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General Science
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तरंग काल?

Detailed Explanation

T = 1/f।
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शुद्ध जल का pH? परमाणु संरचना और क्वांटम यांत्रिकी के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. हाइजेनबर्ग का अनिश्चितता सिद्धांत (Heisenberg's Uncertainty Principle) यह प्रतिपादित करता है कि किसी गतिमान सूक्ष्म कण की स्थिति और संवेग का एक साथ यथार्थ निर्धारण करना असंभव है, और इनका अनिश्चितता गुणनफल $\Delta x \cdot \Delta p \ge \frac{h}{4\pi}$ होता है। 2. पाउली का अपवर्जन नियम (Pauli's Exclusion Principle) के अनुसार, एक ही परमाणु में उपस्थित किन्हीं दो इलेक्ट्रॉनों के लिए चारों क्वांटम संख्याओं ($n, l, m_s$ आदि) के मान सर्वथा समान नहीं हो सकते हैं, अर्थात् यदि मुख्य, दिगंशी और चुंबकीय क्वांटम संख्याएँ समान भी हों, तो उनके प्रचलन क्वांटम संख्या ($s$) के मान भिन्न अवश्य होंगे। 3. 'हंड का अधिकतम बहुलकता नियम' (Hund's Rule of Maximum Multiplicity) यह बताता है कि किसी उपकोश (Subshell) के कक्षकों में इलेक्ट्रॉनों का युग्मन तब तक प्रारंभ नहीं होता, जब तक कि उस उपकोश के प्रत्येक कक्षक में एक-एक इलेक्ट्रॉन समानांतर चक्रण (Parallel spin) के साथ भर न जाए। 4. मुख्य क्वांटम संख्या ($n$) इलेक्ट्रॉन के कक्षक की ऊर्जा और आकार को निर्धारित करती है, जबकि दिगंशी या azimuthal क्वांटम संख्या ($l$) कक्षक की त्रिविमीय आकृति (Shape) और उपकोश को दर्शाती है, जहाँ $l$ का मान 0 से लेकर $(n-1)$ तक हो सकता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? शेर? प्रकाशिकी (Optics) के सिद्धांतों और लेंस-दर्पण के व्यवहार के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. जब प्रकाश की किरण किसी सघन माध्यम से विरल माध्यम में प्रवेश करती है और आपतन कोण का मान क्रांतिक कोण (Critical Angle) से अधिक हो जाता है, तो किरण का पूर्ण आंतरिक परावर्तन होता है, जिसके लिए यह आवश्यक है कि प्रकाश सघन से विरल माध्यम की ओर ही जाए। 2. एक उत्तल लेंस (Convex lens) को जब ऐसे द्रव में डुबोया जाता है जिसका अपवर्तनांक लेंस के पदार्थ के अपवर्तनांक से अधिक होता है, तो वह लेंस अपनी अभिसारी (Converging) प्रकृति को छोड़कर अपसारी (Diverging) लेंस की तरह व्यवहार करने लगता है। 3. अवतल दर्पण (Concave mirror) द्वारा बनने वाला प्रतिबिंब हमेशा आभासी, सीधा और वस्तु के आकार से छोटा होता है, चाहे वस्तु को मुख्य अक्ष पर किसी भी स्थिति में क्यों न रखा जाए। 4. गोलीय दर्पण की फोकस दूरी ($f$) उसकी वक्रता त्रिज्या ($R$) की आधी होती है, और यह संबंध दर्पण के दर्पण सूत्र तथा सभी प्रकार के दर्पणों (गोलीय और परवलयिक) के लिए आपतन कोण के किसी भी बड़े मान हेतु पूर्णतः सटीक और सार्वभौमिक रूप से लागू होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं? ससंजक बल, श्यानता गुणांक और आर्किमिडीज के सिद्धांत के अनुप्रयोगों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. साबुन के घोल में पानी मिलाने से उसका पृष्ठ तनाव कम हो जाता है, जिसके कारण वह मैلا-कुचैला कपड़ों के रेशों में गहराई तक प्रवेश कर जाता है और सफाई अधिक प्रभावी ढंग से होती है। 2. 'स्टोक्स का नियम' (Stokes' Law) किसी श्यान माध्यम में गिरने वाले छोटे गोलीय पिंड पर लगने वाले श्यान बल को निर्धारित करता है, जिसके अनुसार सीमांत वेग (Terminal velocity) गोले की त्रिज्या के वर्ग के अनुक्रमानुपाती होता है। 3. जब कोई ठोस वस्तु किसी तरल में पूर्ण रूप से डुबोई जाती है, तो उस पर लगने वाला उत्प्लावक बल (Buoyant force) केवल वस्तु के आयतन और तरल के घनत्व पर निर्भर करता है, न कि उस गहराई पर जिस पर वस्तु तरल के भीतर स्थित है। 4. किसी जल से भरे बीकर में बर्फ का टुकड़ा तैर रहा है, और जब बर्फ पूरी तरह पिघल जाती है, तो बीकर में जल का स्तर थोड़ा बढ़ जाता है क्योंकि बर्फ का घनत्व द्रव जल की तुलना में कम होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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