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धातुओं, अधातुओं और उनके यौगिकों के रासायनिक तथा भौतिक गुणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. सोडियम और पोटैशियम जैसी अत्यधिक प्रतिक्रियाशील धातुएँ वायु में खुली रखने पर तुरंत अभिक्रिया कर लेती हैं, इसलिए इन्हें सुरक्षित रखने के लिए किरोसिन (मिट्टी के तेल) में डुबोकर रखा जाता है, जबकि सफेद फॉस्फोरस (एक अधातु) हवा के संपर्क में आने पर स्वतः प्रज्वलित हो जाता है, अतः इसे जल के अंदर संग्रहित किया जाता है।
- 2. 'एक्वा रीजिया' (Aqua Regia) सांद्र हाइड्रोक्लोरिक एसिड और सांद्र नाइट्रिक एसिड का $3:1$ के आयतन अनुपात में ताजा तैयार मिश्रण होता है, जो स्वर्ण (Gold) और प्लैटिनम जैसी उत्कृष्ट धातुओं को भी घोलने की क्षमता रखता है।
- 3. एल्युमिनियम ऑक्साइड ($Al_2O_3$) और जिंक ऑक्साइड ($ZnO$) प्रकृति में उभयधर्मी (Amphoteric) ऑक्साइड होते हैं, अर्थात वे अम्ल और क्षार दोनों के साथ अभिक्रिया करके लवण और जल का निर्माण करते हैं।
- 4. जब तांबे (Copper) के बर्तन को नम वायु में लंबे समय तक खुला छोड़ा जाता है, तो उसकी सतह पर कॉपर कार्बोनेट और कॉपर हाइड्रॉक्साइड का एक हरा मिश्रण जमा हो जाता है, जिसे धातु की 'संक्षारण' या 'झलकता' (Patina) प्रक्रिया कहा जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं। सोडियम और पोटैशियम अत्यधिक क्रियाशील होने के कारण केरोसिन में रखे जाते हैं, जबकि सफेद फॉस्फोरस पानी के अंदर सुरक्षित रखा जाता है। एक्वा रीजिया सांद्र $HCl$ और सांद्र $HNO_3$ का $3:1$ का मिश्रण है जो नोबल धातुओं को भी गला सकता है। $Al_2O_3$ और $ZnO$ उभयधर्मी ऑक्साइड हैं। कॉपर का संक्षारण होने पर हरे रंग की बेसिक कॉपर कार्बोनेट की परत जम जाती है। अधिक जानने के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखें।
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पादप जगत के वर्गीकरण, प्रकाश संश्लेषण के तंत्र और पादप हार्मोन्स के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ब्रायोफाइट्स को पादप जगत का 'उभयचर' कहा जाता है क्योंकि वे मृदा में जीवित रह सकते हैं, किंतु निषेचन के लिए उन्हें जल की अनिवार्यता होती है, और इनमें मुख्य पादप शरीर गेमेटोफाइट (युग्मकोद्भिद्) होता है जो स्वतंत्र होता है।
2. C4 पौधों में प्रकाश संश्लेषण की दर C3 पौधों की तुलना में अधिक होती है क्योंकि इनमें प्रकाश श्वसन (Photorespiration) की दर नगण्य होती है, और कार्बन डाइऑक्साइड का प्राथमिक स्थिरीकरण मेसोफिल कोशिकाओं में PEP कार्बोक्सिलेज एंजाइम द्वारा होता है।
3. 'जिबरेलिन' (Gibberellin) एक ऐसा पादप हार्मोन है जो आनुवंशिक रूप से बौने पौधों में पर्वो (Internodes) की लंबाई को बढ़ाकर तने के दीर्घीकरण को प्रेरित करता है, तथा बीजों की प्रसुप्तति को समाप्त कर एमाइलेज एंजाइम के संश्लेषण को उद्दीप्त करता है।
