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General Science
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सुकेन्द्रिक (Eukaryotic) कोशिकाओं के भीतर माइटोकॉन्ड्रिया और हरित लवक (Chloroplast) जैसे अर्ध-स्वायत्त (Semi-autonomous) कोशिकांगों तथा उनके प्रोटीन संघटन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. माइटोकॉन्ड्रिया और क्लोरोप्लास्ट दोनों में उनका अपना स्वयं का वृत्ताकार (Circular) डीएनए, 70S प्रकार के राइबोसोम और आरएनए संश्लेषण के लिए आवश्यक मशीनरी पाई जाती है, जिसके कारण वे अपने कुछ प्रोटीनों का स्वतंत्र रूप से संश्लेषण कर सकते हैं।
- 2. इन कोशिकांगों में पाए जाने वाले अधिकांश प्रोटीनों का संश्लेषण केंद्रकीय जीनोम द्वारा कोडित होता है, जो कोशिका द्रव्य के 80S राइबोसोम पर संश्लेषित होने के बाद विशिष्ट लक्ष्यीकरण संकेतों (Targeting signals) के माध्यम से इन अंगकों के भीतर आयातित किए जाते हैं।
- 3. माइटोकॉन्ड्रियल मैट्रिक्स में होने वाले 'क्रेब्स चक्र' (Krebs cycle) के सभी एंजाइम माइटोकॉन्ड्रियल डीएनए द्वारा ही कोडित और उसी अंगक के भीतर संश्लेषित होते हैं, केंद्रकीय डीएनए की इसमें कोई भूमिका नहीं होती है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि माइटोकॉन्ड्रिया और हरित लवक (Chloroplast) अर्ध-स्वायत्त कोशिकांग हैं जिनके पास अपना स्वयं का वृत्ताकार डीएनए और प्रोटीन संश्लेषण के लिए 70S राइबोसोम होते हैं। कथन 2 भी सही है; हालांकि इन अंगकों के पास अपना डीएनए होता है, फिर भी उनके अधिकांश आवश्यक प्रोटीन नाभिक (Nucleus) के डीएनए द्वारा कोडित होते हैं, जो कोशिका द्रव्य में 80S राइबोसोम पर बनते हैं और बाद में अंगक के भीतर आयात (Import) किए जाते हैं। कथन 3 गलत है क्योंकि सक्सीनेट डिहाइड्रोजनोज को छोड़कर क्रेब्स चक्र (TCA cycle) के अधिकांश एंजाइमों के लिए जीन केंद्रकीय डीएनए द्वारा कोडित होते हैं, न कि माइटोकॉन्ड्रियल डीएनए द्वारा। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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बॉयल नियम?
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अनुदैर्ध्य तरंगों (Longitudinal Waves) और अनुप्रस्थ तरंगों (Transverse Waves) की प्रकृति तथा ध्वनि तरंगों के संचरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वायु में ध्वनि तरंगों का संचरण एक रुद्धोष्म (Adiabatic) प्रक्रिया है, जिसकी गणना सर्वप्रथम लाप्लास ने न्यूटन के इस त्रुटिपूर्ण सूत्र में संशोधन करके की थी कि यह प्रक्रिया समतापीय (Isothermal) होती है।
2. किसी गैस में ध्वनि की चाल गैस के घनत्व के वर्गमूल के व्युत्क्रमानुपाती होती है, जबकि दाब में परिवर्तन करने पर गैस में ध्वनि की चाल पर सीधा प्रभाव पड़ता है क्योंकि दाब और घनत्व का अनुपात नियत रहता है।
3. अनुप्रस्थ तरंगों का निर्माण केवल उन्हीं माध्यमों में संभव है जिनमें अपरूपण प्रतिरोधी (Shear Resistance) गुण विद्यमान हो, और यही कारण है कि अनुप्रस्थ तरंगें गैसों के भीतर संचरित नहीं हो सकती हैं क्योंकि गैसों में अपरूपण प्रत्यास्थता (Shear Modulus) शून्य होती है।
4. जब ध्वनि तरंग एक माध्यम से दूसरे माध्यम में प्रवेश करती है, तो उसकी आवृत्ति और तरंगदैर्ध्य दोनों अपरिवर्तित रहते हैं, जबकि माध्यम के घनत्व और प्रत्यास्थता में भिन्नता के कारण उसकी चाल और आयाम में परिवर्तन हो जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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विद्युत धारा, प्रतिरोध और परिपथ (Circuit) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी चालक तार का प्रतिरोध ($R$) उसकी लंबाई ($l$) के सीधे आनुपातिक और उसके अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल ($A$) के व्युत्क्रमानुपाती होता है, तथा प्रतिरोधकता ($
ho$) केवल पदार्थ की प्रकृति और तापमान पर निर्भर करती है, उसके आयामों पर नहीं।
2. किर्चॉफ का प्रथम नियम (संधि नियम या KCL) आवेश संरक्षण के सिद्धांत पर आधारित है, जिसके अनुसार किसी भी संधि पर मिलने वाली सभी विद्युत धाराओं का बीजगणितीय योग शून्य होता है।
3. किर्चॉफ का द्वितीय नियम (लूप नियम या KVL) ऊर्जा संरक्षण के सिद्धांत पर आधारित है, जो यह बताता है कि किसी बंद विद्युत परिपथ के चारों ओर विभव परिवर्तनों का बीजगणितीय योग लागू किए गए कुल विद्युत वाहक बल (EMF) के बराबर होता है।
4. श्रेणीक्रम (Series combination) में जुड़े प्रतिरोधकों का तुल्य प्रतिरोध परिपथ के सबसे बड़े व्यक्तिगत प्रतिरोध से भी अधिक होता है, और इस संयोजन में प्रत्येक प्रतिरोधक से प्रवाहित होने वाली विद्युत धारा का मान भिन्न-भिन्न होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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जीन नियमन (Gene Regulation) और आनुवंशिक कूट (Genetic Code) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. प्रोकैरियोट्स में 'लैक ऑपेरॉन' (Lac Operon) एक ऋणात्मक रूप से विनियमित नियंत्रक प्रणाली का उदाहरण है, जिसमें लैक्टोज की अनुपस्थिति में 'दमनकारी प्रोटीन' (Repressor protein) ऑपरेटर जीन से जुड़कर अनुलेखन (Transcription) को रोकता है।
2. आनुवंशिक कूट 'अतिच्छादित' (Overlapping) होते हैं, जिसका अर्थ है कि एक ही न्यूक्लियोटाइड का उपयोग एक से अधिक क्रमिक कोडॉनों के निर्माण के लिए किया जा सकता है, जिससे उत्परिवर्तन का प्रभाव पूरे पॉलीपेप्टाइड पर पड़ता है।
3. 'यूकैरियोटिक आनुवंशिक अभिव्यक्ति' में, आरएनए संख्लेषण के पश्चात 'स्प्लिसिंग' (Splicing) प्रक्रिया के दौरान अकोडिंग क्षेत्रों (इंट्रॉन्स) को हटा दिया जाता है और कोडिंग क्षेत्रों (एक्सॉन्स) को आपस में जोड़ा जाता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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pH 7 से अधिक?
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