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मानव शरीर के पाचन, श्वसन, परिसंचरण और तंत्रिका तंत्र के नियामक एवं क्रियात्मक तंत्रों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. छोटी आंत की श्लेष्मला (Mucosa) द्वारा स्रावित 'एंटेरोकाइनेज' (Enterokinase) एंजाइम अग्नाशयी रस के निष्क्रिय 'ट्रिप्सिनोजेन' को सक्रिय 'ट्रिप्सिन' में परिवर्तित करता है, जो आगे चलकर अन्य प्रोटीएज एंजाइमों को सक्रिय करता है।
- 2. विश्राम की अवस्था में सामान्य वयस्क मनुष्य द्वारा प्रति मिनट अंतःश्वसित या उच्च्वसित वायु की कुल मात्रा 'ज्वारीय आयतन' (Tidal Volume) कहलाती है, जिसका मान लगभग 6000 से 8000 मिलीलीटर प्रति मिनट होता है।
- 3. मानव हृदय के संकुचन के दौरान उत्पन्न होने वाले विद्युत विभवांतर को दर्शाने वाले 'इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम' (ECG) में QRS कॉम्प्लेक्स निलय के ध्रुवण (Ventricular depolarization) को निरूपित करता है, जो निलय के संकुचन की शुरुआत का प्रतीक है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि छोटी आंत के म्यूकोसा से स्रावित एंटेरोकाइनेज (Enterokinase) अग्नाशयी रस के निष्क्रिय ट्रिप्सिनोजेन को सक्रिय ट्रिप्सिन में बदलता है। कथन 2 गलत है क्योंकि 6000 से 8000 मिलीलीटर प्रति मिनट की कुल वायु मात्रा को 'प्रोटोकॉल प्रति मिनट वेंटिलेशन' कहा जाता है, जबकि 'ज्वारीय आयतन' (Tidal Volume) एक बार की सामान्य श्वास में ली गई वायु की मात्रा है जो स्वस्थ मनुष्य में लगभग 500 मिलीलीटर होती है। कथन 3 सही है; ECG में QRS कॉम्प्लेक्स निलय के ध्रुवण (Ventricular depolarization) को दर्शाता है जो निलय के संकुचन को ट्रिगर करता है। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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Related Questions
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ऊष्मागतिकी और तापमापी के सिद्धांतों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ऊष्मागतिकी का शून्यवां नियम (Zeroth Law of Thermodynamics) तापमान की अवधारणा को परिभाषित करता है और यह स्थापित करता है कि यदि दो निकाय किसी तीसरे निकाय के साथ अलग-अलग तापीय साम्यावस्था में हैं, तो वे आपस में भी तापीय साम्य में होंगे।
2. प्लैटिनम प्रतिरोध तापमापी (Platinum Resistance Thermometer) विद्युत प्रतिरोध के तापमान के साथ रैखिक परिवर्तन के सिद्धांत पर कार्य करती है और इसका उपयोग बहुत कम तापमान (-200°C) से लेकर उच्च तापमान (1200°C) तक के परास को मापने के लिए किया जाता है।
3. रुद्धोष्म प्रक्रम (Adiabatic process) के दौरान निकाय और परिवेश के बीच ऊष्मा का आदान-प्रदान शून्य ($Q = 0$) होता है, और यदि किसी आदर्श गैस का रुद्धोष्म रूप से संपीड़न किया जाए, तो उसकी आंतरिक ऊर्जा घटती है जिसके परिणामस्वरूप उसके तापमान में गिरावट आती है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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आनुवंशिकी और जैव विकास (Genetics and Evolution) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हार्डी-वीनबर्ग संतुलन (Hardy-Weinberg equilibrium) के अनुसार, एक बड़े यादृच्छिक रूप से संगामी (randomly mating) जनसंख्या में एलील आवृत्तियाँ (allele frequencies) पीढ़ियों तक स्थिर रहती हैं, बशर्ते कि उस पर उत्परिवर्तन, प्राकृतिक चयन, जीन प्रवाह और आनुवंशिक विचलन (genetic drift) जैसे विकासवादी बल प्रभावी न हों।
2. 'अनुलेखन' (Transcription) के दौरान, डीएनए की केवल एक रज्जु (strand) जिस पर 'एंटीसेंस' या 'टेंपलेट' रज्जु कहा जाता है, आरएनए पोलीमरेज़ द्वारा आरएनए संश्लेषण के लिए खाका के रूप में कार्य करती है, और इसका अनुलेखन हमेशा 5' से 3' दिशा में होता है क्योंकि एंजाइम केवल इसी दिशा में न्यूक्लियोटाइड को जोड़ सकता है।
