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पादप जगत के वर्गीकरण, प्रकाश संश्लेषण के तंत्र और पादप हार्मोन्स के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. ब्रायोफाइट्स को पादप जगत का 'उभयचर' कहा जाता है क्योंकि वे मृदा में जीवित रह सकते हैं, किंतु निषेचन के लिए उन्हें जल की अनिवार्यता होती है, और इनमें मुख्य पादप शरीर गेमेटोफाइट (युग्मकोद्भिद्) होता है जो स्वतंत्र होता है।
  2. 2. C4 पौधों में प्रकाश संश्लेषण की दर C3 पौधों की तुलना में अधिक होती है क्योंकि इनमें प्रकाश श्वसन (Photorespiration) की दर नगण्य होती है, और कार्बन डाइऑक्साइड का प्राथमिक स्थिरीकरण मेसोफिल कोशिकाओं में PEP कार्बोक्सिलेज एंजाइम द्वारा होता है।
  3. 3. 'जिबरेलिन' (Gibberellin) एक ऐसा पादप हार्मोन है जो आनुवंशिक रूप से बौने पौधों में पर्वो (Internodes) की लंबाई को बढ़ाकर तने के दीर्घीकरण को प्रेरित करता है, तथा बीजों की प्रसुप्तति को समाप्त कर एमाइलेज एंजाइम के संश्लेषण को उद्दीप्त करता है।
  4. 4. प्रकाश संश्लेषण के 'प्रकाशिक अभिक्रिया' (Light reaction) के दौरान थाइलाकोइड झिल्ली में जल के प्रकाשיय अपघटन (Photolysis) से ऑक्सीजन, प्रोटॉन और इलेक्ट्रॉन मुक्त होते हैं, और इस प्रक्रिया के लिए मैंगनीज और क्लोरीन आयनों की आवश्यकता होती है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

दिए गए सभी कथन पादप जगत के वर्गीकरण, प्रकाश संश्लेषण और पादप हार्मोन्स से संबंधित वैज्ञानिक तथ्यों के अनुसार पूर्णतः सत्य हैं। ब्रायोफाइट्स को उभयचर माना जाता है, C4 पौधे फोटोएस्पिरेशन से बचते हैं, जिबरेलिन तने के दीर्घीकरण और प्रसुप्तति भंग करने में सहायक है, और प्रकाशिक अभिक्रिया में जल का अपघटन मैंगनीज व क्लोरीन की उपस्थिति में होता है। विस्तृत अध्ययन के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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