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General Science
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शेर?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
गुफा।
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विद्युत चुंबकीय प्रेरण (Electromagnetic Induction) और प्रत्यावर्ती धारा (Alternating Current) की जटिल परिघटनाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. फैराडे के विद्युत चुंबकीय प्रेरण के नियम के अनुसार, किसी बंद कुंडली से जुड़े चुंबकीय फ्लक्स में परिवर्तन की दर उस कुंडली में प्रेरित विद्युत वाहक बल (EMF) के परिमाण के समानुपाती होती है, और लेंस का नियम (Lenz's law) ऊर्जा संरक्षण के सिद्धांत का पालन करते हुए प्रेरित धारा की दिशा को इस प्रकार निर्धारित करता है कि वह उस कारण का विरोध करती है जिससे वह स्वयं उत्पन्न होती है।
2. 'स्वप्रेरण' (Self-induction) किसी कुंडली का वह गुण है जिसके कारण वह अपने ही भीतर प्रवाहित होने वाली धारा के परिवर्तन का विरोध करती है, और इसका एसआई मात्रक 'हेनरी' (Henry) है, जो कि वेबर प्रति ऐम्पियर के तुल्य होता है।
3. एक आदर्श ट्रांसफॉर्मर में प्राथमिक और द्वितीयक कुंडलियों के फेरों की संख्या का अनुपात वोल्टेज को परिवर्तित करता है, और यदि किसी ट्रांसफॉर्मर में ऊर्जा हानि पूरी तरह शून्य मान ली जाए, तो द्वितीयक कुंडली से प्राप्त निर्गत शक्ति (Output power) प्राथमिक कुंडली को दी गई निवेश शक्ति (Input power) से अधिक हो जाती है ताकि धारा का मान बढ़ सके।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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यूकेरियोटिक कोशिका के अंतःझिल्ली तंत्र (Endomembrane System) और कोशिकांगों की कार्यप्रणाली के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. अंतर्द्रव्यी जालिका (Endoplasmic Reticulm - ER) का खुरदरा भाग (RER) राइबोसोम की उपस्थिति के कारण प्रोटीन संश्लेषण और उनके वसा में रूपांतरण के लिए उत्तरदायी है, जबकि चिकनी अंतर्द्रव्यी जालिका (SER) लिपिड, स्टेरॉयड हॉर्मोन और विषहरण (Detoxification) के प्रमुख स्थलों के रूप में कार्य करती है।
2. गॉल्जीकाय (Golgi Apparatus) का 'सिस' (Cis) या निर्माण चेहरा (Forming face) हमेशा प्लाज्मा झिल्ली की ओर होता है, जहाँ से रूपांतरित प्रोटीन और प्रोटीन्स के ग्लाइकोसिलेशन के पश्चात स्रावी पुटिकाएं (Secretory vesicles) परिपक्व होकर बाहर निकलती हैं।
3. लयनकाय (Lysosomes) में विभिन्न प्रकार के हाइड्रोलाइटिक एंजाइम (जैसे लाइपेस, प्रोटीएज, कार्बोहाइड्रेज) प्रचुर मात्रा में होते हैं, जो अम्लीय pH (लगभग 5.0) पर सर्वाधिक सक्रिय होते हैं, और इस इष्टतम pH को बनाए रखने के लिए लाइसोसोम की झिल्ली पर प्रोटॉन पंप (ATPases) सक्रिय रूप से कार्य करते हैं।
4. माइटोकॉन्ड्रिया की आंतरिक झिल्ली पर बनने वाले 'ऑक्सिसोम' (F0-F1 कण) ऑक्सीडेटिव फॉस्फोरिलेशन के दौरान ATP के संश्लेषण को उत्प्रेरित करते हैं, और माइटोकॉन्ड्रिया का अपना खुद का द्विरज्जुकीय (Double-stranded) वृत्ताकार डीएनए और 70S प्रकार के राइबोसोम होते हैं, जो इसे 'अर्ध-स्वायत्त कोशिकांग' (Semi-autonomous organelle) बनाते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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विलयन के अणुसंख्यक गुणों (Colligative properties) और उत्प्रेरण (Catalysis) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी विलायक में अवाष्पशील विलेय मिलाने पर विलयन के वाष्प दाब में होने वाला आपेक्षिक अवनमन (Relative lowering of vapour pressure) विलेय के मोल अंश के बराबर होता है, जो राऊत के नियम से निर्धारित होता है।
2. परासरण दाब (Osmotic pressure) एक अणुसंख्यक गुण है, और वान 'ट हॉफ गुणांक ($i$) का मान उन पदार्थों के लिए एक से अधिक होता है जो जलीय विलयन में पूरी तरह से वियोजित (Dissociate) हो जाते हैं।
3. समांग उत्प्रेरण (Homogeneous catalysis) में उत्प्रेरक और अभिकारक समान भौतिक अवस्था में होते हैं, जबकि विषमांग उत्प्रेरण में 'अधिध्रुवण' या ठोस उत्प्रेरक की सतह पर अभिकारकों का अधिशोषण (Adsorption) मुख्य भूमिका निभाता है, जिसके बारे में विस्तृत जानकारी विकिपीडिया संदर्भ में दी गई है।
4. एन्जाइम उत्प्रेरण (Enzyme catalysis) अत्यधिक विशिष्ट और प्रभावी होते हैं, और इनकी उत्प्रेरणीय क्रिया का 'ताला-कुंजी मॉडल' (Lock and Key model) यह स्पष्ट करता है कि एन्जाइम का सक्रिय स्थल किसी विशिष्ट सबस्ट्रेट के साथ अनंतिम रूप से जुड़कर सक्रियण ऊर्जा को बढ़ा देता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पदार्थ के सामान्य गुण, पृष्ठ तनाव, श्यानता और आर्किमिडीज के सिद्धांत के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी द्रव की स्वतंत्र सतह पर पृष्ठ तनाव (Surface Tension) का कारण अणुओं के बीच लगने वाला ससंजक बल (Cohesive force) है, और तापमान बढ़ने के साथ पृष्ठ तनाव का मान सामान्यतः घट जाता है, जबकि घुलनशील अशुद्धियाँ मिलाने पर यह बढ़ या घट दोनों सकता है।
2. द्रवों में श्यानता (Viscosity) की उत्पत्ति का मुख्य कारण विभिन्न परतों के बीच लगने वाला आंतरिक घर्षण और अणुओं के बीच का संसंजन बल है, और गैसों की श्यानता तापमान बढ़ने पर घटती है, जबकि द्रवों की श्यानता तापमान बढ़ने पर बढ़ती है।
3. आर्किमिडीज के सिद्धांत (Archimedes' principle) के अनुसार, जब किसी वस्तु को किसी द्रव में आंशिक या पूर्ण रूप से डुबोया जाता है, तो वह वस्तु अपने द्वारा हटाए गए द्रव के भार के बराबर ऊपर की ओर एक उत्प्लावन बल (Buoyant force) का अनुभव करती है, और यह सिद्धांत केवल गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र में ही कार्य करता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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अम्ल स्वाद?
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