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General Science
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प्रकाशिक तंतु (Optical Fiber) किस सिद्धांत पर कार्य करता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
TIR के कारण सिग्नल नष्ट नहीं होता।
Related Questions
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परमाणु संरचना और क्वांटम यांत्रिकी के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बोहर के परमाणु मॉडल के अनुसार, इलेक्ट्रॉन नाभिक के चारों ओर केवल उन्हीं निश्चित वृत्ताकार कक्षाओं में चक्कर लगा सकते हैं जिन्हें 'स्थिर कक्षाएँ' कहा जाता है, और इन कक्षाओं में घूमते समय इलेक्ट्रॉन ऊर्जा का विकिरण नहीं करते हैं।
2. सोमरफेल्ड के परमाणु मॉडल ने बोर के सिद्धांत में संशोधन करते हुए यह जोड़ा कि इलेक्ट्रॉन नाभिक के चारों ओर केवल वृत्ताकार कक्षाओं में ही नहीं, बल्कि विभिन्न दीर्घवृत्ताकार (Elliptical) कक्षाओं में भी गति कर सकते हैं, जिसके कारण दिगंशी क्वांटम संख्या का उद्भव हुआ।
3. क्वांटम संख्या 'चुंबकीय क्वांटम संख्या' ($m$) अंतरिक्ष में कक्षक के विन्यास (Orientation) को दर्शाती है, और इसका मान मुख्य क्वांटम संख्या ($n$) पर निर्भर नहीं करता है, बल्कि यह पूरी तरह से दिगंशी क्वांटम संख्या ($l$) के मानों पर निर्भर करता है।
4. किसी बहु-इलेक्ट्रॉन परमाणु में कक्षकों के भरने का क्रम 'आफबाऊ नियम' (Aufbau principle) के अनुसार ऊर्जा के बढ़ते क्रम में होता है, जिसे निर्धारित करने के लिए $(n+l)$ नियम का उपयोग किया जाता है, जहाँ समान $(n+l)$ मान होने पर कम $n$ मान वाले कक्षक को पहले भरा जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
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धातुओं का राजा किसे कहा जाता है?
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विद्युत चुंबकीय प्रेरण और चुम्बकत्व के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. फैराडे के विद्युत चुंबकीय प्रेरण के नियम के अनुसार, किसी बंद कुंडली में प्रेरित विद्युत वाहक बल (emf) का परिमाण उस कुंडली से संबंधित चुंबकीय फ्लक्स के परिवर्तन की समय-दर के अनुक्रमानुपाती होता है।
2. लेंज का नियम ऊर्जा संरक्षण के सिद्धांत के अनुकूल है, जो यह बताता है कि प्रेरित धारा की दिशा हमेशा उस कारण का विरोध करती है जिसके कारण वह उत्पन्न होती है।
3. स्वप्रेरकत्व (Self-inductance) का एसआई मात्रक 'वेबर' है, और यह किसी कुंडली का वह गुण है जिसके द्वारा वह अपने अंदर प्रवाहित होने वाली धारा के मान में होने वाले परिवर्तन का विरोध करती है।
4. भंवर धाराएँ (Eddy currents) किसी चालक के भीतर तब उत्पन्न होती हैं जब उसे किसी परिवर्तित चुंबकीय क्षेत्र में रखा जाता है, और इनका उपयोग प्रेरण भट्टी (Induction furnace) तथा चुंबकीय ब्रेकिंग में किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
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कृत्रिम उपग्रहों की गति और गुरुत्वाकर्षण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी दीर्घवृत्ताकार कक्षा में चक्कर लगा रहे उपग्रह की कुल ऊर्जा (यांत्रिक ऊर्जा) ऋणात्मक होती है, जो यह दर्शाती है कि उपग्रह पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र से बंधा हुआ है, और दीर्घवृक्ष के अपोजी (Apogee) पर उपग्रह की गतिज ऊर्जा न्यूनतम तथा स्थितिज ऊर्जा अधिकतम होती है।
2. भू-स्थिर उपग्रह (Geostationary satellite) की कक्षीय चाल लगभग 3.07 किमी/सेकंड होती है और यह पृथ्वी की सतह से लगभग 36,000 किमी की ऊँचाई पर पूर्व से पश्चिम की दिशा में पृथ्वी की परिक्रमा करता है।
3. जब कोई उपग्रह पृथ्वी के वायुमंडल में पुनः प्रवेश करता है, तो वायुमंडलीय घर्षण के कारण अत्यधिक ऊष्मा उत्पन्न होती है, जिसका मुख्य कारण उपग्रह की उच्च गतिज ऊर्जा का तापीय ऊर्जा में रूपांतरण है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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मानव रक्त परिसंचरण तंत्र और रक्त समूहों की जटिल क्रियाविधि के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. आरएच कारक (Rh factor), जो कि एक एरिथ्रोसाइट झिल्ली पर स्थित एंटीजन है, की अनुपस्थिति (Rh negative) वाले व्यक्ति में Rh positive रक्त के पहली बार संपर्क में आने पर तुरंत गंभीर आधान प्रतिक्रिया (Hemolytic transfusion reaction) होती है क्योंकि शरीर में पहले से ही प्राकृतिक रूप से Rh एंटीबॉडी मौजूद होते हैं।
2. एरिथ्रोब्लास्टोसिस फिटलिस (Erythroblastosis fetalis) की स्थिति तब उत्पन्न होती है जब एक Rh-negative गर्भवती महिला दूसरी बार Rh-positive भ्रूण को गर्भ में धारण करती है, जिससे माँ के शरीर में बने एंटी-Rh IgG एंटीबॉडी प्लेसेंटा को पार करके भ्रूण के लाल रक्त कणिकाओं को नष्ट करने लगते हैं।
3. 'बॉम्बे ब्लड ग्रुप' ($O_h$ फेनोटाइप) वाले व्यक्तियों की लाल रक्त कोशिकाओं पर 'H' एंटीजन अनुपस्थित होता है, जिसके कारण वे किसी भी सामान्य ABO रक्त समूह (जैसे A, B, AB, O) से रक्त प्राप्त नहीं कर सकते और उन्हें केवल दूसरे बॉम्बे रक्त समूह से ही रक्त लेना पड़ता है।
4. रक्त का थक्का बनने की प्रक्रिया में, थ्रॉम्बोप्लास्टिन (Thromboplastin) और कैल्शियम आयनों की उपस्थिति में प्रोथ्रोम्बिन का सक्रिय थ्रॉम्बिन में रूपांतरण होता है, जो अंततः घुलनशील फाइब्रिनोजेन को अघुलनशील फाइब्रिन जाल में बदलता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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