4. प्रकाश संश्लेषण के 'प्रकाशिक अभिक्रिया' (Light reaction) के दौरान थाइलाकोइड झिल्ली में जल के प्रकाשיय अपघटन (Photolysis) से ऑक्सीजन, प्रोटॉन और इलेक्ट्रॉन मुक्त होते हैं, और इस प्रक्रिया के लिए मैंगनीज और क्लोरीन आयनों की आवश्यकता होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मानव रोगों और उनके सूक्ष्मजीवतीय कारकों (Pathogens) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'ट्यूबरकुलोसिस' (तपेदिक) एक जीवाणु जनित रोग है जो माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस (Mycobacterium tuberculosis) के कारण होता है, और इसके उपचार के लिए डॉट्स (DOTS) प्रणाली के अंतर्गत रिफैम्पिसिन और आइसोनियाज़िड जैसी औषधियां दी जाती हैं।
2. 'रेबीज' (Hydrophobia) एक विषाणु जनित तंत्रिका संबंधी घातक रोग है जो लाइساवायरस (Lyssavirus) के संक्रमण से होता है, और यह केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है।
3. 'एड्स' (AIDS) उत्पन्न करने वाला ह्यूमन इम्युनोडेफिशिएंसी वायरस (HIV) एक रेट्रोवायरस है जो शरीर की CD4+ T-लिम्फोसाइट्स कोशिकाओं को नष्ट कर प्रतिरक्षा तंत्र को कमजोर करता है, और इसके संचरण का मुख्य माध्यम केवल दूषित जल और भोजन का सेवन है।
4. 'मलेरिया' प्लासमोडियम प्रजाति के परजीवी प्रोटोजोआ के कारण होता है, जिसका संचरण मादा एनाफिलिस मच्छर द्वारा होता है, तथा इस परजीवी का जीवन चक्र मानव और मच्छर दोनों में पूर्ण होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मानव रक्त परिसंचरण तंत्र और रक्त समूहों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ABO रक्त समूह प्रणाली में, आरबीसी की सतह पर मौजूद एंटीजन (एग्लुटिनोजेन) के प्रकार के आधार पर रक्त समूह निर्धारित होते हैं, और रक्त समूह 'O' वाले व्यक्ति के प्लाज्मा में एंटी-A और एंटी-B दोनों प्राकृतिक एंटीबॉडी (एग्लुटिनिन) उपस्थित होते हैं।
2. 'Rh कारक' (Rhesus factor) से जुड़ी 'गर्भभ्रूण रक्ताणुकोशाकता' (Erythroblastosis fetalis) की स्थिति केवल तब उत्पन्न होती है जब एक Rh-धनात्मक (Rh+) पिता और Rh-ऋणात्मक (Rh-) माता की संतान हो, और यह समस्या सामान्यतः पहले गर्भ के दौरान ही अत्यधिक गंभीर और घातक हो जाती है क्योंकि प्राथमिक प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया तत्काल और प्रबल होती है।
3. मानव हृदय के चालन तंत्र (Conduction System) में, 'साइनोएट्रियल नोड' (SA Node) को हृदय का प्राकृतिक पेसमेकर कहा जाता है, जिससे उत्पन्न होने वाला स्वतः प्रेरणा (authythmic) विद्युत आवेग सबसे पहले आलिंदों को संकुचित करता है और फिर एट्रियोवेंट्रिकुलर नोड (AV Node) से होते हुए निलय तक पहुँचਦਾ है।
4. रक्त का थक्का जमने की प्रक्रिया (Blood Coagulation) में, प्रोथ्रोम्बिन को सक्रिय थ्रॉम्बिन में बदलने के लिए थ्रॉम्बोप्लास्टिन, कैल्शियम आयनों ($Ca^{2+}$) और विटामिन $K$ की उपस्थिति अनिवार्य होती है, और थ्रॉम्बिन अंततः घुलनशील फाइब्रिनोजेन को अघुलनशील फाइब्रिन में परिवर्तित करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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नाभकीय विखंडन (Nuclear Fission) और नाभकीय संलयन (Nuclear Fusion) की प्रक्रियाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. नाभकीय विखंडन के दौरान जब यूरेनियम-235 पर एक मंद न्यूट्रॉन की बौछार की जाती है, तो उत्पन्न होने वाले विखंडन उत्पादों का द्रव्यमान, मूल नाभिक और न्यूट्रॉन के कुल प्रारंभिक द्रव्यमान से थोड़ा अधिक होता है, और यह 'द्रव्यमान क्षति' (Mass defect) ऊर्जा में परिवर्तित होती है।
