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General Science
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भौतिक राशियों की विमाओं (Dimensions) और मापन की प्रणालियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. किसी भौतिक राशि का विमीय सूत्र (Dimensional Formula) यह प्रदर्शित करता है कि उस राशि में मूल भौतिक राशियों की क्या घातें शामिल हैं, और दो अलग-अलग भौतिक राशियों का विमीय सूत्र समान होने पर भी उनका एसआई (SI) मात्रक भिन्न हो सकता है, जैसे कार्य और बल आघूर्ण।
- 2. 'पारसेक' (Parsec) खगोलीय दूरियों को मापने की सबसे बड़ी व्यावहारिक इकाई है, जो उस दूरी के बराबर होती है जिस पर पृथ्वी की कक्षा की औसत त्रिज्या (1 खगोलीय इकाई) एक आर्क-सेकंड का कोण बनाती है।
- 3. जल के त्रिक बिंदु (Triple Point) के उष्मागतिक तापमान के $1/273.16$वें भाग को केल्विन (Kelvin) की मूल इकाई के रूप में परिभाषित किया जाता है, और यह माप तापमान के साथ-साथ दाब पर भी निर्भर करती है।
- 4. किसी प्रयोग में मापन की त्रुटियों के संयोजन (Combination of Errors) के नियम के अनुसार, यदि कोई भौतिक राशि $Z = \frac{A^2 B^{1/2}}{C}$ के रूप में संबंधित है, तो उस राशि में अधिकतम आनुपेक्षिक त्रुटि (Relative Error) $\frac{\Delta Z}{Z} = 2\frac{\Delta A}{A} + \frac{1}{2}\frac{\Delta B}{B} + \frac{\Delta C}{C}$ होगी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि कार्य (Work) और बल आघूर्ण (Torque) दोनों का विमीय सूत्र $[ML^2T^{-2}]$ एक ही है, परंतु कार्य का एसआई मात्रक जूल (Joule) और बल आघूर्ण का मात्रक न्यूटन-मीटर (N-m) होता है। कथन 2 सही है; पारसेक (Parsec) दूरी की सबसे बड़ी खगोलीय इकाई है (1 पारसेक = $3.08 \times 10^{16}$ मीटर)। कथन 3 गलत है क्योंकि जल के त्रिक बिंदु का तापमान केवल उष्मागतिक तापमान पर आधारित है, यह दाब पर निर्भर नहीं करता (त्रिक बिंदु पर दाब भी निश्चित होता है, लेकिन परिभाषा तापमान के विशिष्ट अंश पर आधारित है)। कथन 4 त्रुटि विश्लेषण (Error Analysis) के नियमों के अनुसार बिल्कुल सही है, जहाँ घातें गुणांक के रूप में जुड़ जाती हैं। विकिपीडिया संदर्भ
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कार्बनिक रसायन में हाइड्रोकार्बन और ईंधन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. एल्केन्स (Alkanes) के दहन के दौरान, कार्बन श्रृंखला की लंबाई बढ़ने पर प्रति मोल उत्पन्न होने वाली ऊष्मा की मात्रा में क्रमिक वृद्धि होती है, और असंतृप्त हाइड्रोकार्बन (ऐल्कीन और ऐल्काइन) अपने उच्च कार्बन-से-हाइड्रोजन अनुपात के कारण संतृप्त हाइड्रोकार्बन की तुलना में अधिक धुएँ वाली (Sooty) ज्वाला के साथ जलते हैं।
2. पेट्रोल की दहन गुणवत्ता को व्यक्त करने के लिए 'ऑक्टेन संख्या' (Octane number) का उपयोग किया जाता है, जिसमें उच्च प्रस्फोटन-रोधी (Anti-knock) गुण वाले 'एन-हेप्टेन' को 100 और 'आइसो-ऑक्टेन' (2,2,4-ट्राइमेथिलपेंटेन) को 0 मान दिया जाता है।
3. द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (LPG) का मुख्य संगठन प्रोपेन और ब्यूटेन का मिश्रण होता है, और इसमें गैस रिसाव का आसानी से पता लगाने के लिए तीव्र गंध वाले यौगिक 'इथाइल मर्कैप्टेन' (Ethanethiol) को मिलाया जाता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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कृत्रिम उपग्रहों की कक्षीय गति और भारहीनता की स्थिति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी उपग्रह की कक्षीय चाल ($v_o$) पृथ्वी की त्रिज्या ($R$) और गुरुत्वीय त्वरण ($g$) पर निर्भर करती है और यह उपग्रह के द्रव्यमान पर बिल्कुल निर्भर नहीं करती है, जिसका अर्थ है कि भिन्न-भिन्न द्रव्यमान के उपग्रह भी यदि समान कक्षा में हों तो उनकी चाल समान होगी।
