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General Science
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ससंजक बल, श्यानता गुणांक और आर्किमिडीज के सिद्धांत के अनुप्रयोगों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. साबुन के घोल में पानी मिलाने से उसका पृष्ठ तनाव कम हो जाता है, जिसके कारण वह मैلا-कुचैला कपड़ों के रेशों में गहराई तक प्रवेश कर जाता है और सफाई अधिक प्रभावी ढंग से होती है।
  2. 2. 'स्टोक्स का नियम' (Stokes' Law) किसी श्यान माध्यम में गिरने वाले छोटे गोलीय पिंड पर लगने वाले श्यान बल को निर्धारित करता है, जिसके अनुसार सीमांत वेग (Terminal velocity) गोले की त्रिज्या के वर्ग के अनुक्रमानुपाती होता है।
  3. 3. जब कोई ठोस वस्तु किसी तरल में पूर्ण रूप से डुबोई जाती है, तो उस पर लगने वाला उत्प्लावक बल (Buoyant force) केवल वस्तु के आयतन और तरल के घनत्व पर निर्भर करता है, न कि उस गहराई पर जिस पर वस्तु तरल के भीतर स्थित है।
  4. 4. किसी जल से भरे बीकर में बर्फ का टुकड़ा तैर रहा है, और जब बर्फ पूरी तरह पिघल जाती है, तो बीकर में जल का स्तर थोड़ा बढ़ जाता है क्योंकि बर्फ का घनत्व द्रव जल की तुलना में कम होता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि साबुन या डिटर्जेंट मिलाने से जल का विकिपीडिया संदर्भ कम हो जाता है, जिससे उसका संपर्क कोण घट जाता है और वह कपड़ों के सूक्ष्म रंध्रों में आसानी से फैल जाता है। कथन 2 सही है, स्टोक्स के नियम के अनुसार सीमांत वेग ($v_t = \frac{2r^2(\rho - \sigma)g}{9\eta}$) गोले की त्रिज्या ($r$) के वर्ग के अनुक्रमानुपाती होता है। कथन 3 सही है क्योंकि उत्प्लावक बल ($V\sigma g$) विस्थापित तरल के भार के बराबर होता है जो गहराई पर निर्भर नहीं करता। कथन 4 गलत है; आर्कमिडीज के सिद्धांत के अनुसार, तैरती हुई बर्फ अपने भार के बराबर पानी पहले ही विस्थापित कर चुकी होती है, अतः उसके पिघलने पर जल स्तर अपरिवर्तित रहता है।
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