General Science
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कार्बनिक रसायन में हाइड्रोकार्बन और ईंधन की विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. एल्केन्स (Alkanes) संतृप्त हाइड्रोकार्बन होते हैं जिनमें सभी कार्बन-कार्बन बंध एकल सहसंयोजक बंध (Sigma bonds) होते हैं, और इन्हें 'पैराफिन' (Paraffins) भी कहा जाता है क्योंकि इनकी रासायनिक प्रतिक्रियाशीलता सामान्य परिस्थितियों में बहुत कम होती है।
- 2. 'ऑक्टेन संख्या' (Octane Number) पेट्रोल (गैसोलीन) की प्रस्फोटन-रोधी (Anti-knocking) क्षमता का माप है, जिसमें अत्यधिक प्रस्फोटन उत्पन्न करने वाले 'n-हेप्टेन' को शून्य (0) और उच्च प्रस्फोटन-रोधी गुण वाले 'आइसो-ऑक्टेन' को 100 अंक दिए जाते हैं।
- 3. द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (LPG) मुख्य रूप से प्रोपेन और ब्यूटेन का मिश्रण होती है, और इसे cylinders में गंधहीन रूप में भरा जाता है, जिससे सुरक्षा कारणों से रिसाव का पता लगाने के लिए इसमें एथिल मर्कैप्टेन मिलाया जाता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए तीनों कथन पूरी तरह से सही हैं। एल्केन्स संतृप्त हाइड्रोकार्बन हैं जो सिग्मा बंधों से युक्त होते हैं और इन्हें पैराफिन कहा जाता है। ऑक्टेन रेटिंग गैसोलीन की गुणवत्ता का मानक है जिसमें n-हेप्टेन (0) और आइसो-ऑक्टेन (100) का उपयोग होता है। एलपीजी (LPG) प्रोपेन और ब्यूटेन का मिश्रण है और इसके रिसाव की पहचान के लिए इसमें तीव्र गंध वाला यौगिक एथिल मर्कैप्टेन मिलाया जाता है। इस विषय के विस्तृत अध्ययन के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखा जा सकता है।
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मानव शरीर में कार्बोहाइड्रेट चयापचय, ग्लाइकोजेनेसिस और विभिन्न विटामिनों की जैव रासायनिक भूमिका के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'ग्लाइकोजेनेसिस' (Glycogenesis) वह जैव रासायनिक प्रक्रिया है जिसमें रक्त में ग्लूकोज की अधिकता होने पर यकृत और कंकाल पेशियों में इंसुलिन हॉर्मोन की उपस्थिति में ग्लूकोज के अणुओं को ग्लाइकोजन श्रृंखला में परिवर्तित करके संचित किया जाता है।
2. विटामिन B3 (नियासिन) का सक्रिय सह-एंजाइम रूप NAD+ और NADP+ है, जो कि ग्लाइकोलाइटिक मार्ग और क्रेब्स चक्र के दौरान कई ऑक्सीकरण-अपचयन (Redox) अभिक्रियाओं के लिए अनिवार्य होता है।
3. 'विटामिन K' एक जल में घुलनशील विटामिन है जो यकृत में प्रोथ्रॉम्बिन और अन्य रक्त का थक्का जमाने वाले कारकों के गामा-कार्बोक्सिलेशन के लिए आवश्यक एक अनिवार्य सह-कारक के रूप में कार्य करता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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प्रत्यास्थ संघट्ट (Elastic Collision) और ऊर्जा-संवेग संरक्षण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. द्विविमीय या एकविमीय पूर्णतः प्रत्यास्थ संघट्ट में न केवल निकाय का कुल रैखिक संवेग संरक्षित रहता है, बल्कि संघट्ट के दौरान और उसके पश्चात कुल गतिज ऊर्जा (Total Kinetic Energy) भी पूर्ण रूप से संरक्षित रहती है, और इस प्रक्रिया में यांत्रिक ऊर्जा का क्षय ऊष्मा, ध्वनि या विरूपण के रूप में नहीं होता है।
2. जब समान द्रव्यमान का एक गतिशील पिंड किसी अन्य स्थिर पिंड के साथ आमने-सामने का पूर्णतः प्रत्यास्थ संघट्ट करता है, तो संघट्ट के पश्चात पहला पिंड अपनी गति पूरी तरह से खो देता है और रुक जाता है, जबकि दूसरा पिंड पहले पिंड के प्रारंभिक वेग से आगे बढ़ने लगता है (अर्थात वेगों का पूर्ण आदान-प्रदान होता है)।
3. यदि संघट्ट करने वाले दोनों पिंडों के द्रव्यमान असमान हैं और उनमें से एक अत्यधिक भारी तथा दूसरा अत्यंत हल्का है, तो भारी पिंड के साथ संघट्ट के पश्चात हल्के पिंड की अंतिम चाल भारी पिंड की प्रारंभिक चाल की लगभग आधी हो जाती है, चाहे संघट्ट की प्रकृति कुछ भी हो।