2. यदि पृथ्वी की सतह के बहुत समीप परिक्रमा करने वाले किसी उपग्रह की कक्षीय चाल को उसके वर्तमान मान से अचानक $\sqrt{2}$ गुना (या लगभग 41%) बढ़ा दिया जाए, तो वह उपग्रह पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र को पार कर जाएगा और पलायन कर जाएगा।
3. पृथ्वी के चारों ओर दीर्घवृत्तीय कक्षा में परिक्रमा कर रहे उपग्रह का कोणीय संवेग संरक्षित रहता है, क्योंकि पृथ्वी द्वारा उपग्रह पर लगने वाला गुरुत्वाकर्षण बल एक केंद्रीय बल है जिसके कारण केंद्र के परितः बल आघूर्ण (Torque) शून्य होता है।
4. उपग्रह के भीतर बैठे अंतरिक्ष यात्री को 'भारहीनता' (Weightlessness) का अनुभव इसलिए होता है क्योंकि उपग्रह और उसमें स्थित यात्री दोनों पृथ्वी के केंद्र की ओर समान त्वरण से मुक्त पतन (Free fall) की स्थिति में होते हैं, जिससे यात्री द्वारा फर्श पर लगने वाला अभिलंब बल शून्य हो जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
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मानव शरीर की सबसे बड़ी ग्रंथि कौन सी है?
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अप्रगामी तरंगों (Stationary Waves) और ध्वनि की चाल के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. एक खुले आर्गन पाइप (Open organ pipe) में सभी संनादी (Harmonics) अर्थात मूल आवृत्ति के पूर्ण गुणज आवृत्तियाँ उत्पन्न होती हैं, जबकि बंद आर्गन पाइप (Closed organ pipe) में केवल विषम संनादी (Odd harmonics) ही उत्पन्न होते हैं।
2. किसी गैस में ध्वनि की चाल उस गैस के घनत्व के वर्गमूल के सीधे आनुपातिक होती है, जिसका अर्थ है कि भारी गैसों में ध्वनि की चाल हल्की गैसों की तुलना में हमेशा अधिक होती है।
3. जब कोई ध्वनि तरंग एक माध्यम से दूसरे माध्यम में प्रवेश करती है, तो उसकी आवृत्ति (Frequency) और तरंगदैर्ध्य (Wavelength) दोनों अपरिवर्तित रहते हैं, जबकि उसका वेग बदल जाता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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मानव शरीर में उत्पन्न होने वाले विभिन्न संक्रामक रोगों, उनके रोगजनकों और संचरण तंत्र के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'टिटनेस' (Tetanus) एक जीवाणु जनित रोग है जो 'क्लॉस्ट्रेडियम टिटानी' (Clostridium tetani) के कारण होता है, और इसके बीजाणु मिट्टी या जंग लगी वस्तुओं के माध्यम से शरीर में प्रवेश कर केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करते हैं तथा पेशियों में तीव्र ऐंठन (Spasms) उत्पन्न करते हैं।
2. 'काली खांसी' (Pertussis) जिसे व्हूपिंग कफ भी कहा जाता है, 'बर्डेटेल्ला पर्टुसिस' (Bordetella pertussis) नामक ग्राम-ऋणात्मक जीवाणु के कारण होती है, जो मुख्य रूप से श्वसन मार्ग की उपकला को संक्रमित करती है।
3. 'ट्रैकोमा' (Trachoma) एक नेत्र संक्रमण है जो 'क्लैमाइडिया ट्रैकोमैटिस' (Chlamydia trachomatis) नामक सूक्ष्मजीव के कारण होता है, और यह कॉर्निया तथा कंजंक्टिवा को गंभीर रूप से नुकसान पहुँचाकर अंधेपन का कारण बन सकता है।
4. 'लेप्रोसी' या कुष्ठ रोग 'माइकोबैक्टीरियम लेप्री' नामक जीवाणु के कारण होता है, जो अत्यधिक संक्रामक होने के कारण श्वसन बूंदों के माध्यम से बहुत ही अल्प समय में स्वस्थ मनुष्यों में फैल जाता है और मुख्य रूप से केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को नष्ट करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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