मानचित्र सिद्धांत'…
← पिछला प्रश्न
डेविड औसुबेल (David Ausubel) के 'सार्थक मौखिक अधिगम…
Related Questions
→
जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'विकेंद्रीकरण' (Decentration)**—जिसे उस उन्नत संज्ञानात्मक क्षमता के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके माध्यम से बच्चा किसी वस्तु, घटना या समस्या के केवल एक ही पहलू या आयाम (जैसे लंबाई या चौड़ाई) पर अपना ध्यान केंद्रित करने (केंद्रण / Centration) के बजाय उसके एक से अधिक पहलुओं या आयामों पर एक साथ ध्यान केंद्रित करने और उनके बीच मानसिक समन्वय बिठाने में सक्षम होता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के तार्किक चिंतन, बहुआयामी दृष्टिकोण और संरक्षण (Conservation) की अवधारणा को समझने के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
रोबर्ट गैग्नी (Robert Gagne) के 'अधिगम के सोपानिकी सिद्धांत' (Conditions of Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'समस्या समाधान अधिगम' (Problem Solving Learning)**—जिसे उस सर्वोच्च और सबसे जटिल बौद्धिक स्तर के रूप में परिभाषित किया जाता है जहाँ शिक्षार्थी अपने पूर्व-अर्जित नियमों, सिद्धांतों और कौशलों (Principle Learning) का उपयोग करके किसी नए, अपरिचित और जटिल समस्याग्रस्त परिदृश्य में तार्किक चिंतन, सूझबूझ (Insight) और परिकल्पना निर्माण के माध्यम से एक नया समाधान या निष्कर्ष खोज निकालता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के उच्च-स्तरीय संज्ञानात्मक कौशल, आलोचनात्मक चिंतन और स्वतंत्र ज्ञान-निर्माण के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'संरक्षण का सिद्धांत' (Conservation)**—जिसे उस तार्किक क्षमता के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत बालक यह समझने में सक्षम हो जाता है कि किसी वस्तु के भौतिक स्वरूप, आकार, रूप-रंग या दिखावट में परिवर्तन होने पर भी उसकी मात्रा, द्रव्यमान, आयतन, लंबाई या संख्या अपरिवर्तित (समान) रहती है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के तार्किक चिंतन, संक्रियात्मक बौद्धिक विकास (Operational Thinking) और गणितीय-वैज्ञानिक अवधारणाओं की समझ के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
रॉबर्ट गैग्ने (Robert Gagné) के 'अधिगम के पदानुक्रम सिद्धांत' (Conditions of Learning / Hierarchy of Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'समस्या समाधान अधिगम' (Problem Solving Learning)**—जिसे उस सर्वोच्च बौद्धिक स्तर के रूप में परिभाषित किया जाता है जहाँ शिक्षार्थी अपने पूर्व-अर्जित नियमों, सिद्धांतों और कौशलों का उपयोग करते हुए किसी नवीन, जटिल और अनसुलझी परिस्थिति का तार्किक विश्लेषण करके एक नया समाधान या आंतरिक नियम खोज निकालता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के उच्च-स्तरीय संज्ञानात्मक कौशल, विश्लेषणात्मक चिंतन और सृजनात्मकता के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
कोहलबर्ग के अनुसार, सही और गलत के प्रश्न के बारे में निर्णय लेने में शामिल चिंतन प्रक्रिया को क्या कहा जाता है?
→
पियाजे के अनुसार, 'संज्ञानात्मक विकास' (Cognitive Development) की किस अवस्था में बालक 'तार्किक रूप से' वस्तुओं और घटनाओं के बारे में चिंतन करना शुरू कर देता है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.