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पादप जगत के वर्गीकरण, प्रकाश संश्लेषण के तंत्र और पादप हॉर्मोन्स की क्रियाविधि के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ब्रायोफाइट्स को पादप जगत का 'उभयचर' (Amphibians) कहा जाता है क्योंकि ये पौधे मृदा में उगते हैं किंतु इन्हें लैंगिक जनन के लिए जल की अनिवार्य आवश्यकता होती है, और इनके मुख्य पादप शरीर में संवहन ऊतक (ज़ाइलम और फ्लोएम) पूर्णतः अनुपस्थित होते हैं।
2. C4 पौधों में प्रकाश संश्लेषण की 'हैच-स्लैग मार्ग' (Hatch-Slack Pathway) प्रक्रिया के दौरान प्राथमिक कार्बन डाइऑक्साइड स्थिरीकरण 'मेसोफिल कोशिकाओं' में फॉस्फोएनाइलपाइरुवेट (PEP) द्वारा होता है, जिससे 4-कार्बन यौगिक ऑक्सोएसेटिक अम्ल (OAA) बनता है।
3. 'एब्सिसिक एसिड' (ABA) एक मुख्य रूप से वृद्धि-प्रेरक (Growth-promoting) पादप हॉर्मोन है जो बीज के प्रसुप्तिकरण (Seed dormancy) को रोकता है और तने की लंबाई में तेजी से दीर्घीकरण (Elongation) को प्रेरित करता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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धातुओं, अधातुओं और उनके यौगिकों की रासायनिक एवं भौतिक विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. सोडियम और पोटैशियम जैसी अत्यधिक प्रतिक्रियाशील क्षार धातुएँ इतनी नरम होती हैं कि इन्हें चाकू से आसानी से काटा जा सकता है, और जल के साथ तीव्र एवं ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया करके ये हाइड्रोजन गैस मुक्त करती हैं।
2. 'एक्वा रीजिया' (Aqua Regia) सांद्र हाइड्रोक्लोरिक अम्ल और सांद्र नाइट्रिक अम्ल का 3:1 के अनुपात में ताजा मिश्रण होता है, जो स्वर्ण और प्लैटिनम जैसी उत्कृष्ट (Noble) धातुओं को भी घोलने की क्षमता रखता है।
3. ग्रेफाइट कार्बन का एक ऐसा क्रिस्टलीय अपरूप है जो विद्युत का कुचालक होता है क्योंकि इसके सभी संयोजी इलेक्ट्रॉन प्रबल सहसंयोजक बंधों द्वारा कार्बन परमाणुओं के बीच स्थानीयकृत (Localized) होते हैं।
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पादप जगत के वर्गीकरण, प्रकाश संश्लेषण के तंत्र और पादप हार्मोन्स की क्रियाविधि के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ब्रायोफाइट्स को पादप जगत का 'उभयचर' कहा जाता है क्योंकि ये मृदा में उगते हैं किंतु लैंगिक जनन के लिए जल की उपस्थिति अनिवार्य होती है, और इनमें मुख्य पादप शरीर गेमेटोफाइट (युग्मकोद्भिद्) होता है जो बीजाणुद्भिद (स्पोरोफाइट) पर पोषण के लिए आंशिक रूप से निर्भर रहता है।
2. C3 पौधों की तुलना में C4 पौधों में प्रकाश श्वसन (Photorespiration) की दर नगण्य होती है, जिसका मुख्य कारण यह है कि उनमें रुबिको (RuBisCO) एंजाइम बंडल शीथ कोशिकाओं में उच्च सांद्रता में पाया जाता है जहाँ कार्बन डाइऑक्साइड का सांद्रण मैलिक अम्ल के डीकार्बोक्सिलेशन द्वारा बढ़ जाता है।
3. ऑक्सिन (जैसे IAA) त्रेपोट्रॉपिज्म और फोटोट्रॉपिज्म की क्रियाओं को नियंत्रित करता है, जहाँ प्रकाश के विपरीत दिशा में ऑक्सिन का पार्श्व वितरण अधिक हो जाने के कारण त्रेपोट्रॉपिक वक्रता उत्पन्न होती है, जिसे डार्विन और उनके पुत्र द्वारा कैनरी ग्रास के कोलियोप्टाइल पर किए गए प्रयोगों से समझा गया था।
4. जिबरेलिन (Gibberellin) आनुवंशिक रूप से बौने पौधों में internode (पर्वान्तर) के दीर्घीकरण को प्रेरित करके उनकी लंबाई बढ़ाते हैं, और ये बीज अंकुरण के दौरान एल्यूरोन परत पर प्रभाव डालकर अल्फा-एमाइलेज जैसे हाइड्रोलिटिक एंजाइमों के संश्लेषण को उत्प्रेरित करते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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कोशिका का ऊर्जा गृह किसे कहा जाता है?
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