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General Science
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चार्ल्स नियम?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
V/T=k।
Related Questions
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भौतिक राशियों की विमाओं (Dimensions) और मापन की प्रणालियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी भौतिक राशि का विमीय सूत्र (Dimensional Formula) यह प्रदर्शित करता है कि उस राशि में मूल भौतिक राशियों की क्या घातें शामिल हैं, और दो अलग-अलग भौतिक राशियों का विमीय सूत्र समान होने पर भी उनका एसआई (SI) मात्रक भिन्न हो सकता है, जैसे कार्य और बल आघूर्ण।
2. 'पारसेक' (Parsec) खगोलीय दूरियों को मापने की सबसे बड़ी व्यावहारिक इकाई है, जो उस दूरी के बराबर होती है जिस पर पृथ्वी की कक्षा की औसत त्रिज्या (1 खगोलीय इकाई) एक आर्क-सेकंड का कोण बनाती है।
3. जल के त्रिक बिंदु (Triple Point) के उष्मागतिक तापमान के $1/273.16$वें भाग को केल्विन (Kelvin) की मूल इकाई के रूप में परिभाषित किया जाता है, और यह माप तापमान के साथ-साथ दाब पर भी निर्भर करती है।
4. किसी प्रयोग में मापन की त्रुटियों के संयोजन (Combination of Errors) के नियम के अनुसार, यदि कोई भौतिक राशि $Z = \frac{A^2 B^{1/2}}{C}$ के रूप में संबंधित है, तो उस राशि में अधिकतम आनुपेक्षिक त्रुटि (Relative Error) $\frac{\Delta Z}{Z} = 2\frac{\Delta A}{A} + \frac{1}{2}\frac{\Delta B}{B} + \frac{\Delta C}{C}$ होगी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
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तरलों के सामान्य गुणों (जैसे पृष्ठ तनाव और श्यानता) तथा आर्किमिडीज के सिद्धांत के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी द्रव की बूंद का गोलीय आकार न्यूनतम पृष्ठ ऊर्जा बनाए रखने की प्रवृत्ति के कारण होता है, और यदि किसी द्रव में अशुद्धि मिलाई जाए तो उसका पृष्ठ तनाव सदैव बढ़ जाता है।
2. तापमान में वृद्धि होने पर द्रवों की श्यानता घटती है, जबकि गैसों की श्यानता तापमान बढ़ने पर बढ़ती है।
3. आर्किमिडीज के सिद्धांत के अनुसार, जब कोई वस्तु किसी तरल में आंशिक या पूर्ण रूप से डुबोई जाती है, तो वह अपने द्वारा हटाए गए तरल के भार के बराबर ऊपर की ओर एक उत्प्लावन बल (Buoyant force) का अनुभव करती है, जिसका केंद्र हटाए गए तरल का द्रव्यमान केंद्र होता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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सुकेन्द्रिक (Eukaryotic) कोशिकाओं के भीतर माइटोकॉन्ड्रिया और हरित लवक (Chloroplast) जैसे अर्ध-स्वायत्त (Semi-autonomous) कोशिकांगों तथा उनके प्रोटीन संघटन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. माइटोकॉन्ड्रिया और क्लोरोप्लास्ट दोनों में उनका अपना स्वयं का वृत्ताकार (Circular) डीएनए, 70S प्रकार के राइबोसोम और आरएनए संश्लेषण के लिए आवश्यक मशीनरी पाई जाती है, जिसके कारण वे अपने कुछ प्रोटीनों का स्वतंत्र रूप से संश्लेषण कर सकते हैं।
2. इन कोशिकांगों में पाए जाने वाले अधिकांश प्रोटीनों का संश्लेषण केंद्रकीय जीनोम द्वारा कोडित होता है, जो कोशिका द्रव्य के 80S राइबोसोम पर संश्लेषित होने के बाद विशिष्ट लक्ष्यीकरण संकेतों (Targeting signals) के माध्यम से इन अंगकों के भीतर आयातित किए जाते हैं।
3. माइटोकॉन्ड्रियल मैट्रिक्स में होने वाले 'क्रेब्स चक्र' (Krebs cycle) के सभी एंजाइम माइटोकॉन्ड्रियल डीएनए द्वारा ही कोडित और उसी अंगक के भीतर संश्लेषित होते हैं, केंद्रकीय डीएनए की इसमें कोई भूमिका नहीं होती है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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यूकेरियोटिक कोशिकाओं में पाए जाने वाले 'अंतःप्रद्रव्य जालिका' (Endoplasmic Reticulum - ER) और 'गोल्जी काय' (Golgi Apparatus) के संबंध में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. खुरदूरी अंतःप्रद्रव्य जालिका (RER) की सतह पर राइबोसोम जुड़े होते हैं, और यह मुख्य रूप से प्रोटीन संश्लेषण और उनके परिस्रवण (Secretion) में सक्रिय रूप से भाग लेती है।
2. चिकनी अंतःप्रद्रव्य जालिका (SER) पर राइबोसोम अनुपस्थित होते हैं, और यह लिपिड, स्टेरॉयड हार्मोन्स तथा ग्लाइकोजेन चयापचय के संश्लेषण का प्रमुख स्थल है।
3. गोल्जी काय का 'सिस' (Cis) या निर्माण चेहरा (Forming face) आमतौर पर अंतःप्रद्रव्य जालिका की ओर होता है, जबकि 'ट्रांस' (Trans) या परिपक्व चेहरा (Maturing face) प्लाज्मा झिल्ली की ओर उन्मुख होता है।
4. अंतःप्रद्रव्य जालिका और गोल्जी काय दोनों ही दोहरी झिल्ली (Double membrane) से घिरे कोशिकांग हैं, जो केंद्रक झिल्ली के साथ निरंतरता बनाए रखते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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आवर्त सारणी के तत्वों के विभिन्न आवर्ती गुणों और रासायनिक प्रवृत्तियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी परमाणु की 'द्वितीय आयनन एन्थैल्पी' (Second Ionization Enthalpy) का मान हमेशा उसकी 'प्रथम आयनन एन्थैल्पी' से अधिक होता है, क्योंकि उदासीन परमाणु से एक इलेक्ट्रॉन निकल जाने के बाद बचे हुए इलेक्ट्रॉनों पर प्रभावी नाभिकीय आवेश बढ़ जाता है और आकार छोटा हो जाता है।
2. 'इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी' (Electron Gain Enthalpy) का मान सभी हैलोजन तत्वों में क्लोरीन के लिए सर्वाधिक ऋणात्मक होता है, न कि फ्लोरीन के लिए, जिसका मुख्य कारण फ्लोरीन के बहुत छोटे आकार के कारण आने वाले अतिरिक्त इलेक्ट्रॉन पर होने वाला अंतःइलेक्ट्रॉनी प्रतिकर्षण (Interelectronic repulsion) है।
3. आधुनिक आवर्त सारणी में 'लैंथेनाइड आकुंचन' (Lanthanoid Contraction) के प्रभावस्वरूप, छठी अवधि के संक्रमण तत्वों (जैसे Hafnium) की परमाणु त्रिज्या और रासायनिक गुण पाँचवीं अवधि के उनके ठीक ऊपर वाले तत्वों (जैसे Zirconium) की तुलना में भिन्न हो जाते हैं और कोई समानता नहीं दर्शाते।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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