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General Science
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कार्बनिक रसायन में हाइड्रोकार्बन और उनके रासायनिक गुणों तथा ईंधन की गुणवत्ता के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. एल्काइन्स (Alkynes) में कार्बन-कार्बन त्रि-बंध (Triple bond) उपस्थित होने के कारण ये असंतृप्त हाइड्रोकार्बन होते हैं, और इनका कार्बन परमाणु $sp$ संकरित (Hybridized) होता है, जिसके कारण इनका प्रचुर मात्रा में हाइड्रोजन आयन ($H^+$) त्यागने का गुण इन्हें एल्केन्स और एल्कीन्स की तुलना में अधिक अम्लीय बनाता है।
  2. 2. एलपीजी (LPG) का मुख्य घटक ब्यूटेन और प्रोपेन का मिश्रण है, और इसके रिसाव का आसानी से पता लगाने के लिए इसमें तीक्ष्ण गंध वाला कार्बन यौगिक 'इथाइल मर्कैप्टन' ($CH_3CH_2SH$) मिलाया जाता है, जो एक सल्फर यौगिक है।
  3. 3. डीजल इंजन की दहन गुणवत्ता और 'अपस्फोटन' (Knocking) को मापने के लिए 'सीटेन संख्या' (Cetane number) का उपयोग किया जाता है, जिसमें उच्च सीटेन संख्या कम प्रज्वलन विलंब (Ignition delay) और बेहतर ईंधन गुणवत्ता को दर्शाती है, तथा इसके मानक के रूप में 'ऐल्फा-मिथाइलनेफ्थलीन' को 100 तथा 'n-हेप्टाडेकेन' को शून्य अंक दिया जाता है।

उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है: एल्काइन्स (जैसे एसिटिलीन) में त्रि-बंध से जुड़े कार्बन परमाणु $sp$ संकरित होते हैं। $sp$ संकृत कक्षकों में 's' लक्षण (50%) अधिक होने के कारण नाभिक का इलेक्ट्रॉन मेघ पर आकर्षण बढ़ जाता है, जिससे उनके हाइड्रोजन परमाणु अपेक्षाकृत अधिक अम्लीय प्रकृति दर्शाते हैं। कथन 2 सही है: द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (LPG) मुख्य रूप से प्रोपेन और ब्यूटेन का मिश्रण होती है जो गंधहीन होती है। इसके रिसाव का तुरंत संसूचन करने के लिए इसमें एथिल मर्कैप्टन जैसी तीव्र दुर्गंध वाली गंधयुक्त सल्फर गैस मिलाई जाती है। कथन 3 गलत है: डीजल की गुणवत्ता मापने के लिए सीटेन संख्या का उपयोग किया जाता है, जिसमें उच्च सीटेन संख्या वाले 'cetane' (n-hexadecane) को 100 और निम्न गुणवत्ता वाले 'alpha-methylnaphthalene' को 0 अंक दिया जाता है (प्रश्न में इनके मान विपरीत दिए गए हैं)। हाइड्रोकार्बन और ईंधनों के बारे में अधिक जानने के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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