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मानव रक्त परिसंचरण तंत्र और लसिका तंत्र (Lymphatic System) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. लाल रक्त कोशिकाओं (RBCs) का औसत जीवनकाल लगभग 120 दिन होता है, जिसके पश्चात पुरानी और क्षतिग्रस्त आरबीसी का मुख्य रूप से प्लीहा (Spleen) में विघटन होता है, जिसे 'आरबीसी का कब्रिस्तान' भी कहा जाता है।
  2. 2. 'लसिका' (Lymph) रक्त प्लाज्मा के समान ही एक तरल है जिसमें लाल रक्त कोशिकाएं और रक्त प्लेटलेट्स नहीं होते हैं, किंतु इसमें श्वेत रक्त कोशिकाएं (विशेषकर लिंफोसाइट्स) प्रचुर मात्रा में पाई जाती हैं, और यह आंतों से वसा के अवशोषण में मुख्य भूमिका निभाता है।
  3. 3. वयस्क मानव शरीर में रक्त दाब (Blood Pressure) के नियमन में 'रेनिन्-एंजियोटेंसिन-एल्डोस्टेरोन प्रणाली' (RAAS) अत्यधिक महत्वपूर्ण है, जिसमें वृक्क (Kidney) द्वारा स्रावित 'रेनिन' एंजाइम रक्त में मौजूद एंजियोटेंसिनोजेन को एंजियोटेंसिन-I में परिवर्तित करता है, जिससे अंततः रक्तचाप और सोडियम का पुनravsorption बढ़ता है।
  4. 4. मानव शरीर में हृदय की विद्युत गतिविधि को रिकॉर्ड करने के लिए उपयोग किए जाने वाले इलेक्ट्रोकार्डियोग्राफ (ECG) में, 'QRS कॉम्प्लेक्स' आलिंदों के ध्रुवीकरण (Atrial depolarization) को दर्शाता है, जबकि 'T-वेव' निलयों के पुनर्व्रुवीकरण (Ventricular repolarization) का प्रतिनिधित्व करती है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

दिए गए कथनों में से कथन 1, 2 और 3 सही हैं, किंतु कथन 4 गलत है। कथन 4 के अनुसार, ECG में 'QRS कॉम्प्लेक्स' आलिंदों के ध्रुवीकरण को नहीं बल्कि 'निलयों के depolarization (संकुचन की शुरुआत)' को दर्शाता है, जबकि आलिंदों का ध्रुवीकरण 'P-वेव' द्वारा प्रदर्शित होता है। लसिका तंत्र और रक्त परिसंचरण तंत्र मानव शरीर के अत्यंत महत्वपूर्ण परिवहन तंत्र हैं। इस विषय के विस्तृत अध्ययन के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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