3. लामार्कवाद (Lamarckism) के विपरीत, डार्विनवाद (Darwinism) और आधुनिक संश्लेषणात्मक सिद्धांत (Modern Synthetic Theory of Evolution) यह प्रतिपादित करते हैं कि जीवन काल में जीवों द्वारा उपार्जित लक्षण (acquired characters) आनुवंशिक रूप से अगली पीढ़ी को हस्तांतरित नहीं होते हैं, बल्कि केवल जनन कोशिकाओं में होने वाले वंशागत परिवर्तन ही जैव विकास का आधार बनते हैं।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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सुकेन्द्रिक (Eukaryotic) कोशिकाओं के भीतर विभिन्न कोशिकांगों (Organelles) की झिल्ली प्रणालियों, प्रोटीन लक्ष्यीकरण (Protein targeting) और कोशिका विभाजन के विनियामक तंत्रों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. परऑक्सिसोम (Peroxisomes) एकल झिल्ली से घिरे ऐसे सूक्ष्म कोशिकांग हैं जिनमें कैटालेज और ऑक्सीडेज एंजाइम पाए जाते हैं, जो हाइड्रोजन पेरोक्साइड के चयापचय में मदद करते हैं, और इनका निर्माण अंतःद्रव्यी जालिका (ER) से सीधे बडिंग द्वारा होता है।
2. केंद्रक आवरण (Nuclear envelope) के छिद्र परिसर (Nuclear pore complex) से प्रोटीनों का परिवहन एक सक्रिय प्रक्रिया है जो 'रैन' (Ran) GTPase चक्र द्वारा संचालित होती है, जिसमें केंद्रक में प्रवेश करने वाले प्रोटीनों पर विशिष्ट 'न्यूक्लियर लोकलाइज़ेशन सिग्नल' (NLS) उपस्थित होता है।
3. कोशिका चक्र के नियंत्रण में साइक्लिन-डिपेंडेंट किनेसेस (CDKs) की सक्रियता के लिए विशिष्ट 'साइक्लिन' (Cyclins) प्रोटीनों का जुड़ना आवश्यक होता है, और ग्याप-1 ($G_1$) चरण से संश्लेषण ($S$) चरण में संक्रमण को रोकने वाले 'रेटिनोब्लास्टोमा' (Rb) प्रोटीन के फॉस्फोरिलीकरण से E2F ट्रांसक्रिप्शन कारक मुक्त होते हैं।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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प्रकाशिकी (Optics) के अंतर्गत लेंसों, दर्पणों और प्रकाश के अपवर्तन-परावर्तन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जब कोई प्रकाश किरण किसी सघन माध्यम से विरल माध्यम में प्रवेश करती है और आपतन कोण क्रांतिक कोण से अधिक हो जाता है, तो पूर्ण आंतरिक परावर्तन होता है, और इस घटना के दौरान परावर्तन के सामान्य नियम ($i = r$) पूरी तरह से लागू होते हैं।
2. एक पतले उत्तल लेंस को जब ऐसे द्रव में डुबोया जाता है जिसका अपवर्तनांक लेंस के पदार्थ के अपवर्तनांक से अधिक होता है, तो लेंस की अभिसारी प्रकृति अपरिवर्तित रहती है किंतु उसकी फोकस दूरी अनंत हो जाती है जिससे वह समतल कांच की भांति व्यवहार करता है।
3. गोलीय दर्पणों के लिए दर्पण सूत्र ($\frac{1}{f} = \frac{1}{v} + \frac{1}{u}$) केवल परपेक्सी (Paraxial) किरणों के लिए ही वैध होता है, अर्थात उन किरणों के लिए जो मुख्य अक्ष के अत्यंत निकट होती हैं और जिनका आपतन कोण बहुत छोटा होता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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पादप जगत के वर्गीकरण, प्रकाश संश्लेषण के तंत्र और पादप हार्मोन्स की क्रियाविधि के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ब्रायोफाइट्स को पादप जगत का 'उभयचर' कहा जाता है क्योंकि ये मृदा में उगते हैं किंतु लैंगिक जनन के लिए जल की उपस्थिति अनिवार्य होती है, और इनमें मुख्य पादप शरीर गेमेटोफाइट (युग्मकोद्भिद्) होता है जो बीजाणुद्भिद (स्पोरोफाइट) पर पोषण के लिए आंशिक रूप से निर्भर रहता है।
2. C3 पौधों की तुलना में C4 पौधों में प्रकाश श्वसन (Photorespiration) की दर नगण्य होती है, जिसका मुख्य कारण यह है कि उनमें रुबिको (RuBisCO) एंजाइम बंडल शीथ कोशिकाओं में उच्च सांद्रता में पाया जाता है जहाँ कार्बन डाइऑक्साइड का सांद्रण मैलिक अम्ल के डीकार्बोक्सिलेशन द्वारा बढ़ जाता है।
3. ऑक्सिन (जैसे IAA) त्रेपोट्रॉपिज्म और फोटोट्रॉपिज्म की क्रियाओं को नियंत्रित करता है, जहाँ प्रकाश के विपरीत दिशा में ऑक्सिन का पार्श्व वितरण अधिक हो जाने के कारण त्रेपोट्रॉपिक वक्रता उत्पन्न होती है, जिसे डार्विन और उनके पुत्र द्वारा कैनरी ग्रास के कोलियोप्टाइल पर किए गए प्रयोगों से समझा गया था।
4. जिबरेलिन (Gibberellin) आनुवंशिक रूप से बौने पौधों में internode (पर्वान्तर) के दीर्घीकरण को प्रेरित करके उनकी लंबाई बढ़ाते हैं, और ये बीज अंकुरण के दौरान एल्यूरोन परत पर प्रभाव डालकर अल्फा-एमाइलेज जैसे हाइड्रोलिटिक एंजाइमों के संश्लेषण को उत्प्रेरित करते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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कोशिका का ऊर्जा गृह किसे कहा जाता है?
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