त्वरित लिंक्स
General Science
11 views
तरलों के सामान्य गुणों (जैसे पृष्ठ तनाव और श्यानता) तथा आर्किमिडीज के सिद्धांत के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. किसी द्रव की बूंद का गोलीय आकार न्यूनतम पृष्ठ ऊर्जा बनाए रखने की प्रवृत्ति के कारण होता है, और यदि किसी द्रव में अशुद्धि मिलाई जाए तो उसका पृष्ठ तनाव सदैव बढ़ जाता है।
- 2. तापमान में वृद्धि होने पर द्रवों की श्यानता घटती है, जबकि गैसों की श्यानता तापमान बढ़ने पर बढ़ती है।
- 3. आर्किमिडीज के सिद्धांत के अनुसार, जब कोई वस्तु किसी तरल में आंशिक या पूर्ण रूप से डुबोई जाती है, तो वह अपने द्वारा हटाए गए तरल के भार के बराबर ऊपर की ओर एक उत्प्लावन बल (Buoyant force) का अनुभव करती है, जिसका केंद्र हटाए गए तरल का द्रव्यमान केंद्र होता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 असत्य है क्योंकि जल में घुलनशील अशुद्धियाँ (जैसे नमक) मिलाने पर पृष्ठ तनाव बढ़ जाता है, किंतु विलेय अशुद्धियाँ जैसे साबुन या डिटर्जेंट मिलाने पर पृष्ठ तनाव कम हो जाता है। कथन 2 सत्य है; द्रवों में श्यानता अंतर-आणविक बलों के कारण होती है जो तापमान बढ़ाने पर कमजोर हो जाते हैं, अतः द्रवों की श्यानता घटती है, जबकि गैसों में श्यानता संवेग स्थानांतरण के कारण होती है जो तापमान बढ़ने पर बढ़ती है। कथन 3 सत्य है; विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, उत्प्लावन बल वस्तु द्वारा विस्थापित द्रव के गुरुत्व केंद्र (या हटाए गए तरल के आयतन के केंद्र) पर कार्य करता है।
Related Questions
→
मानव रक्त परिसंचरण और रक्त समूहों के संबंध में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. एरिथ्रोब्लास्टोसिस फिटलिस (Erythroblastosis fetalis) की समस्या तब उत्पन्न होती है जब एक Rh-नेगेटिव (Rh-) माँ और Rh-पॉजिटिव (Rh+) पिता की संतान होती है, जिससे पहली Rh+ संतान के जन्म के समय माँ के शरीर में एंटी-Rh एंटीबॉडी विकसित हो जाते हैं और यह दूसरी Rh+ गर्भावस्था को गंभीर रूप से प्रभावित करते हैं।
2. 'बॉम्बे ब्लड ग्रुप' ($O_h$ फेनोटाइप) से ग्रसित व्यक्तियों की लाल रक्त कोशिकाओं पर 'H' एंटीजन अनुपस्थित होता है, जिसके कारण वे केवल 'बॉम्बे ब्लड ग्रुप' से ही रक्त प्राप्त कर सकते हैं और सामान्य 'O' रक्त समूह का रक्त भी उनके लिए घातक हो सकता है।
3. एबीओ (ABO) रक्त समूह प्रणाली में लाल रक्त कोशिकाओं की सतह पर उपस्थित एंटीजन ग्लाइकोलिपिड या ग्लाइकोप्रोटीन प्रकृति के होते हैं, जबकि प्लाज्मा में पाए जाने वाले प्राकृतिक एंटीबॉडी (इम्यूनोग्लोबुलिन) मुख्य रूप से IgM प्रकार के होते हैं।
4. रक्त स्कंदन (Blood coagulation) के दौरान, आंतरिक मार्ग (Intrinsic pathway) की शुरुआत 'हागेमान फैक्टर' (कार फैक्टर XII) के सक्रियण से होती है, जिसके लिए ऊतक थ्रॉम्बोप्लास्टिन (टिश्यू फैक्टर) का होना अनिवार्य है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
पराश्रव्य तरंगें (Ultrasonic Waves) किस सीमा की होती हैं?
→
भौतिक राशियों और उनके मात्रकों के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. श्यानता गुणांक (Coefficient of Viscosity): पास्कल-सेकंड ($Pa \cdot s$) या किग्रा/मीटर-सेकंड ($kg \cdot m^{-1} \cdot s^{-1}$)
2. पृष्ठ तनाव (Surface Tension): न्यूटन/मीटर ($N/m$) या जूल/मीटर² ($J/m^2$)
3. प्लांक नियतांक (Planck's Constant): जूल-सेकंड ($J \cdot s$) या किग्रा·मीटर²·सेकंड$^{-1}$ ($kg \cdot m^2 \cdot s^{-1}$)
4. चुंबकीय फ्लक्स (Magnetic Flux): वेबर ($Wb$) या टेस्ला-मीटर² ($T \cdot m^2$)
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से सुमेलित हैं?
→
क्षार का स्वाद कैसा होता है?
→
प्रकाशिकी (Optics) के अंतर्गत गोलीय लेंसों और उनके अपवर्तन गुणों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जब किसी उत्तल लेंस (Convex lens) को ऐसे द्रव में डुबोया जाता है जिसका अपवर्तनांक लेंस के पदार्थ के अपवर्तनांक से अधिक होता है, तो लेंस की फोकस दूरी ऋणात्मक हो जाती है और उसकी अभिसारी (Converging) प्रकृति बदलकर अपसारी (Diverging) हो जाती है।
2. एक समतल-उत्तल लेंस (Plano-convex lens) की वक्रता त्रिज्या $R$ है और उसके कांच का अपवर्तनांक $\mu = 1.5$ है, तो लेंस निर्माता सूत्र (Lens maker's formula) के अनुसार इसकी फोकस दूरी का मान ठीक $R$ के बराबर होता है।
3. लेंस की क्षमता (Power of a lens) सीधे उसकी फोकस दूरी के व्युत्क्रमानुपाती होती है और इसे मीटर में व्यक्त फोकस दूरी के पदों में मापा जाता है, जिसका एसआई मात्रक डायोप्टर ($D$) होता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.