2. परमाणु रिएक्टर (Nuclear Reactor) में श्रृंखला अभिक्रिया को नियंत्रित करने के लिए उपयोग किए जाने वाले कैडमियम या बोरॉन की छड़ें 'न्यूट्रॉन संचायक' या नियंत्रक छड़ों के रूप में कार्य करती हैं, जो विखंडन प्रक्रिया में उत्पन्न अतिरिक्त न्यूट्रอน को अवशोषित करती हैं।
3. सूर्य और तारों पर ऊर्जा उत्पादन का मुख्य स्रोत नाभकीय संलयन है, जिसमें अत्यधिक उच्च तापमान और दाब पर हाइड्रोजन के नाभिक मिलकर हीलियम का निर्माण करते हैं, और इस प्रक्रिया के लिए आवश्यक प्रारंभिक ऊर्जा अवरोध (Coulomb barrier) को पार करने के लिए उच्च ताप की आवश्यकता होती है।
4. हाइड्रोजन बम (Hydrogen Bomb) अनियंत्रित नाभकीय संलयन के सिद्धांत पर आधारित होता है, और इसके विस्फोट को शुरू करने के लिए अत्यधिक उच्च तापमान की आवश्यकता होती है, जिसे प्राप्त करने के लिए भीतर एक प्राथमिक अनियंत्रित नाभकीय विखंडन बम (Atom bomb) का उपयोग किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पादप जगत के वर्गीकरण, प्रकाश संश्लेषण के तंत्र और पादप हार्मोन्स की क्रियाविधि के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ब्रायोफाइट्स को पादप जगत का 'उभयचर' कहा जाता है क्योंकि ये मृदा में उगते हैं किंतु लैंगिक जनन के लिए जल की उपस्थिति अनिवार्य होती है, और इनमें मुख्य पादप शरीर गेमेटोफाइट (युग्मकोद्भिद्) होता है जो बीजाणुद्भिद (स्पोरोफाइट) पर पोषण के लिए आंशिक रूप से निर्भर रहता है।
2. C3 पौधों की तुलना में C4 पौधों में प्रकाश श्वसन (Photorespiration) की दर नगण्य होती है, जिसका मुख्य कारण यह है कि उनमें रुबिको (RuBisCO) एंजाइम बंडल शीथ कोशिकाओं में उच्च सांद्रता में पाया जाता है जहाँ कार्बन डाइऑक्साइड का सांद्रण मैलिक अम्ल के डीकार्बोक्सिलेशन द्वारा बढ़ जाता है।
3. ऑक्सिन (जैसे IAA) त्रेपोट्रॉपिज्म और फोटोट्रॉपिज्म की क्रियाओं को नियंत्रित करता है, जहाँ प्रकाश के विपरीत दिशा में ऑक्सिन का पार्श्व वितरण अधिक हो जाने के कारण त्रेपोट्रॉपिक वक्रता उत्पन्न होती है, जिसे डार्विन और उनके पुत्र द्वारा कैनरी ग्रास के कोलियोप्टाइल पर किए गए प्रयोगों से समझा गया था।
4. जिबरेलिन (Gibberellin) आनुवंशिक रूप से बौने पौधों में internode (पर्वान्तर) के दीर्घीकरण को प्रेरित करके उनकी लंबाई बढ़ाते हैं, और ये बीज अंकुरण के दौरान एल्यूरोन परत पर प्रभाव डालकर अल्फा-एमाइलेज जैसे हाइड्रोलिटिक एंजाइमों के संश्लेषण को उत्प्रेरित करते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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कोशिका का ऊर्जा गृह किसे कहा जाता है?
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