BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

General Science
9 views

मानव पोषण और जैव अणुओं (कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन तथा विटामिन) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. विटामिन $B_{12}$ (सायनोकोबलामिन) एकमात्र ऐसा जल-विलेय विटामिन है जिसमें कोबाल्ट धातु आयन उपस्थित होता है, और इसका भंडारण यकृत में कई वर्षों तक हो सकता है, जबकि अन्य अधिकांश जल-विलेय विटामिन शरीर में संचित नहीं होते और मूत्र के साथ उत्सर्जित हो जाते हैं।
  2. 2. आवश्यक अमीनो अम्ल (Essential amino acids) वे अमीनो अम्ल हैं जिनका संश्लेषण मानव शरीर के भीतर पर्याप्त मात्रा में नहीं हो सकता, इसलिए उन्हें आहार के माध्यम से लेना अनिवार्य होता है; उदाहरण के लिए, वैलीन, ल्यूसिन और फेनिलएलनिन आवश्यक अमीनो अम्ल की श्रेणी में आते हैं।
  3. 3. कार्बोहाइड्रेट के संदर्भ में, 'सेलूलोज' एक शाखित पॉलिसैराइड है जो ग्लूकोज की $\alpha$-डी-इकाइयों ($\alpha$-D-glucose) के ग्लाइकोसिडिक बंधों द्वारा जुड़ने से बनता है, और मानव पाचन तंत्र में इसे पचाने वाले एंजाइम (सेल्युलेज) की अनुपस्थिति के कारण यह ऊर्जा स्रोत के रूप में कार्य नहीं कर पाता।
  4. 4. विटामिन डी एक वसा-विलेय विटामिन है जो प्रो-विटामिन के रूप में त्वचा में उपस्थित 7-डिडहाइड्रोकोलेस्टेरॉल पर पराबैंगनी किरणों के प्रभाव से संश्लेषित होता है, तथा सक्रिय हॉर्मोन के रूप में यह आंत से कैल्शियम और फॉस्फेट के अवशोषण को नियंत्रित करता है, जिसके बारे में विस्तृत जानकारी विकिपीडिया संदर्भ में दी गई है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि विटामिन $B_{12}$ (सायनोकोबलामिन) एक जल-विलेय विटामिन है जिसमें कोबाल्ट पाया जाता है और यह यकृत में संचित हो सकता है। कथन 2 सही है क्योंकि वैलीन, ल्यूसिन और फेनिलएलनिन मानव शरीर के लिए आवश्यक (Essential) अमीनो अम्ल हैं जिनका संश्लेषण शरीर स्वयं नहीं कर सकता। कथन 3 गलत है क्योंकि 'सेलूलोज' एक **अशाखित (Unbranched) पॉलिसैराइड** है जो ग्लूकोज की **$\beta$-डी-इकाइयों** ($\beta$-D-glucose) से मिलकर बनता है, न कि $\alpha$-डी-इकाइयों से। कथन 4 सही है क्योंकि विटामिन डी वसा-विलेय है और त्वचा में 7-डिडहाइड्रोकोलेस्टेरॉल से पराबैंगनी किरणों द्वारा बनता है, जो कैल्शियम और फॉस्फेट के नियमन में सहायक है। इस विषय की विस्तृत जानकारी विकिपीडिया संदर्भ में दी गई है।
Share:

Related Questions

प्रकाशिकी (Optics) के सिद्धांतों और लेंस-दर्पण के व्यवहार के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. जब किसी उत्तल लेंस (Convex lens) को ऐसे पारदर्शी द्रव में डुबोया जाता है जिसका अपवर्तनांक लेंस के पदार्थ के अपवर्तनांक से अधिक होता है, तो लेंस की अभिसारी प्रकृति (Converging nature) उलट जाती है और वह एक अपसारी लेंस (Diverging lens) की भाँति व्यवहार करने लगता है। 2. अवतल दर्पण के सामने वस्तु को उसके वक्रता केंद्र और फोकस के बीच रखने पर उसका वास्तविक, उल्टा और वस्तु से बड़ा प्रतिबिंब वक्रता केंद्र के परे (बाहर) बनता है। 3. पूर्ण आंतरिक परावर्तन (Total Internal Reflection) की परिघटना के लिए प्रकाश की किरण का विरल माध्यम से सघन माध्यम में जाना अनिवार्य है, तथा आपतन कोण का मान माध्यम के क्रांतिक कोण से अधिक होना चाहिए। 4. सरल सूक्ष्मदर्शी (Simple Microscope) मूलतः एक कम फोकस दूरी का उत्तल लेंस होता है, जिसके द्वारा बना अंतिम प्रतिबिंब आभासी, सीधा और आवर्धित होता है, बशर्ते वस्तु को लेंस के प्रकाशिक केंद्र और उसके मुख्य फोकस के बीच रखा जाए। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? शेर? प्रकाशिक तंतु (Optical Fiber) किस सिद्धांत पर कार्य करता है? किसी तत्व की विद्युत ऋणात्मकता आवर्त सारणी में बाएं से दाएं जाने पर क्या होती है? मानव रोगों, उनके संचरण के माध्यम और उनके उपचार के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'ट्यूबरकुलोसिस' (Tuberculosis) एक जीवाणु जनित संक्रमण है जो माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस के कारण होता है, और इसके उपचार के लिए 'डॉट्ज़' (DOTS) प्रणाली के अंतर्गत आइसोनियाज़िड और रिampिनपिसिन जैसी औषधियाँ दी जाती हैं। 2. 'एड्स' (AIDS) एक विषाणु जनित संक्रामक रोग है जिसका कारक एचआईवी (HIV) एक रेट्रोवाइरस है, जो मुख्य रूप से शरीर की सहायक टी-लिम्फोसाइट्स ($CD4^+$ T cells) को नष्ट करके प्रतिरक्षा तंत्र को गंभीर रूप से पंगु बना देता है। 3. 'मलेरिया' प्लाज्मोडियम परजीवी के कारण होता है, जिसका संचरण मादा एनाफिलीज मच्छर द्वारा होता है, और यह परजीवी अपने जीवन चक्र का अलैंगिक चरण मानव यकृत कोशिकाओं में पूरा करता है। 4. 'रेबीज' एक तीव्र विषाणु जनित केंद्रीय तंत्रिका तंत्र का रोग है जो संक्रमित कुत्तों या चमगादड़ों के काटने से लार के माध्यम से फैलता है, और इस रोग के प्रकट होने पर इसकी मृत्यु दर लगभग शून्य होती है, जिसके बारे में विस्तृत जानकारी विकिपीडिया संदर्भ में दी गई है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.